गिरिडीह जिले के पचंबा थाना क्षेत्र अंतर्गत सुंदरटांड़ में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें 70 वर्षीय वृद्धा पोथवा देवी की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल व्याप्त है। मृतका के पुत्र गिरधारी यादव ने बताया कि वे लोग अपनी खतियानी जमीन पर बाउंड्रीवाल का निर्माण करा रहे थे। इसी दौरान गांव के ही किशुन यादव, बासदेब यादव, मितान यादव समेत कई लोग वहां पहुंचे और जमीन पर अपना दावा जताते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ने पर इसकी सूचना पचंबा थाना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने बुलाकर शाम तक मामले के समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि इसके बाद कोई ठोस पहल नहीं की गई। देर शाम हमला, घर में घुसकर की गई मारपीट परिजनों के अनुसार, पुलिस की निष्क्रियता का फायदा उठाते हुए देर शाम को दर्जनों की संख्या में लोग लाठी-डंडे से लैस होकर अनूप महतो के घर पहुंच गए। आरोप है कि हमलावरों ने घर में घुसकर महिलाओं और अन्य सदस्यों के साथ बेरहमी से मारपीट की। इस दौरान अफरा-तफरी मच गई और परिवार के लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी बीच वृद्धा पोथवा देवी को जोरदार धक्का लगा, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ीं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस पर लापरवाही का आरोप मृतका के परिजनों ने पचंबा थाना पुलिस पर एकतरफा रवैया अपनाने और समय रहते सुरक्षा नहीं देने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सुबह ही पुलिस को विवाद और संभावित तनाव की जानकारी दे दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे यह घटना घटी। इधर, घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना मिलने के बाद पचंबा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि फिलहाल कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
गिरिडीह में जमीन विवाद ने ली वृद्धा की जान:बाउंड्री बनाने के दौरान शुरू हुआ विवाद, पुलिस को दी गई थी सूचना, आक्रोश
गिरिडीह जिले के पचंबा थाना क्षेत्र अंतर्गत सुंदरटांड़ में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें 70 वर्षीय वृद्धा पोथवा देवी की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल व्याप्त है। मृतका के पुत्र गिरधारी यादव ने बताया कि वे लोग अपनी खतियानी जमीन पर बाउंड्रीवाल का निर्माण करा रहे थे। इसी दौरान गांव के ही किशुन यादव, बासदेब यादव, मितान यादव समेत कई लोग वहां पहुंचे और जमीन पर अपना दावा जताते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ने पर इसकी सूचना पचंबा थाना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने बुलाकर शाम तक मामले के समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि इसके बाद कोई ठोस पहल नहीं की गई। देर शाम हमला, घर में घुसकर की गई मारपीट परिजनों के अनुसार, पुलिस की निष्क्रियता का फायदा उठाते हुए देर शाम को दर्जनों की संख्या में लोग लाठी-डंडे से लैस होकर अनूप महतो के घर पहुंच गए। आरोप है कि हमलावरों ने घर में घुसकर महिलाओं और अन्य सदस्यों के साथ बेरहमी से मारपीट की। इस दौरान अफरा-तफरी मच गई और परिवार के लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी बीच वृद्धा पोथवा देवी को जोरदार धक्का लगा, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ीं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस पर लापरवाही का आरोप मृतका के परिजनों ने पचंबा थाना पुलिस पर एकतरफा रवैया अपनाने और समय रहते सुरक्षा नहीं देने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सुबह ही पुलिस को विवाद और संभावित तनाव की जानकारी दे दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे यह घटना घटी। इधर, घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना मिलने के बाद पचंबा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि फिलहाल कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।


