समस्तीपुर के हसनपुर इलाके में 13 साल की नाबालिग से गैंगरेप की कोशिश का मामला सामने आया है। पीड़िता के पिता का आरोप है कि घटना 20 अप्रैल की है। 22 अप्रैल को थाना पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आवेदन दिया था, लेकिन FIR दर्ज न कर जांच के नाम पर आवेदन रख लिया गया था। पीड़िता के पिता के मुताबिक, घटना के बाद से लेकर 18 मई तक कुल पांच बार हसनपुर थाना गया, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, लेकिन पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। 19 मई को दोपहर बाद तब FIR दर्ज की गई, जब मेरी बेटी से साथ गैंगरेप का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। आरोपियों ने ही वारदात के बाद घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। 20 अप्रैल को नाबालिग के साथ क्या हुआ था? घटना को लेकर नाबालिग के माता-पिता ने क्या बताया? एक महीने तक FIR दर्ज नहीं किए जाने को लेकर पुलिस ने क्या बताया? पुलिस की ओर से अब तक क्या कार्रवाई की गई है? आरोपी कौन हैं? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। पहले घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए अब जानिए, 20 अप्रैल को नाबालिग के साथ क्या हुआ था? छठी क्लास में पढ़ने वाली नाबालिग के पड़ोस में एक महिला रहती है। आरोप है कि महिला वारदात में शामिल दो आरोपियों के साथ मिलकर अवैध रूप से शराब बेचने का काम करती है। महिला के साथ शराब का कारोबार करने वाले दोनों युवकों की नजर पहले से ही नाबालिग पर थी। आरोपियों ने महिला के साथ मिलकर प्लान बनाया और वारदात को अंजाम देने की साजिश रची। प्लानिंग के तहत महिला नाबालिग को 20 अप्रैल की शाम को अपने साथ लेकर खेत की ओर आई। चूंकि इसकी जानकारी पहले से आरोपियों को थी। जब महिला ने देखा कि खेत में पहले से आरोपी मौजूद हैं, वो खेत में अंधेरे में नाबालिग को छोड़कर भाग निकली। वहीं, पहले से खेत में मौजूद दोनों आरोपियों के साथ मौजूद एक अन्य आरोपी ने मिलकर नाबालिग को पकड़ लिया। इस दौरान एक आरोपी ने नाबालिग को पकड़ा, दूसरे ने जबरदस्ती की कोशिश की जबकि तीसरे ने वीडियो बनाना शुरू किया। हालांकि, किसी तरह नाबालिग तीनों आरोपियों के चंगुल से खुद को छुड़ाकर भाग घर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी घरवालों को दी। मजदूर पिता ने कहा- पहले पंचायत में शिकायत करेंगे, फिर पुलिस के पास जाएंगे जब नाबालिग ने घटना की जानकारी अपने माता-पिता को दी, तो पेशे से मजदूर नाबालिग के पिता ने कहा कि पुलिस के पास जाने से पहले मामले की शिकायत पंचायत में करेंगे। उन्होंने 21 अप्रैल को मामले की शिकायत पंचायत में की लेकिन तीनों आरोपियों और महिला के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। नाबालिग के पिता के मुताबिक, जब पंचायत में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो 22 अप्रैल को पुलिस को आरोपियों के खिलाफ आवेदन दिया गया। हसनपुर थाना में मौजूद SHO अकमल खुर्शीद ने जांच के नाम पर आवेदन रख लिया और हम लोगों को घर जाने को कहा। पीड़िता के पिता के मुताबिक, जब आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे कुल पांच बार थाना पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की। पीड़िता के पिता के मुताबिक, हर बार एसएचओ की ओर से कहा जाता था कि मामले को पंचायत में ही सुलझा लीजिए, मुखिया या फिर सरपंच से मिलकर कॉम्प्रोमाइज कर लीजिए। सोशल मीडिया पर वीडियो आने के बाद पुलिस ने दर्ज की FIR नाबालिग के पिता ने बताया कि जब पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की गई, तो कुछ दिनों पहले एक लोकल न्यूज चैनल से मदद ली, घटना से जुड़ी कहानी बताई और जब इसका वीडियो पुलिस के पास पहुंचा तो 19 मई को एफआईआर दर्ज की गई। वहीं, नाबालिग से गैंगरेप की कोशिश के मामले में करीब एक महीने तक FIR दर्ज नहीं किए जाने के संबंध में रोसरा डीएसपी संजय कुमार सिन्हा से बात की गई तो उन्होंने बताया नाबालिग के पिता की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर 19 मई को एक महिला समेत तीन नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज की गई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला पिंकू देवी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी 18 साल के अंशु कुमार और 19 साल के काशी कुमार और एक अन्य अज्ञात की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है।
समस्तीपुर में 13 साल की नाबालिग से गैंगरेप की कोशिश:29वें दिन वीडियो सामने आने के बाद FIR, पीड़िता के पिता बोले- 5 बार थाना गया
समस्तीपुर के हसनपुर इलाके में 13 साल की नाबालिग से गैंगरेप की कोशिश का मामला सामने आया है। पीड़िता के पिता का आरोप है कि घटना 20 अप्रैल की है। 22 अप्रैल को थाना पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आवेदन दिया था, लेकिन FIR दर्ज न कर जांच के नाम पर आवेदन रख लिया गया था। पीड़िता के पिता के मुताबिक, घटना के बाद से लेकर 18 मई तक कुल पांच बार हसनपुर थाना गया, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, लेकिन पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। 19 मई को दोपहर बाद तब FIR दर्ज की गई, जब मेरी बेटी से साथ गैंगरेप का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। आरोपियों ने ही वारदात के बाद घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। 20 अप्रैल को नाबालिग के साथ क्या हुआ था? घटना को लेकर नाबालिग के माता-पिता ने क्या बताया? एक महीने तक FIR दर्ज नहीं किए जाने को लेकर पुलिस ने क्या बताया? पुलिस की ओर से अब तक क्या कार्रवाई की गई है? आरोपी कौन हैं? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। पहले घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए अब जानिए, 20 अप्रैल को नाबालिग के साथ क्या हुआ था? छठी क्लास में पढ़ने वाली नाबालिग के पड़ोस में एक महिला रहती है। आरोप है कि महिला वारदात में शामिल दो आरोपियों के साथ मिलकर अवैध रूप से शराब बेचने का काम करती है। महिला के साथ शराब का कारोबार करने वाले दोनों युवकों की नजर पहले से ही नाबालिग पर थी। आरोपियों ने महिला के साथ मिलकर प्लान बनाया और वारदात को अंजाम देने की साजिश रची। प्लानिंग के तहत महिला नाबालिग को 20 अप्रैल की शाम को अपने साथ लेकर खेत की ओर आई। चूंकि इसकी जानकारी पहले से आरोपियों को थी। जब महिला ने देखा कि खेत में पहले से आरोपी मौजूद हैं, वो खेत में अंधेरे में नाबालिग को छोड़कर भाग निकली। वहीं, पहले से खेत में मौजूद दोनों आरोपियों के साथ मौजूद एक अन्य आरोपी ने मिलकर नाबालिग को पकड़ लिया। इस दौरान एक आरोपी ने नाबालिग को पकड़ा, दूसरे ने जबरदस्ती की कोशिश की जबकि तीसरे ने वीडियो बनाना शुरू किया। हालांकि, किसी तरह नाबालिग तीनों आरोपियों के चंगुल से खुद को छुड़ाकर भाग घर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी घरवालों को दी। मजदूर पिता ने कहा- पहले पंचायत में शिकायत करेंगे, फिर पुलिस के पास जाएंगे जब नाबालिग ने घटना की जानकारी अपने माता-पिता को दी, तो पेशे से मजदूर नाबालिग के पिता ने कहा कि पुलिस के पास जाने से पहले मामले की शिकायत पंचायत में करेंगे। उन्होंने 21 अप्रैल को मामले की शिकायत पंचायत में की लेकिन तीनों आरोपियों और महिला के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। नाबालिग के पिता के मुताबिक, जब पंचायत में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो 22 अप्रैल को पुलिस को आरोपियों के खिलाफ आवेदन दिया गया। हसनपुर थाना में मौजूद SHO अकमल खुर्शीद ने जांच के नाम पर आवेदन रख लिया और हम लोगों को घर जाने को कहा। पीड़िता के पिता के मुताबिक, जब आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे कुल पांच बार थाना पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की। पीड़िता के पिता के मुताबिक, हर बार एसएचओ की ओर से कहा जाता था कि मामले को पंचायत में ही सुलझा लीजिए, मुखिया या फिर सरपंच से मिलकर कॉम्प्रोमाइज कर लीजिए। सोशल मीडिया पर वीडियो आने के बाद पुलिस ने दर्ज की FIR नाबालिग के पिता ने बताया कि जब पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की गई, तो कुछ दिनों पहले एक लोकल न्यूज चैनल से मदद ली, घटना से जुड़ी कहानी बताई और जब इसका वीडियो पुलिस के पास पहुंचा तो 19 मई को एफआईआर दर्ज की गई। वहीं, नाबालिग से गैंगरेप की कोशिश के मामले में करीब एक महीने तक FIR दर्ज नहीं किए जाने के संबंध में रोसरा डीएसपी संजय कुमार सिन्हा से बात की गई तो उन्होंने बताया नाबालिग के पिता की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर 19 मई को एक महिला समेत तीन नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज की गई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला पिंकू देवी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी 18 साल के अंशु कुमार और 19 साल के काशी कुमार और एक अन्य अज्ञात की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है।
