झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को लातेहार जिला में वाहन जब्ती और नीलामी से संबंधित याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने राज्य में खनन कानूनों के तहत प्रशासनिक शक्तियों के दुरुपयोग पर नाराजगी जताई। अदालत ने लातेहार के तत्कालीन उपायुक्त को कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया। साथ ही जिले के वर्तमान उपायुक्त और जिला खनन पदाधिकारी को भी न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 13 मई को होगी। मालूम हो कि इस प्रार्थी अशोक सिंह ने याचिका दाखिल की है। प्रार्थी की ओर से अदालत को बताया गया कि हाईकोर्ट के पूर्व के आदेशों के बाद भी जिला प्रशासन लगातार ऐसी कार्रवाई का बचाव कर रहा है, जो प्रथम दृष्टया अधिकार क्षेत्र के अभाव में की गई प्रतीत होती है। दरअसल, यह मामला झारखंड मिनरल (प्रिवेंशन ऑफ इलीगल माइनिंग ट्रांसपोर्टेशन एंड स्टोरेज) रूल 2017 के तहत वाहन जब्ती एवं नीलामी की कार्रवाई से संबंधित है। रांची | झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को रांची नगर निगम में नक्शा पास करने के अधिकार से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद पूछा कि दूसरे निकायों में असिस्टेंट टाउन प्लानर नक्शा पास कर रहे हैं तो रांची नगर निगम में क्यों नहीं। सुनवाई के दौरान नगर आयुक्त भी अदालत में उपस्थित थे। अदालत ने नगर आयुक्त से शपथपत्र के माध्यम से जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 14 मई को निर्धारित की है। रांची | झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को महिला सुपरवाइजर नियुक्ति प्रक्रिया में पहली मेरिट लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों को नियुक्ति से बाहर किए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सुनवाई के बाद जेएसएससी पूछा है कि जब पहली मेरिट लिस्ट में ही पर्याप्त संख्या में अभ्यर्थी मौजूद थे, तो दूसरी सूची जारी कर उसमें शामिल अभ्यर्थियों की नियुक्ति कैसे की गई। यह भी जानना चाहा कि 131 पद अब भी रिक्त रहने के बाद प्रार्थियों को चयन प्रक्रिया से बाहर क्यों रखा गया? मालूम हो कि इस संबंध में कुमारी सोनम एवं 22 अन्य ने याचिका दाखिल की है। प्रार्थियों की ओर से अदालत को बताया गया कि महिला सुपरवाइजर के 444 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। पहली मेरिट लिस्ट में 521 अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया गया था। यह प्रक्रिया 4 जून 2025 को पूरी हुई थी। सभी वैध दस्तावेज होने के बाद भी कई अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। इसके बाद आयोग ने दूसरी मेरिट लिस्ट जारी कर 131 अन्य अभ्यर्थियों को शामिल कर लिया। पहली सूची में नाम होने के बाद भी उनकी नियुक्ति नहीं की गई, जबकि दूसरी सूची के अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी गई।
