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गोड्डा लोकसभा क्षेत्र के सांसद निशिकांत दुबे ने देवघर में जनगणना अभियान में स्वयं पंजीकरण कराकर लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया। दिल्ली से देवघर पहुंचने के बाद उन्होंने संबंधित सांख्यिकी पदाधिकारी के समक्ष अपनी स्व-जनगणना प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जनगणना देश के विकास, संसाधनों के सही उपयोग और योजनाओं के निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। संविधान के अनुसार, प्रत्येक दस वर्षों पर जनगणना कराई जाती है, जिससे देश की वास्तविक जनसंख्या और सामाजिक स्थिति का सही आकलन हो सके। जनगणना कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा सांसद ने बताया कि वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के कारण जनगणना कार्य समय पर नहीं हो सका था। अब केंद्र सरकार इसे पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में घरों की गिनती की जाएगी। इसमें यह दर्ज होगा कि कितने घर हैं, उनकी स्थिति कैसी है (पक्का या कच्चा), और उनमें किस प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह प्रक्रिया मई महीने से शुरू होकर जून के मध्य तक चलेगी। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में वर्ष 1931 के बाद पहली बार जातिगत आधार पर जनसंख्या के आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे। इससे विभिन्न वर्गों की वास्तविक संख्या सामने आएगी और भविष्य की सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि आधुनिक तकनीक ने जनगणना प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। अब लोग मोबाइल ऐप के माध्यम से कुछ ही मिनटों में अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना अभियान में सक्रिय भागीदारी करें, ताकि देश के विकास की योजनाएं सही आंकड़ों के आधार पर बनाई जा सकें।


