सुल्तानगंज नगर परिषद के चेयरमैन राज कुमार गुड्डू हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई। इस मामले में मुख्य आरोपी रामधनी यादव के एनकाउंटर के बाद अब उपसभापति नीलम देवी समेत उनके दो बेटों की भी गिरफ्तारी होगी। भागलपुर पुलिस की ओर से तीनों की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया है। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव की अनुशंसा पर रेंज आईजी विवेक कुमार ने रामधनी यादव की पत्नी नीलम देवी पर 25 हजार और उनके पुत्र मनीष कुमार, अंकित कुमार पर 50-50 हजार का इनाम घोषित किया है। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमार कर रही है। इस मामले में दो शूटर दीपक यादव, पिक यादव और रामधनी के एक बेटे शनि यादव की गिरफ्तारी पहले हो चुकी है। 28 अप्रैल को ऑफिस में घुसकर बरसाई थीं गोलियां 28 अप्रैल को शाम 4 बजे भागलपुर की सुल्तानगंज नगर परिषद में हथियार के साथ 3 लोग दाखिल हुए। उस वक्त एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कृष्णा भूषण और चेयरमैन राजकुमार गुड्डू मीटिंग कर रहे थे। अपराधियों ने घुसते ही ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों के निशाने पर राजकुमार गुड्डू थे। इस दौरान बीच बचाव करने आए एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कृष्णा भूषण की मौके पर ही मौत हो गई थी। हत्या की तस्वीरें CCTV में कैद हुई थी रामधनी यादव और राजकुमार गुड्डू के बीच थी पुरानी अदावत फायरिंग करने वाला रामधनी यादव चूंकि नगर परिषद के उपसभापति नीलम देवी का पति था और नगर परिषद के चेयरमैन राजकुमार गुड्डू से उसकी पुरानी अदावत थी। रामधनी यादव का नगर परिषद ऑफिस आना जाना था, इसलिए वो एग्जीक्यूटिव अफसर कृष्णा भूषण कुमार से भी परिचित था। जब रामधनी फायरिंग कर रहा था, तब कृष्णा भूषण गुड्डू बीच बचाव में आए थे। सरेंडर के बाद की फायरिंग पुलिस ने अपराधी की पहचान कर ली थी। अपराधी को भी इसकी भनक लग गई थी कि पुलिस उसे पहचान गई है। खुद को बचाने के लिए अपराधी रामधनी यादव शाम करीब 8 बजे ऑटो से पुलिस स्टेशन पहुंचा और सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की। जिस हथियार से मर्डर किया गया था, पुलिस उसे बरामद करना चाहती थी। लेकिन रामधनी बार-बार पुलिस सवालों को घुमा रहा था। सख्ती बरतने पर रामधनी ने बताया कि, हथियार को सुनसान इलाके में फेंक दिया है। पुलिस हर हाल में हथियार बरामद करना चाहती थी। लिहाजा हत्या के अगले दिन यानी 29 अप्रैल को रामधनी को साथ लेकर वो वहां पहुंची जहां रामधनी ने हथियार छिपा रखा था। पुलिस रामधनी को लेकर आगे बढ़ रही थी, पीछे-पीछे रामधनी के गुर्गे भी आ रहे थे। पुलिस पर की ताबड़तोड़ फायरिंग रामधनी को यह भनक लग गई कि अगर हथियार बरामद हो जाता है तो वो बुरी तरफ फंस जाएगा। जैसे ही रामधनी सुनसान इलाके में पहुंचता है वो अपने गुर्गों को फायरिंग करने के लिए कहता है। गुर्गे पुलिस पर फायरिंग शुरू कर देते हैं। इतने में रामधनी भी छिपाई जगह से पिस्टल निकाल लेता है और फायरिग शुरू कर देता है। गोलीबारी में डीएसपी नवनीत कुमार सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हो जाते हैं। पुलिस भी बचाव में फायरिंग शुरू कर देती है। गोली रामधनी के सीने में लगती है वो वहीं जमीन पर गिर जाता है। पुलिस रामधनी के दो गुर्गों दीपक और उसके साले को मौके से अरेस्ट करती है। रामधनी को घायल हालत में मायागंज अस्पताल लाया जाता है, लेकिन डॉक्टर उसे मृत घोषित कर देते हैं।
सुल्तानगंज उपसभापति और दोनों बेटे पर इनाम घोषित:राज कुमार गुड्डू हत्याकांड में जांच तेज, गिरफ्तारी के लिए भागलपुर पुलिस कर रही छापेमारी
सुल्तानगंज नगर परिषद के चेयरमैन राज कुमार गुड्डू हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई। इस मामले में मुख्य आरोपी रामधनी यादव के एनकाउंटर के बाद अब उपसभापति नीलम देवी समेत उनके दो बेटों की भी गिरफ्तारी होगी। भागलपुर पुलिस की ओर से तीनों की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया है। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव की अनुशंसा पर रेंज आईजी विवेक कुमार ने रामधनी यादव की पत्नी नीलम देवी पर 25 हजार और उनके पुत्र मनीष कुमार, अंकित कुमार पर 50-50 हजार का इनाम घोषित किया है। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमार कर रही है। इस मामले में दो शूटर दीपक यादव, पिक यादव और रामधनी के एक बेटे शनि यादव की गिरफ्तारी पहले हो चुकी है। 28 अप्रैल को ऑफिस में घुसकर बरसाई थीं गोलियां 28 अप्रैल को शाम 4 बजे भागलपुर की सुल्तानगंज नगर परिषद में हथियार के साथ 3 लोग दाखिल हुए। उस वक्त एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कृष्णा भूषण और चेयरमैन राजकुमार गुड्डू मीटिंग कर रहे थे। अपराधियों ने घुसते ही ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों के निशाने पर राजकुमार गुड्डू थे। इस दौरान बीच बचाव करने आए एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कृष्णा भूषण की मौके पर ही मौत हो गई थी। हत्या की तस्वीरें CCTV में कैद हुई थी रामधनी यादव और राजकुमार गुड्डू के बीच थी पुरानी अदावत फायरिंग करने वाला रामधनी यादव चूंकि नगर परिषद के उपसभापति नीलम देवी का पति था और नगर परिषद के चेयरमैन राजकुमार गुड्डू से उसकी पुरानी अदावत थी। रामधनी यादव का नगर परिषद ऑफिस आना जाना था, इसलिए वो एग्जीक्यूटिव अफसर कृष्णा भूषण कुमार से भी परिचित था। जब रामधनी फायरिंग कर रहा था, तब कृष्णा भूषण गुड्डू बीच बचाव में आए थे। सरेंडर के बाद की फायरिंग पुलिस ने अपराधी की पहचान कर ली थी। अपराधी को भी इसकी भनक लग गई थी कि पुलिस उसे पहचान गई है। खुद को बचाने के लिए अपराधी रामधनी यादव शाम करीब 8 बजे ऑटो से पुलिस स्टेशन पहुंचा और सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की। जिस हथियार से मर्डर किया गया था, पुलिस उसे बरामद करना चाहती थी। लेकिन रामधनी बार-बार पुलिस सवालों को घुमा रहा था। सख्ती बरतने पर रामधनी ने बताया कि, हथियार को सुनसान इलाके में फेंक दिया है। पुलिस हर हाल में हथियार बरामद करना चाहती थी। लिहाजा हत्या के अगले दिन यानी 29 अप्रैल को रामधनी को साथ लेकर वो वहां पहुंची जहां रामधनी ने हथियार छिपा रखा था। पुलिस रामधनी को लेकर आगे बढ़ रही थी, पीछे-पीछे रामधनी के गुर्गे भी आ रहे थे। पुलिस पर की ताबड़तोड़ फायरिंग रामधनी को यह भनक लग गई कि अगर हथियार बरामद हो जाता है तो वो बुरी तरफ फंस जाएगा। जैसे ही रामधनी सुनसान इलाके में पहुंचता है वो अपने गुर्गों को फायरिंग करने के लिए कहता है। गुर्गे पुलिस पर फायरिंग शुरू कर देते हैं। इतने में रामधनी भी छिपाई जगह से पिस्टल निकाल लेता है और फायरिग शुरू कर देता है। गोलीबारी में डीएसपी नवनीत कुमार सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हो जाते हैं। पुलिस भी बचाव में फायरिंग शुरू कर देती है। गोली रामधनी के सीने में लगती है वो वहीं जमीन पर गिर जाता है। पुलिस रामधनी के दो गुर्गों दीपक और उसके साले को मौके से अरेस्ट करती है। रामधनी को घायल हालत में मायागंज अस्पताल लाया जाता है, लेकिन डॉक्टर उसे मृत घोषित कर देते हैं।


