पश्चिमी चंपारण से शुरू हुई सद्भाव यात्रा के तहत पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार का रविवार देर शाम चौतरवा में स्वागत किया गया। उनका काफिला रात करीब 8 बजे बगहा पुलिस जिला अंतर्गत चौतरवा के कॉमन प्लांट के पास पहुंचा, जहां नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखा गया। इस अवसर पर जदयू एमएलसी भीष्म सहनी, जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक प्रभात रंजन सिंह, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष जीतन जायसवाल, सुबोध कुमार, पूर्व मुखिया धनंजय यादव, मुखिया प्रतिनिधि आनंद साही और मुकेश शर्मा सहित कई गणमान्य लोगों ने निशांत कुमार का स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने उन्हें लड्डुओं से तौलकर सम्मानित किया, जो इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। चौतरवा थानाध्यक्ष शुभम कुमार, नदी थानाध्यक्ष दीपक कुमार, धनहा थाना के इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष अमित कुमार और सर्किल इंस्पेक्टर रमाकांत तिवारी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात था, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। स्वागत के बाद सद्भाव यात्रा का काफिला बगहा की ओर रवाना हो गया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, निशांत कुमार वाल्मीकिनगर में रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन सुबह वे वाल्मीकिनगर से बगहा और चौतरवा होते हुए बेतिया पहुंचेंगे, जहां कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे। इसके बाद वे पटना के लिए प्रस्थान करेंगे। संगठन को मजबूत करना और जनसंवाद यात्रा का मुख्य लक्ष्य इस अवसर पर निशांत कुमार ने अपनी यात्रा का उद्देश्य बताया। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य जदयू संगठन को मजबूत करना, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करना और समाज में भाईचारा व एकता का संदेश फैलाना है। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपने पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए संकल्पित हैं और बिहार के विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाना तथा लोगों की समस्याओं को सुनना उनकी प्राथमिकता है। जदयू एमएलसी भीष्म सहनी ने कहा कि यह सद्भाव यात्रा पार्टी में नई ऊर्जा का संचार करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निशांत कुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का मनोबल मजबूत होगा और संगठन को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम के अंत में स्थानीय नेताओं ने निशांत कुमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना की।
निशांत कुमार की सद्भाव यात्रा का चौतरवा में स्वागत:कार्यकर्ताओं ने लड्डुओं से तौला, बोले- पिता के सपने पूरे करूंगा
पश्चिमी चंपारण से शुरू हुई सद्भाव यात्रा के तहत पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार का रविवार देर शाम चौतरवा में स्वागत किया गया। उनका काफिला रात करीब 8 बजे बगहा पुलिस जिला अंतर्गत चौतरवा के कॉमन प्लांट के पास पहुंचा, जहां नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखा गया। इस अवसर पर जदयू एमएलसी भीष्म सहनी, जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक प्रभात रंजन सिंह, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष जीतन जायसवाल, सुबोध कुमार, पूर्व मुखिया धनंजय यादव, मुखिया प्रतिनिधि आनंद साही और मुकेश शर्मा सहित कई गणमान्य लोगों ने निशांत कुमार का स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने उन्हें लड्डुओं से तौलकर सम्मानित किया, जो इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। चौतरवा थानाध्यक्ष शुभम कुमार, नदी थानाध्यक्ष दीपक कुमार, धनहा थाना के इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष अमित कुमार और सर्किल इंस्पेक्टर रमाकांत तिवारी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात था, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। स्वागत के बाद सद्भाव यात्रा का काफिला बगहा की ओर रवाना हो गया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, निशांत कुमार वाल्मीकिनगर में रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन सुबह वे वाल्मीकिनगर से बगहा और चौतरवा होते हुए बेतिया पहुंचेंगे, जहां कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे। इसके बाद वे पटना के लिए प्रस्थान करेंगे। संगठन को मजबूत करना और जनसंवाद यात्रा का मुख्य लक्ष्य इस अवसर पर निशांत कुमार ने अपनी यात्रा का उद्देश्य बताया। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य जदयू संगठन को मजबूत करना, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करना और समाज में भाईचारा व एकता का संदेश फैलाना है। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपने पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए संकल्पित हैं और बिहार के विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाना तथा लोगों की समस्याओं को सुनना उनकी प्राथमिकता है। जदयू एमएलसी भीष्म सहनी ने कहा कि यह सद्भाव यात्रा पार्टी में नई ऊर्जा का संचार करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निशांत कुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का मनोबल मजबूत होगा और संगठन को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम के अंत में स्थानीय नेताओं ने निशांत कुमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना की।

