पटना में आयोजित बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के शताब्दी वर्ष समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उद्योग, निवेश और व्यवसायियों की सुरक्षा को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योग लगेंगे तभी राज्य की तस्वीर बदलेगी और सभी लोगों की समृद्धि सुनिश्चित होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार व्यवसायियों की सुरक्षा और निवेश के अनुकूल माहौल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब हर तीन महीने पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक जिला स्तर पर व्यवसायियों के साथ नियमित बैठक करेंगे। इन बैठकों में सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स से जुड़े लोगों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और उद्योग जगत का बिहार पर विश्वास बना रहना जरूरी है। उद्योग नीति में बदलाव के लिए उद्योग मंत्री से मिलने की अपील मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 लागू किया है और जरूरत पड़ने पर इसमें और सुधार किए जाएंगे। उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि अगर उन्हें औद्योगिक नीति में किसी बदलाव की जरूरत महसूस होती है तो वे उद्योग मंत्री से मिलें। सरकार ऐसी नीति बनाना चाहती है जो सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे बल्कि जमीन पर दिखे। उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापित करने के लिए सबसे जरूरी चीज भरोसा और सुरक्षा है। बिहार में बड़ी संख्या में निवेशक आ रहे हैं और सरकार हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराएगी। अपराधियों पर 24 घंटे के अंदर कार्रवाई का दावा मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में अब अपराध करने वालों पर प्राथमिकता के आधार पर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अपराधी का कोई जाति या धर्म नहीं होता और सरकार कानून-व्यवस्था पर पूरी सख्ती से काम कर रही है। कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता और व्यवसायियों को डरने की जरूरत नहीं है। सरकार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में बदल सकेगा बिजनेस मॉडल मुख्यमंत्री ने कहा कि पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र समेत पुराने शहरों में उपलब्ध जमीन पर अब नए प्रकार के व्यवसाय विकसित किए जा सकते हैं। वहां आईटी, सर्विस सेक्टर, होटल और अन्य आधुनिक व्यवसायों को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार को अब नया पहचान दिलाने की जरूरत है। यह वही धरती है जहां से कभी पूरे देश पर शासन हुआ था। उन्होंने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह, कर्पूरी ठाकुर और नीतीश कुमार के योगदान का भी जिक्र किया। बिहार में बनेंगे नए पुल और 126 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले तीन वर्षों में गंगा और सोन नदी के किनारे 126 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव बनाया जाएगा। उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने के लिए पांच नए पुलों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने बताया कि राघोपुर ब्रिज का उद्घाटन अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृह मंत्री द्वारा किया जा सकता है। इसके चालू होने से समस्तीपुर, हाजीपुर और मुजफ्फरपुर जैसे जिले सीधे पटना से बेहतर तरीके से जुड़ जाएंगे। एमएसएमई और टाउनशिप पर सरकार का फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को समृद्ध बनाने के लिए एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करना जरूरी है। सरकार ने 14 हजार एकड़ जमीन अधिग्रहित की है और नई ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि लगभग साढ़े छह लाख एकड़ जमीन पर नई टाउनशिप विकसित की जाएगी, जिसमें करीब 6 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। ग्रामीण इलाकों में जमीन देने वालों को चार गुना और शहरी क्षेत्र के लोगों को दोगुना मुआवजा दिया जाएगा। बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने की तैयारी मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने के लिए उन्हें को-ऑपरेटिव सेक्टर से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार 14 करोड़ लोगों का बड़ा बाजार है और यहां निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में आईपीएल टीम लाने के लिए बीसीसीआई से आग्रह किया जाएगा ताकि राज्य के खिलाड़ियों को बेहतर मंच मिल सके। सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन 1100 की जानकारी सम्राट चौधरी ने बताया कि लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रखंड, थाना और अंचल स्तर पर सहयोग शिविर शुरू किए गए हैं। इसके लिए “सहयोग पोर्टल” और हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया गया है। यदि किसी आवेदन पर 30 दिनों तक कार्रवाई नहीं होती है तो संबंधित अधिकारी को स्वतः निलंबित किया जाएगा। इसकी निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से होगी। बिहार में हर प्रखंड में बनेगा मॉडल स्कूल मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार तेजी से काम कर रही है। राज्य के सभी 534 प्रखंडों में मॉडल स्कूल खोले जाएंगे। पटना में 10 मॉडल स्कूल और जिला मुख्यालयों में पांच-पांच मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे। सरकार ऐसा माहौल बनाना चाहती है कि भविष्य में दूसरे देशों के छात्र भी बिहार पढ़ने के लिए आएं।
व्यवसायियों के साथ बैठक करेंगे डीएम और एसपी:सम्राट चौधरी बोले- उद्योग आएंगे तभी बिहार आगे बढ़ेगा, बंद चीनी मिल फिर होंगे शुरू
पटना में आयोजित बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के शताब्दी वर्ष समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उद्योग, निवेश और व्यवसायियों की सुरक्षा को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योग लगेंगे तभी राज्य की तस्वीर बदलेगी और सभी लोगों की समृद्धि सुनिश्चित होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार व्यवसायियों की सुरक्षा और निवेश के अनुकूल माहौल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब हर तीन महीने पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक जिला स्तर पर व्यवसायियों के साथ नियमित बैठक करेंगे। इन बैठकों में सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स से जुड़े लोगों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और उद्योग जगत का बिहार पर विश्वास बना रहना जरूरी है। उद्योग नीति में बदलाव के लिए उद्योग मंत्री से मिलने की अपील मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 लागू किया है और जरूरत पड़ने पर इसमें और सुधार किए जाएंगे। उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि अगर उन्हें औद्योगिक नीति में किसी बदलाव की जरूरत महसूस होती है तो वे उद्योग मंत्री से मिलें। सरकार ऐसी नीति बनाना चाहती है जो सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे बल्कि जमीन पर दिखे। उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापित करने के लिए सबसे जरूरी चीज भरोसा और सुरक्षा है। बिहार में बड़ी संख्या में निवेशक आ रहे हैं और सरकार हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराएगी। अपराधियों पर 24 घंटे के अंदर कार्रवाई का दावा मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में अब अपराध करने वालों पर प्राथमिकता के आधार पर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अपराधी का कोई जाति या धर्म नहीं होता और सरकार कानून-व्यवस्था पर पूरी सख्ती से काम कर रही है। कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता और व्यवसायियों को डरने की जरूरत नहीं है। सरकार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में बदल सकेगा बिजनेस मॉडल मुख्यमंत्री ने कहा कि पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र समेत पुराने शहरों में उपलब्ध जमीन पर अब नए प्रकार के व्यवसाय विकसित किए जा सकते हैं। वहां आईटी, सर्विस सेक्टर, होटल और अन्य आधुनिक व्यवसायों को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार को अब नया पहचान दिलाने की जरूरत है। यह वही धरती है जहां से कभी पूरे देश पर शासन हुआ था। उन्होंने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह, कर्पूरी ठाकुर और नीतीश कुमार के योगदान का भी जिक्र किया। बिहार में बनेंगे नए पुल और 126 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले तीन वर्षों में गंगा और सोन नदी के किनारे 126 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव बनाया जाएगा। उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने के लिए पांच नए पुलों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने बताया कि राघोपुर ब्रिज का उद्घाटन अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृह मंत्री द्वारा किया जा सकता है। इसके चालू होने से समस्तीपुर, हाजीपुर और मुजफ्फरपुर जैसे जिले सीधे पटना से बेहतर तरीके से जुड़ जाएंगे। एमएसएमई और टाउनशिप पर सरकार का फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को समृद्ध बनाने के लिए एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करना जरूरी है। सरकार ने 14 हजार एकड़ जमीन अधिग्रहित की है और नई ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि लगभग साढ़े छह लाख एकड़ जमीन पर नई टाउनशिप विकसित की जाएगी, जिसमें करीब 6 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। ग्रामीण इलाकों में जमीन देने वालों को चार गुना और शहरी क्षेत्र के लोगों को दोगुना मुआवजा दिया जाएगा। बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने की तैयारी मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने के लिए उन्हें को-ऑपरेटिव सेक्टर से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार 14 करोड़ लोगों का बड़ा बाजार है और यहां निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में आईपीएल टीम लाने के लिए बीसीसीआई से आग्रह किया जाएगा ताकि राज्य के खिलाड़ियों को बेहतर मंच मिल सके। सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन 1100 की जानकारी सम्राट चौधरी ने बताया कि लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रखंड, थाना और अंचल स्तर पर सहयोग शिविर शुरू किए गए हैं। इसके लिए “सहयोग पोर्टल” और हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया गया है। यदि किसी आवेदन पर 30 दिनों तक कार्रवाई नहीं होती है तो संबंधित अधिकारी को स्वतः निलंबित किया जाएगा। इसकी निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से होगी। बिहार में हर प्रखंड में बनेगा मॉडल स्कूल मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार तेजी से काम कर रही है। राज्य के सभी 534 प्रखंडों में मॉडल स्कूल खोले जाएंगे। पटना में 10 मॉडल स्कूल और जिला मुख्यालयों में पांच-पांच मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे। सरकार ऐसा माहौल बनाना चाहती है कि भविष्य में दूसरे देशों के छात्र भी बिहार पढ़ने के लिए आएं।


