कटिहार के बलिया बैलोन थाना क्षेत्र के अरंडा खारी टोला गांव में बच्चों के मामूली विवाद में एक पिता की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। घटना 3 मई को हुई थी मृतक की पहचान 52 वर्षीय मो. मुजम्मिल हक के रूप में हुई है, जो कटिहार रजिस्ट्री ऑफिस में मुंशी के पद पर कार्यरत थे। परिजनों के अनुसार, यह घटना 3 मई को हुई थी, जब मृतक के पुत्र मुस्फिक का गांव के ही गुलाम रब्बानी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। बच्चों के बीच बढ़ते विवाद को शांत कराने के लिए मुजम्मिल हक मौके पर पहुंचे थे। परिवार का आरोप है कि इसी दौरान गुलाम रब्बानी अपने परिवार के अन्य सदस्यों अरशद, तयूम, रुखसाना खातून और अख्तरी खातून के साथ मिलकर मुजम्मिल हक पर हमला कर दिया। आरोपियों ने उनकी बेरहमी से पिटाई की। बीच-बचाव करने पहुंची उनकी पत्नी रोजी खातून के साथ भी मारपीट की गई। परिजनों का दावा है कि मारपीट के दौरान मुजम्मिल हक का गला भी दबाया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मामले में नामजद प्राथमिकी दर्ज इस मामले में बलिया बैलोन थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। हालांकि, घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी अब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी गांव लौट आया था, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस की कथित निष्क्रियता से नाराज मृतक की पत्नी रोजी खातून सोमवार को परिजनों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है कि जो भी आरोपी हैं, उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अवश्य की जाएगी।
कटिहार में बच्चों के विवाद में पिता की जान गई:बच्चों को शांत कराने पहुंचे थे, परिवार ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
कटिहार के बलिया बैलोन थाना क्षेत्र के अरंडा खारी टोला गांव में बच्चों के मामूली विवाद में एक पिता की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। घटना 3 मई को हुई थी मृतक की पहचान 52 वर्षीय मो. मुजम्मिल हक के रूप में हुई है, जो कटिहार रजिस्ट्री ऑफिस में मुंशी के पद पर कार्यरत थे। परिजनों के अनुसार, यह घटना 3 मई को हुई थी, जब मृतक के पुत्र मुस्फिक का गांव के ही गुलाम रब्बानी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। बच्चों के बीच बढ़ते विवाद को शांत कराने के लिए मुजम्मिल हक मौके पर पहुंचे थे। परिवार का आरोप है कि इसी दौरान गुलाम रब्बानी अपने परिवार के अन्य सदस्यों अरशद, तयूम, रुखसाना खातून और अख्तरी खातून के साथ मिलकर मुजम्मिल हक पर हमला कर दिया। आरोपियों ने उनकी बेरहमी से पिटाई की। बीच-बचाव करने पहुंची उनकी पत्नी रोजी खातून के साथ भी मारपीट की गई। परिजनों का दावा है कि मारपीट के दौरान मुजम्मिल हक का गला भी दबाया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मामले में नामजद प्राथमिकी दर्ज इस मामले में बलिया बैलोन थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। हालांकि, घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी अब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी गांव लौट आया था, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस की कथित निष्क्रियता से नाराज मृतक की पत्नी रोजी खातून सोमवार को परिजनों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है कि जो भी आरोपी हैं, उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अवश्य की जाएगी।


