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एनडीए द्वारा आयोजित NEET परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित किया जाएगा। जिसको लेकर बिहार में NEET परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों छात्र-छात्राओं के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जानकारी दी है कि NEET परीक्षा में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों को बिहार राज्य की सभी सरकारी बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाएगी।
हर साल बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा देने के लिए दूसरे शहरों में जाते हैं, ऐसे में बस किराया और यात्रा व्यवस्था उनके लिए चुनौती बन जाती है। मुफ्त बस सेवा मिलने से छात्रों और उनके अभिभावकों को सहूलियत मिलेगी।
जिला प्रशासन और सामाजिक संगठनों से सहयोग की अपील
सम्राट चौधरी ने अपने संदेश में जिला प्रशासन, राज्य के विभिन्न मठ-मंदिरों तथा गैर-सरकारी संगठनों से भी अपील की है कि वे परीक्षा देने आने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों की मदद करें। उन्होंने कहा कि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों पर परीक्षार्थियों के लिए पेयजल, सत्तू और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जाए ताकि गर्मी और भीड़ के बीच छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
पेपर लीक का ‘बिहार कनेक्शन’ और पृष्ठभूमि
इस साल 3 मई को आयोजित हुई नीट परीक्षा के तुरंत बाद देशव्यापी स्तर पर पेपर लीक और व्यापक धांधली के आरोप लगे थे। इसके बाद नीट परीक्षा को रद्द कर दिया गया। इस घोटाले के तार मुख्य रूप से बिहार से जुड़े हुए पाए गए।
सॉल्वर गैंग की एंट्री: बिहार पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि नालंदा के पावापुरी मेडिकल कॉलेज का छात्र उज्ज्वल कुमार उर्फ राजा बाबू इस पूरे रैकेट का मुख्य मास्टरमाइंड है।
लाखों की डील: गिरफ्तार आरोपियों (जैसे अवधेश, अमन और पंकज) से हुई पूछताछ में सामने आया कि सॉल्वर के तौर पर परीक्षा में बैठने और पेपर उपलब्ध कराने के लिए 50 से 60 लाख रुपये की मोटी डील की गई थी।
सीबीआई (CBI) की एंट्री: गड़बड़ी की पुष्टि होने और व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने मामले की गहन जांच का जिम्मा केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया है। सीबीआई की टीमों ने बिहार के कई ठिकानों और हॉस्टलों में गैस कटर से ताले खोलकर छापेमारी की है


