रांची4 घंटे पहले
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पेट सीटी स्कैन मशीन।
झारखंड के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान रिम्स में जल्द ही पेट-सीटी स्कैन की सुविधा शुरू होने जा रही है। इसके लिए रिम्स प्रबंधन ने टेंडर जारी कर दिया है। पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर इस सेवा को स्थापित, संचालित और मेंटेन किया जाएगा।
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिम्स में कैंसर जांच और इलाज की दिशा में यह एक बड़ा बदलाव साबित होगा। पेट-सीटी स्कैन कैंसर की पहचान और उसके स्टेज का सटीक पता लगाने के लिए सबसे उन्नत तकनीकों में से एक है। इससे यह स्पष्ट होता है कि शरीर में ट्यूमर कहां है, कितना फैल चुका है और इलाज का कितना असर हो रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बिना पेट-सीटी स्कैन के कई मामलों में कैंसर की सही स्टेजिंग संभव नहीं हो पाती है। ऐसे में रिम्स में यह सुविधा शुरू होना मरीजों के लिए वरदान है। अब तक झारखंड के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज या अस्पताल में पेट-सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में बाहर जांच कराने पर मरीजों को करीब 20 से 25 हजार रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं।
राज्य के कैंसर मरीजों की जांच के लिए बड़ा कदम
झारखंड में कैंसर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सरकारी स्तर पर उन्नत जांच सुविधाओं की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। रिम्स में पेट-सीटी स्कैन की शुरुआत से न सिर्फ मरीजों को सस्ती और सुलभ जांच मिलेगी, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था भी मजबूत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि कैंसर के इलाज में समय पर और सटीक जांच सबसे अहम होती है। पेट-स्कैन स्कैन की सुविधा मिलने से मरीजों का सही समय पर डायग्नोसिस हो सकेगा और इलाज की सफलता दर भी बढ़ेगी।
रिम्स में यह सुविधा शुरू होने के बाद…
आयुष्मान कार्ड धारक और बीपीएल परिवारों की जांच मुफ्त होगी।
सामान्य मरीजों को 5 हजार रुपए से भी कम में जांच उपलब्ध होगी।
मरीजों को राज्य से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इलाज में देरी कम होगी और समय पर सही उपचार मिल सकेगा।
पीपीपी मोड में होगी सेवा की शुरुआत
रिम्स द्वारा जारी टेंडर के तहत योग्य एजेंसियों को पेट-सीटी स्कैन सेवा स्थापित करने, संचालित करने और उसका रखरखाव करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। ई-टेंडर के माध्यम से तकनीकी और वित्तीय प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित एजेंसी रिम्स परिसर में मशीन स्थापित करेगी, जिससे अस्पताल में अत्याधुनिक जांच सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।



