शेखर आनंद की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्यों का अविलंब निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ कार्यक्रम पर विशेष जोर
बैठक में ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विशेष बल दिया गया। डीएम ने मुख्यमंत्री जनता दरबार, सीएम डैशबोर्ड, उच्च न्यायालय में लंबित परिवाद, सीडब्ल्यूजेसी और एमजेसी जैसे मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सभी पंचायतों में सहयोग शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में पंचायत सरकार भवनों में लोगों से आवेदन लिए जाएंगे और समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा। पीएम सौर ऊर्जा योजना और भू-स्थानांतरण पर निर्देश
बैठक में बताया गया कि पीएम सौर ऊर्जा योजना के तहत 66 आवेदन लंबित हैं। डीएम ने इन आवेदनों की जांच कर शीघ्र निष्पादन के लिए कार्यपालक अभियंता (बिजली) को निर्देशित किया। साथ ही सभी अंचलाधिकारियों को भू-स्थानांतरण के लिए जमीन चिह्नित कर जल्द से जल्द जिला पदाधिकारी को सूचित करने का निर्देश दिया गया। भू-स्थानांतरण, परिमार्जन और भूमि विवाद के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने पर भी जोर दिया गया। बड़े बकायेदारों पर होगी कार्रवाई
जिला पदाधिकारी ने जिला नीलाम पत्रवाद के तहत बड़े बकायेदारों के विरुद्ध शीघ्र पत्राचार करने का निर्देश दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को सप्ताह में पांच दिन नीलाम पत्रवाद की सुनवाई करने को कहा गया। आंगनबाड़ी केंद्र, शौचालय और चापाकल मरम्मत के निर्देश
कार्यपालक अभियंता (पीएचईडी) को आपदा विभाग के तहत पशुओं के लिए पानी पीने के नाद, आंगनबाड़ी केंद्र और शौचालय निर्माण कराने के निर्देश दिए गए। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी को आईसीडीएस और मनरेगा योजना के अभिसरण से आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण हेतु आवश्यक कार्रवाई कर अद्यतन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया। वहीं गर्मी के मौसम को देखते हुए अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान ने लोक स्वास्थ्य कार्य प्रमंडल को जिले के खराब चापाकलों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि समय पर उनकी मरम्मत और रखरखाव सुनिश्चित किया जा सके। जनता दरबार में सुनी गईं लोगों की समस्याएं
इसी दिन जिलाधिकारी शेखर आनंद ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ कार्यक्रम के तहत आम नागरिकों की समस्याएं भी सुनीं। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने जमीन विवाद, राशन कार्ड, मारपीट, मृत्यु मुआवजा, बिजली बिल सुधार, पेयजल आपूर्ति, ट्रांसफार्मर लगाने, प्राथमिकी दर्ज कराने और अतिक्रमण हटाने समेत कई मामलों से संबंधित आवेदन दिए। जिलाधिकारी के समक्ष कुल 11 आवेदन प्राप्त हुए। उन्होंने सभी फरियादियों को एक-एक कर बुलाया और उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। “हर नागरिक को सम्मान मिलना प्रशासन की प्राथमिकता”
डीएम ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य हर नागरिक को सम्मान देना और उनकी समस्याओं का समाधान कर जीवन को आसान बनाना है। उन्होंने बताया कि ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ कार्यक्रम जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाना और जनता व प्रशासन के बीच की दूरी को कम करना है। जिला प्रशासन की सक्रियता से स्थानीय लोगों में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है और लंबित मामलों के समाधान में तेजी आई है। इस दौरान प्रभारी पदाधिकारी जिला जनता दरबार-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 का विधिवत उद्घाटन
इधर, बिहार के मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहयोग पोर्टल और सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 का विधिवत उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में शेखपुरा के जिलाधिकारी शेखर आनंद और पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी सहित अन्य जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।
उद्घाटन के बाद, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में मंथन सभागार में सहयोग शिविर को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1100 राज्य के नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी सहायता प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
यह हेल्पलाइन नंबर पूरी तरह से निःशुल्क है। नागरिक सहयोग पोर्टल पर कभी भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके माध्यम से आमजन अपनी समस्याओं और शिकायतों को आसानी से दर्ज करा सकेंगे और उनके समाधान की निगरानी भी सुनिश्चित की जाएगी। पंचायत स्तर पर प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा।
दर्ज की गई शिकायतों का 30 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित कर आवेदक को लिखित सूचना दी जाएगी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों और समस्याओं का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें, ताकि आम नागरिकों का विश्वास शासन-प्रशासन में और अधिक मजबूत हो सके।
इस बैठक में अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान, उप विकास आयुक्त संजय कुमार, अपर समाहर्ता (विभागीय जांच), सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉ. राकेश कुमार, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, भूमि सुधार उपसमाहर्ता, जिला परिवहन पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

