बोकारो के गोमिया क्षेत्र के जनप्रिय नेता और पूर्व मंत्री स्वर्गीय माधवलाल सिंह का गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। गोमिया प्रखंड के साड़म स्थित बोकारो नदी तट पर वे पंचतत्व में विलीन हो गए। अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों से हजारों लोग पहुंचे, जिससे बोकारो नदी तट जनसैलाब में बदल गया। अंतिम संस्कार से पहले झारखंड पुलिस के सशस्त्र बलों द्वारा दिवंगत नेता को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। माधव बाबू अमर रहें के नारों से गूंज उठा
मातमी धुन और पुलिस जवानों की सलामी के बीच राजकीय सम्मान की प्रक्रिया पूरी हुई। इस दौरान वहां मौजूद समर्थकों की आंखें नम हो गईं। पूरा साड़म क्षेत्र “गोमिया का एक लाल कैसा हो, माधव लाल जैसा हो” और “माधव बाबू अमर रहें” जैसे नारों से गूंज उठा। समर्थकों ने उन्हें गरीबों, किसानों और मजदूरों की आवाज बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम यात्रा और अंत्येष्टि में राजनीतिक और प्रशासनिक जगत की कई प्रमुख लोग शामिल हुईं। इनमें झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद, बोकारो डीसी अजय नाथ झा, एसडीपीओ बेरमो बीएन सिंह, गोमिया बीडीओ महादेव कुमार महतो, सीओ आफताब आलम, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, कुमार महेश सिंह, झामुमो जिलाध्यक्ष रतनलाल मांझी और भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र राज प्रमुख थे। राजनीति और सामाजिक जीवन के लिए एक अपूरणीय क्षति
सभी ने एक स्वर में कहा कि माधवलाल सिंह का निधन क्षेत्रीय राजनीति और सामाजिक जीवन के लिए एक अपूरणीय क्षति है। माधवलाल सिंह केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े संवेदनशील व्यक्तित्व के रूप में लोगों के बीच लोकप्रिय थे। वे लंबे समय तक गोमिया क्षेत्र की राजनीति का मजबूत चेहरा रहे और गरीबों तथा जरूरतमंदों की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाते थे। उनके आवास से लेकर अंतिम यात्रा तक लोगों की भारी भीड़ उमड़ी रही। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की आंखों में अपने प्रिय नेता को खोने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था। बताते चले कि लंबी बीमारी के बाद बुधवार को रांची स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान माधवलाल सिंह का निधन हो गया था। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे गोमिया और बोकारो जिले में शोक की लहर फैल गई थी। गुरुवार को अंतिम यात्रा के दौरान सड़क किनारे खड़े लोग नम आंखों से अपने ‘माधव बाबू’ को अंतिम विदाई देते नजर आए।

