गिरिडीह में वन विभाग की टीम ने एक घायल मोर का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया है। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के ग्राम टाटोकियारी टोला बुधवाडीह में आवारा कुत्ते के हमले से घायल अवस्था में मिले इस राष्ट्रीय पक्षी को ग्रामीणों की सूचना पर बचाया गया। गिरिडीह वन प्रमंडल पदाधिकारी मनीष तिवारी को मिली सूचना के आधार पर शुक्रवार को वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई की। इस अभियान का नेतृत्व गिरिडीह वन प्रक्षेत्र के वन क्षेत्र पदाधिकारी एस. के रवि ने किया। टीम मौके पर पहुंची और घायल मोर को सुरक्षित कब्जे में लिया। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी थी जानकारी के अनुसार, स्थानीय निवासी राजेश साह के बाड़ी में मोर घायल अवस्था में पड़ा हुआ था। आवारा कुत्ते के हमले में मोर के पंख के कुछ हिस्सों में गंभीर चोट लग गई थी, जिससे वह उड़ने में असमर्थ हो गया था। ग्रामीणों ने घायल मोर को देखकर तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी थी। वन विभाग ने तत्काल पशु चिकित्सक डॉ. धीरज कुमार, गिरिडीह से संपर्क कर मोर का इलाज कराया। चिकित्सकीय जांच में मोर के पंखों में चोट की पुष्टि हुई, जिसके बाद उसका प्राथमिक उपचार किया गया। फिलहाल मोर को सुरक्षित निगरानी में रखा गया है, ताकि पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा जा सके। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर विभाग लगातार सक्रिय है। विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में कोई वन्यजीव घायल, असहाय या भटकता हुआ दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें, ताकि समय रहते उसका रेस्क्यू और उपचार किया जा सके। इस रेस्क्यू अभियान में वनपाल अमर विश्वकर्मा, प्रधान वनरक्षी वीरेंद्र कुमार तथा पशुरक्षक भुनेश्वर वर्मा की अहम भूमिका रही। स्थानीय लोगों ने भी वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
घायल मोर का वन विभाग ने किया रेस्क्यू:गिरिडीह में कुत्ते के हमले से हूुआ घायल, इलाज के बाद सुरक्षित रखा गया
गिरिडीह में वन विभाग की टीम ने एक घायल मोर का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया है। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के ग्राम टाटोकियारी टोला बुधवाडीह में आवारा कुत्ते के हमले से घायल अवस्था में मिले इस राष्ट्रीय पक्षी को ग्रामीणों की सूचना पर बचाया गया। गिरिडीह वन प्रमंडल पदाधिकारी मनीष तिवारी को मिली सूचना के आधार पर शुक्रवार को वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई की। इस अभियान का नेतृत्व गिरिडीह वन प्रक्षेत्र के वन क्षेत्र पदाधिकारी एस. के रवि ने किया। टीम मौके पर पहुंची और घायल मोर को सुरक्षित कब्जे में लिया। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी थी जानकारी के अनुसार, स्थानीय निवासी राजेश साह के बाड़ी में मोर घायल अवस्था में पड़ा हुआ था। आवारा कुत्ते के हमले में मोर के पंख के कुछ हिस्सों में गंभीर चोट लग गई थी, जिससे वह उड़ने में असमर्थ हो गया था। ग्रामीणों ने घायल मोर को देखकर तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी थी। वन विभाग ने तत्काल पशु चिकित्सक डॉ. धीरज कुमार, गिरिडीह से संपर्क कर मोर का इलाज कराया। चिकित्सकीय जांच में मोर के पंखों में चोट की पुष्टि हुई, जिसके बाद उसका प्राथमिक उपचार किया गया। फिलहाल मोर को सुरक्षित निगरानी में रखा गया है, ताकि पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा जा सके। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर विभाग लगातार सक्रिय है। विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में कोई वन्यजीव घायल, असहाय या भटकता हुआ दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें, ताकि समय रहते उसका रेस्क्यू और उपचार किया जा सके। इस रेस्क्यू अभियान में वनपाल अमर विश्वकर्मा, प्रधान वनरक्षी वीरेंद्र कुमार तथा पशुरक्षक भुनेश्वर वर्मा की अहम भूमिका रही। स्थानीय लोगों ने भी वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
