पश्चिमी चंपारण के ठकराहा प्रखंड में प्रस्तावित डिग्री कॉलेज के स्थल परिवर्तन को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। शिक्षा विभाग ने कॉलेज को गंडक नदी पार हरपुर मुजौना में संचालित करने का आदेश दिया है, जिससे स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों में आक्रोश है। स्थानीय अभिभावकों और बुद्धिजीवियों का कहना है कि यह फैसला छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। ठकराहा प्रखंड के दक्षिणी हिस्से में उच्च शिक्षा के लिए कोई अन्य विकल्प नहीं है, जिसके कारण छात्रों को पढ़ाई के लिए उत्तर प्रदेश जाना पड़ता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कॉलेज को सुलभ और सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस फैसले की जमीनी हकीकत बीडीओ की रिपोर्ट में भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, ठकराहा, कोईरपट्टी, धूमनगर, मोतीपुर और जगीरहा पंचायतों की कुल आबादी लगभग 47 हजार है, जबकि हरपुर मुजौना की आबादी मात्र 4800 है। प्रतिवर्ष ठकराहा क्षेत्र से 300 से 400 छात्र इंटरमीडिएट पास करते हैं, जबकि हरपुर मुजौना में यह संख्या काफी कम है। प्रखंड मुख्यालय से हरपुर मुजौना की सड़क मार्ग से दूरी लगभग 95 किलोमीटर है। नाव से भी छात्रों को घंटों का सफर तय करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, बरसात के मौसम में यह इलाका कई महीनों तक जलमग्न रहता है, जिससे यहां कॉलेज का संचालन अव्यावहारिक माना जा रहा है। डिग्री कॉलेज संघर्ष समिति की बैठक में अध्यक्ष निजामुद्दीन अली, सचिव विजय चौधरी, महासचिव जंगबहादुर कुशवाहा, वीरेन्द्र तिवारी, प्रमोद तिवारी, जितेन्द्र मिश्रा, अधिवक्ता संजय सिंह, कृष्णमोहन पाठक और राजन पाण्डेय सहित कई सदस्य मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कॉलेज को गंडक नदी के इस पार ही स्थापित करने की मांग की।
ठकराहा डिग्री कॉलेज का स्थान बदलने से लोगों में आक्रोश:गंडक पार हरपुर मुजौना में चलेगा, डिग्री कॉलेज संघर्ष समिति ने आंदोलन की चेतावनी दी
पश्चिमी चंपारण के ठकराहा प्रखंड में प्रस्तावित डिग्री कॉलेज के स्थल परिवर्तन को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। शिक्षा विभाग ने कॉलेज को गंडक नदी पार हरपुर मुजौना में संचालित करने का आदेश दिया है, जिससे स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों में आक्रोश है। स्थानीय अभिभावकों और बुद्धिजीवियों का कहना है कि यह फैसला छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। ठकराहा प्रखंड के दक्षिणी हिस्से में उच्च शिक्षा के लिए कोई अन्य विकल्प नहीं है, जिसके कारण छात्रों को पढ़ाई के लिए उत्तर प्रदेश जाना पड़ता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कॉलेज को सुलभ और सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस फैसले की जमीनी हकीकत बीडीओ की रिपोर्ट में भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, ठकराहा, कोईरपट्टी, धूमनगर, मोतीपुर और जगीरहा पंचायतों की कुल आबादी लगभग 47 हजार है, जबकि हरपुर मुजौना की आबादी मात्र 4800 है। प्रतिवर्ष ठकराहा क्षेत्र से 300 से 400 छात्र इंटरमीडिएट पास करते हैं, जबकि हरपुर मुजौना में यह संख्या काफी कम है। प्रखंड मुख्यालय से हरपुर मुजौना की सड़क मार्ग से दूरी लगभग 95 किलोमीटर है। नाव से भी छात्रों को घंटों का सफर तय करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, बरसात के मौसम में यह इलाका कई महीनों तक जलमग्न रहता है, जिससे यहां कॉलेज का संचालन अव्यावहारिक माना जा रहा है। डिग्री कॉलेज संघर्ष समिति की बैठक में अध्यक्ष निजामुद्दीन अली, सचिव विजय चौधरी, महासचिव जंगबहादुर कुशवाहा, वीरेन्द्र तिवारी, प्रमोद तिवारी, जितेन्द्र मिश्रा, अधिवक्ता संजय सिंह, कृष्णमोहन पाठक और राजन पाण्डेय सहित कई सदस्य मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कॉलेज को गंडक नदी के इस पार ही स्थापित करने की मांग की।

