अररिया नगर परिषद क्षेत्र के ओम नगर में कोल्ड स्टोर के सामने रानीगंज रोड से शुरू हो रही लगभग 1500 मीटर लंबी पीसीसी सड़क का निर्माण कार्य स्थानीय वार्डवासियों ने रोक दिया। ग्रामीणों ने निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पारदर्शिता की मांग की है। वार्डवासियों का कहना है कि सड़क किस योजना के तहत बनाई जा रही है, कुल लागत कितनी है, सड़क कहां से कहां तक बनेगी और इसके मापदंड क्या हैं, इसकी कोई जानकारी आम नागरिकों को नहीं दी गई है। निर्माण स्थल पर न तो एस्टीमेट बोर्ड लगाया गया है और न ही कोई सूचना पट्टिका। चौड़ाई और ढलाई की मोटाई को लेकर भी स्पष्टता नहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क में पहले बैडमिसाली डाली गई, जिसकी मोटाई मात्र दो इंच है। जबकि नगर परिषद के इंजीनियर विकास कुमार ने स्पष्ट किया कि बैडमिसाली कम से कम छह इंच होनी चाहिए। सड़क की चौड़ाई और ढलाई की मोटाई को लेकर भी स्पष्टता नहीं है। वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि साइड में छह-सात इंच की माप ली गई, लेकिन फिटिंग के बाद ढलाई मात्र चार से छह इंच की हो रही है। इस कार्य की संवेदक सुशीला साह हैं। संवेदक के पुत्र अंकित ने सवालों पर कोई जवाब देने से इनकार कर दिया और बोर्ड लगाने की बात पर सिर्फ “लगवा देंगे” कहकर टाल दिया। प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की आक्रोशित वार्डवासियों ने काम रोककर प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि निर्माण एस्टीमेट के अनुसार ही होना चाहिए और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने नगर परिषद से तुरंत एस्टीमेट, लागत और मापदंड सार्वजनिक करने की मांग की। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद पर “लूट” का आरोप लगाते हुए महादेव चौक पर हाल ही में गिरे स्वागत द्वार का उदाहरण भी दिया। इस मामले में अब नगर परिषद प्रशासन और जिला प्रशासन की भूमिका पर सबकी नजर है। वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि बिना पूरी जानकारी और गुणवत्ता सुनिश्चित किए काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा। इसके अलावे ओम नगर वार्ड संख्या 8 के पार्षद प्रतिनिधि राजेश पासवान ने बताया कि वार्ड वासियों की मांग जायज है। गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ होने नहीं दिया जा सकता है। उन्होंने विभाग के इंजीनियर से गुणवत्तापूर्ण कार्य करने का अनुरोध किया है। वही इस मामले को लेकर नगर परिषद के कार्यपालक अभियंता चंद्र प्रकाश से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जांच कराई जाएगी।
अररिया के ओम नगर में सड़क निर्माण पर विवाद:वार्डवासियों ने गड़बड़ी का आरोप लगा काम रोका, ट्रांसपेरेंसी मांगी
अररिया नगर परिषद क्षेत्र के ओम नगर में कोल्ड स्टोर के सामने रानीगंज रोड से शुरू हो रही लगभग 1500 मीटर लंबी पीसीसी सड़क का निर्माण कार्य स्थानीय वार्डवासियों ने रोक दिया। ग्रामीणों ने निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पारदर्शिता की मांग की है। वार्डवासियों का कहना है कि सड़क किस योजना के तहत बनाई जा रही है, कुल लागत कितनी है, सड़क कहां से कहां तक बनेगी और इसके मापदंड क्या हैं, इसकी कोई जानकारी आम नागरिकों को नहीं दी गई है। निर्माण स्थल पर न तो एस्टीमेट बोर्ड लगाया गया है और न ही कोई सूचना पट्टिका। चौड़ाई और ढलाई की मोटाई को लेकर भी स्पष्टता नहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क में पहले बैडमिसाली डाली गई, जिसकी मोटाई मात्र दो इंच है। जबकि नगर परिषद के इंजीनियर विकास कुमार ने स्पष्ट किया कि बैडमिसाली कम से कम छह इंच होनी चाहिए। सड़क की चौड़ाई और ढलाई की मोटाई को लेकर भी स्पष्टता नहीं है। वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि साइड में छह-सात इंच की माप ली गई, लेकिन फिटिंग के बाद ढलाई मात्र चार से छह इंच की हो रही है। इस कार्य की संवेदक सुशीला साह हैं। संवेदक के पुत्र अंकित ने सवालों पर कोई जवाब देने से इनकार कर दिया और बोर्ड लगाने की बात पर सिर्फ “लगवा देंगे” कहकर टाल दिया। प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की आक्रोशित वार्डवासियों ने काम रोककर प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि निर्माण एस्टीमेट के अनुसार ही होना चाहिए और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने नगर परिषद से तुरंत एस्टीमेट, लागत और मापदंड सार्वजनिक करने की मांग की। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद पर “लूट” का आरोप लगाते हुए महादेव चौक पर हाल ही में गिरे स्वागत द्वार का उदाहरण भी दिया। इस मामले में अब नगर परिषद प्रशासन और जिला प्रशासन की भूमिका पर सबकी नजर है। वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि बिना पूरी जानकारी और गुणवत्ता सुनिश्चित किए काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा। इसके अलावे ओम नगर वार्ड संख्या 8 के पार्षद प्रतिनिधि राजेश पासवान ने बताया कि वार्ड वासियों की मांग जायज है। गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ होने नहीं दिया जा सकता है। उन्होंने विभाग के इंजीनियर से गुणवत्तापूर्ण कार्य करने का अनुरोध किया है। वही इस मामले को लेकर नगर परिषद के कार्यपालक अभियंता चंद्र प्रकाश से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जांच कराई जाएगी।

