मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। पेट्रोल- डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत तेजी से बढ़ी है, जिसका सीधा असर खाद्य तेल, दाल, चावल और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर पड़ रहा है। पिछले 25 दिनों में सरसों तेल 10 रुपए प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है, जबकि बीते पांच दिनों में ही इसके दाम में 5 रुपए की वृद्धि दर्ज की गई। रिफाइंड तेल, अरहर दाल, कतरनी और बासमती चावल की कीमतों में भी तेजी आई है। वहीं डिटरजेंट और साबुन जैसे एफएमसीजी उत्पादों के दाम भी 4 से 5 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि डीजल, पैकेजिंग मटेरियल और शिपिंग कॉस्ट में लगातार वृद्धि से बाजार पर दबाव बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में हालात नहीं सुधरे तो रोजमर्रा के कई अन्य उत्पाद भी महंगे हो सकते हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं का घरेलू बजट और प्रभावित होने की आशंका है। खाद्य सामग्री की कीमतें सामग्री कीमत अब कीमत पहले सरसों तेल (प्रति ली) 175-200 165-190 रिफाइन तेल (750 एमएल) 155-160 152-157 अरहर दाल 120-130 115-125 कतरनी चावल (प्रति किलो) 60-65 55-60 बासमती चावल (प्रति किलो) 120-130 100-110 ईजी वॉश (500 ग्राम) 71 68 ईजी वॉश (प्रति किलो ) 144 134 टाइड सर्फ (प्रति किलो) 125 120 निरमा संदल साबुन 100 ग्राम 80 73 व्हील एक्टिव (एक किलो) 80 76 क्या कहते हैं व्यापारी टीवी- फ्रिज भी 5% महंगे हुए : वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और रुपए में लगातार गिरावट का असर अब घरेलू बाजार पर भी पड़ने लगा है। कच्चे माल और आयात लागत बढ़ने से सैमसंग ने भी उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के मैनेजर रणधीर कुमार ने कहा कि सैमसंग ने अपने उत्पादों की कीमतों में 20 मई से 5 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी है। ढुलाई खर्च बढ़ा : अर्जुन खाद्य तेल के प्रमुख व्यापारी अर्जुन जालान ने बताया कि ट्रांसपोर्टेशन लागत काफी बढ़ गई है। दिल्ली से 25 टन माल ढुलाई का किराया करीब 5000 रुपए बढ़ गया है। विदेशों से आने वाले सोया तेल की शिपिंग लागत भी महंगी हुई है। आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ेंगी।
सरसों तेल 10 रुपए, बासमती चावल 20 रुपए किलो महंगा, डिटरजेंट व साबुन के दाम भी 5% तक बढ़े
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। पेट्रोल- डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत तेजी से बढ़ी है, जिसका सीधा असर खाद्य तेल, दाल, चावल और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर पड़ रहा है। पिछले 25 दिनों में सरसों तेल 10 रुपए प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है, जबकि बीते पांच दिनों में ही इसके दाम में 5 रुपए की वृद्धि दर्ज की गई। रिफाइंड तेल, अरहर दाल, कतरनी और बासमती चावल की कीमतों में भी तेजी आई है। वहीं डिटरजेंट और साबुन जैसे एफएमसीजी उत्पादों के दाम भी 4 से 5 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि डीजल, पैकेजिंग मटेरियल और शिपिंग कॉस्ट में लगातार वृद्धि से बाजार पर दबाव बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में हालात नहीं सुधरे तो रोजमर्रा के कई अन्य उत्पाद भी महंगे हो सकते हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं का घरेलू बजट और प्रभावित होने की आशंका है। खाद्य सामग्री की कीमतें सामग्री कीमत अब कीमत पहले सरसों तेल (प्रति ली) 175-200 165-190 रिफाइन तेल (750 एमएल) 155-160 152-157 अरहर दाल 120-130 115-125 कतरनी चावल (प्रति किलो) 60-65 55-60 बासमती चावल (प्रति किलो) 120-130 100-110 ईजी वॉश (500 ग्राम) 71 68 ईजी वॉश (प्रति किलो ) 144 134 टाइड सर्फ (प्रति किलो) 125 120 निरमा संदल साबुन 100 ग्राम 80 73 व्हील एक्टिव (एक किलो) 80 76 क्या कहते हैं व्यापारी टीवी- फ्रिज भी 5% महंगे हुए : वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और रुपए में लगातार गिरावट का असर अब घरेलू बाजार पर भी पड़ने लगा है। कच्चे माल और आयात लागत बढ़ने से सैमसंग ने भी उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के मैनेजर रणधीर कुमार ने कहा कि सैमसंग ने अपने उत्पादों की कीमतों में 20 मई से 5 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी है। ढुलाई खर्च बढ़ा : अर्जुन खाद्य तेल के प्रमुख व्यापारी अर्जुन जालान ने बताया कि ट्रांसपोर्टेशन लागत काफी बढ़ गई है। दिल्ली से 25 टन माल ढुलाई का किराया करीब 5000 रुपए बढ़ गया है। विदेशों से आने वाले सोया तेल की शिपिंग लागत भी महंगी हुई है। आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ेंगी।

