कैमूर में साल 2026 के शुरुआती चार महीनों में जिले में 103 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 99 लोगों की मौत हो गई। इन हादसों में 56 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या साल-दर-साल बढ़ रही है। वर्ष 2024 में 249 हादसों में 210 मौतें हुई थीं, जबकि 2025 में 313 हादसों में 237 लोगों ने अपनी जान गंवाई। डंपर-ट्रैक्टरों का अनियंत्रित परिचालन बना मुख्य कारण इन दुर्घटनाओं का एक मुख्य कारण सड़कों पर तेज रफ्तार हाइवा, डंपर और ट्रैक्टरों का अनियंत्रित परिचालन है। इसके अतिरिक्त, सड़कों पर अनियंत्रित रूप से खड़े वाहन और अत्यधिक गति भी हादसों की प्रमुख वजह मानी जा रही है। जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) रवि रंजन ने बताया कि विभाग इन हादसों को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। ब्लैक स्पॉट की पहचान कर उन स्थानों पर सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही, वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटनाओं को रोकने के लिए चार थाना क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि अनियंत्रित वाहनों और तेज गति पर लगाम लगाई जा सके।
4 महीने में सड़क दुर्घटना में 99 मौतें:कैमूर में परिवहन विभाग ने ब्लैक स्पॉट किया चिन्हित, डंपर-ट्रैक्टरों का अनियंत्रित परिचालन बना मुख्य कारण
कैमूर में साल 2026 के शुरुआती चार महीनों में जिले में 103 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 99 लोगों की मौत हो गई। इन हादसों में 56 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या साल-दर-साल बढ़ रही है। वर्ष 2024 में 249 हादसों में 210 मौतें हुई थीं, जबकि 2025 में 313 हादसों में 237 लोगों ने अपनी जान गंवाई। डंपर-ट्रैक्टरों का अनियंत्रित परिचालन बना मुख्य कारण इन दुर्घटनाओं का एक मुख्य कारण सड़कों पर तेज रफ्तार हाइवा, डंपर और ट्रैक्टरों का अनियंत्रित परिचालन है। इसके अतिरिक्त, सड़कों पर अनियंत्रित रूप से खड़े वाहन और अत्यधिक गति भी हादसों की प्रमुख वजह मानी जा रही है। जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) रवि रंजन ने बताया कि विभाग इन हादसों को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। ब्लैक स्पॉट की पहचान कर उन स्थानों पर सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही, वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटनाओं को रोकने के लिए चार थाना क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि अनियंत्रित वाहनों और तेज गति पर लगाम लगाई जा सके।

