सुपौल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हथियारों के साथ आठ अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार ये सभी आरोपी नगर परिषद क्षेत्र स्थित गणपति मैरेज हॉल के पीछे एक अर्धनिर्मित पक्के मकान में जुटकर हथियारों की खरीद-बिक्री, नशाखोरी और लूट-झपटमारी की योजना बना रहे थे। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई को पुलिस ने अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ी सफलता बताया है। पुलिस टीम ने छापेमारी की जानकारी के अनुसार सुपौल एसपी शरथ आरएस के निर्देश पर पुलिस ने नगर परिषद क्षेत्र के गणपति मैरेज हॉल के पीछे कुछ युवक हथियार के साथ इकट्ठा होकर किसी घटना की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम का गठन किया गया और बताए गए स्थान पर छापेमारी की गई। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद युवकों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर चार लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। कट्टा, देशी पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद पहली कार्रवाई में पुलिस ने फुलेन्द्र कुमार (22 वर्ष), बलराम कुमार (30 वर्ष), अभय कुमार (23 वर्ष) तथा सुभाष कुमार (26 वर्ष) को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान इनके पास से एक देशी कट्टा, एक देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन और 2500 रुपये नकद बरामद किए गए।
पुलिस ने जब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की तो कई अहम खुलासे हुए। आरोपियों ने बताया कि वे लोग अक्सर इसी अर्धनिर्मित मकान में इकट्ठा होकर कॉरेक्स और स्मैक जैसे नशीले पदार्थों का सेवन करते थे। आरोपी हथियारों की खरीद-बिक्री में भी शामिल इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों में छीनतई, झपटमारी और लूट की घटनाओं को अंजाम देकर पैसे कमाते थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि सभी आरोपी हथियारों की खरीद-बिक्री में भी शामिल थे और उसी सिलसिले में उस दिन जमा हुए थे।
गिरफ्तार अपराधियों की निशानदेही पर पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए चार अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया। दूसरी कार्रवाई में अशोक कुमार (21 वर्ष), विक्रम यादव (27 वर्ष), रंजीत कुमार (20 वर्ष) तथा राजकुमार मुखिया (25 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से एक देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। 3 मोबाइल और 2500 रुपये नकद बरामद
इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल एक देशी कट्टा, दो देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन और 2500 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद हथियारों के स्रोत की भी जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इन हथियारों की सप्लाई कहां से हो रही थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार कई आरोपी पहले से आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं। राजकुमार मुखिया पर पूर्व में आर्म्स एक्ट और बिहार मद्यनिषेध अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं। वहीं अशोक कुमार पर हत्या, मारपीट और चोरी जैसे गंभीर मामलों में केस दर्ज है। आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज फुलेन्द्र कुमार पर भी हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज रह चुका है। विक्रम यादव के खिलाफ भी कई आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं।
सुपौल थाना में इस मामले को लेकर कांड संख्या 329/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 310(4), 310(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-b)a, 26 और 35 के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। अपराधियों के नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों के नेटवर्क और उनके अन्य साथियों की भी तलाश की जा रही है। साथ ही यह जांच की जा रही है कि हाल के दिनों में जिले में हुई छीनतई और झपटमारी की घटनाओं में इनकी संलिप्तता रही है या नहीं। पुलिस का कहना है कि अपराध और अवैध हथियार कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। इस कार्रवाई के बाद नगर परिषद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ गई थीं, जिससे लोगों में भय का माहौल था। पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।

