Thursday, June 18, 2026

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महाशिवरात्रि पर पटना के शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब:आज भगवान शिव के प्रिय नक्षत्र, दिनभर जलाभिषेक-रुद्राभिषेक, शाम को होगा शिव श्रृंगार


आज महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिरों और शिवालयों को कई तरह के फूल, झंडा, पताका और आकर्षक बल्बों से सजाया गया है। मंदिर में पूरे दिन जलाभिषेक, रुद्राभिषेक हो रहा है। इसके बाद संध्या बेला में शिव श्रृंगार होगा। महाशिवरात्रि के दिन उत्तराषाढ़ा और श्रवण नक्षत्र के साथ व्यतिपात योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और जयद् योग का संयोग बन रहा है। उत्तराषाढ़ा और श्रवण दोनों ही नक्षत्र भगवान शिव के प्रिय नक्षत्र हैं। सहस्त्र अश्वमेघ यज्ञ का मिलेगा पुण्य ज्योतिषी राकेश झा ने सूर्य पुराण के हवाले से कहा कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव पृथ्वीलोक पर भ्रमण करने निकलते हैं। इसलिए इस दिन पूजा से सालभर के शिवरात्रि के समान पुण्य मिलता है। शिवरात्रि का पूजा करने से श्रद्धालुओं को एक हजार अश्वमेघ यज्ञ तथा सैकड़ों वाजपेयी यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है। गौरी शंकर मंदिर में 7 बार आरती और 7 बार भोग लगेगा पटना के गायघाट स्थित गौरी शंकर मंदिर को भी भव्य तरीके से सजाया गया है। सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखने को मिली। मंदिर के पुजारी गौरी शंकर झा ने बताया कि आम दिनों में तीन बार भगवान की आरती होती थी, मगर आज महाशिवरात्रि के दिन सात बार आरती होगी और भगवान को सात बार भोग लगेगा। रात में बारात आएगी और सुबह 4 बजे भगवान का विवाह होगा। मनपसंद लड़के से शादी की मनोकामना भगवान ने पूरी की- श्रद्धालु बेतिया से आई भक्त नीतू कुमारी ने कहा कि शिवरात्रि की पूजा मन की शांति के लिए किया जाता है और कई लोग कहते हैं कि यह वर के लिए होता है। मैं मन की शांति के लिए आज मंदिर में पूजा करने आई हूं और मुझे यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। महावीर मंदिर में होगा 60 रूद्राभिषेक पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर में महाशिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक होगा। महावीर मंदिर में मौजूद चारों शिवलिंग पर 60 रूद्राभिषेक के लिए बुकिंग हुई है। यह रुद्राभिषेक सुबह 5 बजे से लेकर रात 10 बजे तक होगा। शिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक करने के लिए भक्तों ने पहले से ही बुकिंग की है। इसके लिए भक्तों को बाहर से कोई भी सामान लाने की जरूरत नहीं है। दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, बेलपत्र, भांग, धतूरा, आदि सामग्री सब चीज मंदिर से ही मिलेगी। भक्तों को सुबह से लेकर देर रात तक रुद्राभिषेक ब्राह्मणों के द्वारा कराया जाएगा। चारों शिवलिंग पर होगा रुद्राभिषेक महावीर मंदिर के बुकिंग काउंटर के संचालक पंडित राम मिलन ने बताया कि मंदिर में चार शिवलिंग में रुद्राभिषेक होगा। नीचे प्राचीन शिवलिंग पर कुल 17 रुद्राभिषेक, ऊपर शीशा बंद शिवलिंग पर कुल 17 रुद्राभिषेक और बीच में हनुमानजी के बगल में स्थित शिवलिंग पर कुल 9 रुद्राभिषेक होंगे। इसके अलावा सबसे ऊपर वाले फ्लोर पर एक और नई शिवलिंग स्थापित की गयी है, जहां भी 17 रुद्राभिषेक होगा। सोमनाथ और विराट रामायण मंदिर थीम पर बनी झांकी इसके साथ ही महाशिवरात्रि पर खाजपुरा शिव मंदिर में भव्य आयोजन किया जाएगा। राजधानी के अलग-अलग इलाकों से 30 शोभायात्राएं और शिव-बारात झांकियां निकाली जाएंगी। इस बार ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ और ‘विराट रामायण मंदिर में 33 फुट ऊंचे शिवलिंग’ की थीम पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। तांडव नृत्य, गंगा आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा मंदिर परिसर में मुख्य समारोह होगा, जहां शोभायात्राओं के स्वागत के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन संध्या, तांडव नृत्य, गंगा आरती और महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, केंद्र व राज्य सरकार के कई मंत्री, धर्माचार्य और समाज के प्रबुद्ध जन भाग लेंगे और शोभायात्राओं के अभिनंदन के साथ झांकियों की आरती उतारेंगे। मुख्य मंच पर शोभायात्रा समितियों को प्रतीक चिह्न, मेडल व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया जाएगा। 20 स्थानों पर श्रद्धालुओं पर होगी पुष्प वर्षा विधायक संजीव चौरसिया ने बताया कि बेली रोड, वीरचंद पटेल पथ और जेपी गंगा पथ पर बड़ी-बड़ी शिव पताकाएं लगाई गई हैं। जिन मुहल्लों से शोभायात्राएं निकलेंगी, उनका रूट चार्ट तैयार है। शोभायात्रा मार्ग में जगह-जगह तोरण द्वार बनाए जा रहे हैं। 20 स्थानों पर शोभायात्राओं पर पुष्प वर्षा की जाएगी और शरबत-पानी के स्टॉल लगाए जाएंगे। समारोह स्थल के पास बना 60 फीट लंबा मंच मुख्य समारोह स्थल के पास 60 फीट लंबा मंच बना है। पहले मंच पर अतिथि शिव बारात झांकियों की आरती करेंगे, दूसरे मंच पर भजन संध्या और तांडव नृत्य होगा और तीसरे मंच से गंगा आरती होगी। मुख्य मार्गों पर तोरण द्वार बनाए जाएंगे। घरों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को झंडों से पाटा गया। मुख्य समारोह स्थल, खाजपुरा शिव मंदिर परिसर को रंगीन बल्बों और झालरों से सजाया गया।

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