बांका के शंभूगंज प्रखंड अंतर्गत भागवतचक गांव में रविवार शाम मकई फसल को लेकर हुए विवाद में हिंसक झड़प हो गई। इस घटना में पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान बहादुर दास और उनके बेटे छोटू कुमार के रूप में हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर किया गया है। घायल बहादुर दास ने बताया कि विवाद की शुरुआत लगभग एक सप्ताह पहले हुई थी। उनके पड़ोसी नरेश दास, जो उकित दास की खेती-बाड़ी संभालते हैं, की एक बकरी मकई की फसल में घुस गई थी। इस बात पर नरेश दास ने गाली-गलौज शुरू कर दी थी, जिसके बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया था। तब ग्रामीणों के हस्तक्षेप से दोनों पक्षों को शांत कराया गया था। गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिरे रविवार शाम को मकई फसल बर्बाद होने की बात को लेकर यह विवाद फिर से भड़क उठा। आरोप है कि विरोध करने पर नरेश दास और उनके परिजनों ने मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर बहादुर दास के पुत्र छोटू कुमार बीच-बचाव करने पहुंचे। इसी दौरान नरेश दास और उनके पुत्रों ने फरसे से छोटू कुमार की गर्दन पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। वहां चिकित्सक डॉ. संदीप भारती ने दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें भागलपुर मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। इस मामले में पीड़ित जवाहर दास ने नरेश दास सहित आधा दर्जन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। थानाध्यक्ष राजकुमार प्रसाद ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
फसल विवाद में पिता-बेटे के गर्दन पर फरसे से हमला:बांका में गंभीर हालत में मायागंज अस्पताल रेफर, पहले भी हुई थी हाथापाई
बांका के शंभूगंज प्रखंड अंतर्गत भागवतचक गांव में रविवार शाम मकई फसल को लेकर हुए विवाद में हिंसक झड़प हो गई। इस घटना में पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान बहादुर दास और उनके बेटे छोटू कुमार के रूप में हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर किया गया है। घायल बहादुर दास ने बताया कि विवाद की शुरुआत लगभग एक सप्ताह पहले हुई थी। उनके पड़ोसी नरेश दास, जो उकित दास की खेती-बाड़ी संभालते हैं, की एक बकरी मकई की फसल में घुस गई थी। इस बात पर नरेश दास ने गाली-गलौज शुरू कर दी थी, जिसके बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया था। तब ग्रामीणों के हस्तक्षेप से दोनों पक्षों को शांत कराया गया था। गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिरे रविवार शाम को मकई फसल बर्बाद होने की बात को लेकर यह विवाद फिर से भड़क उठा। आरोप है कि विरोध करने पर नरेश दास और उनके परिजनों ने मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर बहादुर दास के पुत्र छोटू कुमार बीच-बचाव करने पहुंचे। इसी दौरान नरेश दास और उनके पुत्रों ने फरसे से छोटू कुमार की गर्दन पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। वहां चिकित्सक डॉ. संदीप भारती ने दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें भागलपुर मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। इस मामले में पीड़ित जवाहर दास ने नरेश दास सहित आधा दर्जन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। थानाध्यक्ष राजकुमार प्रसाद ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

