बेगूसराय मे आध्यात्मिक केंद्रों में से एक श्री राधा कुंज बिहारी मठ (हरे कृष्णा सेंटर) में भव्य आम महोत्सव का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। ग्रीष्म ऋतु के इस विशेष पर्व पर मठ परिसर हरे कृष्णा के महामंत्र और भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया। इस उत्सव का मुख्य आकर्षण भगवान को अर्पित किया गया विभिन्न प्रजातियों के आमों का छप्पन भोग और दिव्य श्रृंगार रहा। महोत्सव के अवसर पर गर्भगृह में विराजमान भगवान श्री जगन्नाथ, भ्राता बलदेव एवं बहन सुभद्रा महारानी को देश के कोने-कोने से मंगाए गए स्वादिष्ट, रसीले और चुनिंदा आमों का विशेष भोग अर्पित किया गया। इसमें अलफोंसो, दशहरी, लंगड़ा, चौंसा और सफेदा जैसी विभिन्न प्रसिद्ध प्रजातियों के आम शामिल थे। भोग अर्पण के बाद भगवान का मनमोहक और अलौकिक श्रृंगार किया गया। जिसे देखकर वहां उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। आम से सजे दरबार में भगवान के दर्शन पाने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। यह भव्य उत्सव प्रमोद भागवत स्वामी, ईश्वर नाम प्रभु एवं रक्षक गिरिधारी प्रभु के सान्निध्य और कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उत्सव के दौरान महोत्सव के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। फल भगवान को अर्पित करना सनातन संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बताया गया कि प्रकृति द्वारा प्रदत्त सर्वश्रेष्ठ और प्रथम फल भगवान को अर्पित करना हमारी सनातन संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। भगवान केवल भाव के भूखे हैं और जब श्रद्धापूर्वक उन्हें कोई वस्तु अर्पित की जाती है, तो वह उसे सहर्ष स्वीकार करते हैं। इस दौरान पूरा परिसर हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे के महामंत्र से गूंज उठा। सैकड़ों भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन का आनंद लिया। महोत्सव के समापन पर आरती की गई, जिसके बाद सभी उपस्थित भक्तों और आगंतुकों के बीच भगवान जगन्नाथ को अर्पित किया गया विशेष आम महाप्रसाद और भंडारे का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बेहद अनुशासित तरीके से प्रसाद ग्रहण किया। मठ प्रबंधन की ओर से आए हुए सभी अतिथियों और भक्तों का आभार व्यक्त किया गया।
राधा कुंज बिहारी मठ में भव्य आम महोत्सव:बेगूसराय में स्वादिष्ट आमों से हुआ भगवान जगन्नाथ को भोग, छप्पन भोग-दिव्य श्रृंगार हुआ
बेगूसराय मे आध्यात्मिक केंद्रों में से एक श्री राधा कुंज बिहारी मठ (हरे कृष्णा सेंटर) में भव्य आम महोत्सव का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। ग्रीष्म ऋतु के इस विशेष पर्व पर मठ परिसर हरे कृष्णा के महामंत्र और भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया। इस उत्सव का मुख्य आकर्षण भगवान को अर्पित किया गया विभिन्न प्रजातियों के आमों का छप्पन भोग और दिव्य श्रृंगार रहा। महोत्सव के अवसर पर गर्भगृह में विराजमान भगवान श्री जगन्नाथ, भ्राता बलदेव एवं बहन सुभद्रा महारानी को देश के कोने-कोने से मंगाए गए स्वादिष्ट, रसीले और चुनिंदा आमों का विशेष भोग अर्पित किया गया। इसमें अलफोंसो, दशहरी, लंगड़ा, चौंसा और सफेदा जैसी विभिन्न प्रसिद्ध प्रजातियों के आम शामिल थे। भोग अर्पण के बाद भगवान का मनमोहक और अलौकिक श्रृंगार किया गया। जिसे देखकर वहां उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। आम से सजे दरबार में भगवान के दर्शन पाने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। यह भव्य उत्सव प्रमोद भागवत स्वामी, ईश्वर नाम प्रभु एवं रक्षक गिरिधारी प्रभु के सान्निध्य और कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उत्सव के दौरान महोत्सव के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। फल भगवान को अर्पित करना सनातन संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बताया गया कि प्रकृति द्वारा प्रदत्त सर्वश्रेष्ठ और प्रथम फल भगवान को अर्पित करना हमारी सनातन संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। भगवान केवल भाव के भूखे हैं और जब श्रद्धापूर्वक उन्हें कोई वस्तु अर्पित की जाती है, तो वह उसे सहर्ष स्वीकार करते हैं। इस दौरान पूरा परिसर हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे के महामंत्र से गूंज उठा। सैकड़ों भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन का आनंद लिया। महोत्सव के समापन पर आरती की गई, जिसके बाद सभी उपस्थित भक्तों और आगंतुकों के बीच भगवान जगन्नाथ को अर्पित किया गया विशेष आम महाप्रसाद और भंडारे का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बेहद अनुशासित तरीके से प्रसाद ग्रहण किया। मठ प्रबंधन की ओर से आए हुए सभी अतिथियों और भक्तों का आभार व्यक्त किया गया।

