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भास्कर एक्सपर्ट मौसम में लगातार बदलाव और बढ़ती नमी के बीच जिले में त्वचा रोग तेजी से फैल रहा है। सदर अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों प्रतिदिन 500 से 550 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, इनमें चर्म रोग विभाग में ही रोजाना 70 से 75 मरीज आ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार इनमें करीब 40 प्रतिशत बच्चे और 25 प्रतिशत बुजुर्ग शामिल हैं। गौरतलब है कि आउटडोर में काम करने वाले मजदूर, किसान और स्कूली बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। मौसम में नमी, धूल और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण पसीना बढ़ रहा है, जिससे फंगल इंफेक्शन, एलर्जी और एक्जिमा के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। मई के पहले सप्ताह से मौसम में नमी बढ़ी है और तापमान भी अस्थिर बना हुआ है। गर्मी के साथ पसीना और धूल-मिट्टी का संपर्क त्वचा के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है। बीते वर्ष मई में जहां रोजाना 40-45 मरीज आते थे, वहीं इस बार संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। सबसे ज्यादा दाद, खुजली, फोड़े-फुंसी और कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस के मरीज सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार आने वाले दो से तीन सप्ताह तक मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है। मानसून से पहले का यह नमी भरा मौसम त्वचा रोगों के लिए सबसे संवेदनशील माना जाता है। बच्चों की त्वचा नाजुक होने के कारण उनमें रैशेज और एलर्जी जल्दी होती है, जबकि बुजुर्गों में बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा अधिक रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई मरीज बिना चिकित्सकीय सलाह के मेडिकल क्रीम खरीदकर इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे संक्रमण और गंभीर हो रहा है। डॉ. शफी नेयाजचर्म रोग विशेषज्ञ,सदर अस्पताल, बोकारो लक्षणों को नजरअंदाज न करें
पसीना आने पर तुरंत कपड़े बदलने चाहिए। गीले कपड़े शरीर पर चिपके रहने से फंगल इंफेक्शन तेजी से पनपता है। नमी वाली जगहों पर टैलकम पाउडर का इस्तेमाल फायदेमंद होता है। टाइट और सिंथेटिक कपड़े पसीना रोकते हैं, जिससे एलर्जी बढ़ती है। ऐसे मौसम में सूती कपड़े पहनना बेहतर रहता है। साथ ही साफ पानी का उपयोग, भरपूर पानी पीना और विटामिन-सी युक्त फल व हरी सब्जियां खाना जरूरी है। अगर किसी व्यक्ति को बार-बार स्किन इंफेक्शन हो रहा है, तो ब्लड शुगर की जांच भी करानी चाहिए। लगातार खुजली होना त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ना फोड़े-फुंसी निकलना पसीने वाली जगहों पर जलन त्वचा का काला या सफेद पड़ना बच्चों में रैशेज और जलन बचाव के आसान उपाय रोजाना साफ और सूखे कपड़े पहनें पसीना होने पर तुरंत कपड़े बदलें भीड़भाड़ और गंदगी वाली जगहों से बचें बिना डॉक्टर सलाह क्रीम का उपयोग न करें सूती कपड़ों का इस्तेमाल करें शरीर को सूखा और साफ रखें पर्याप्त पानी और पौष्टिक भोजन लें सिटी एंकर


