स्टेट बैंक की हटिया ब्रांच से जुड़े वेंडर मैनेज्ड एटीएम नेटवर्क में पिछले दस दिनों से चल रहे तकनीकी बदलाव के कारण आम लोगों को नकद निकासी में लगातार असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। बैंकिंग सूत्रों के अनुसार, हटिया ब्रांच का कैश चेस्ट, जो एटीएम में नकदी आपूर्ति का प्रमुख केंद्र होता है, हाल ही में सरेंडर कर दिया गया है। इसके बाद एटीएम संचालन का नियंत्रण सिटी ब्रांच के अंतर्गत स्थानांतरित किया जा रहा है। इस संरचनात्मक परिवर्तन का सीधा असर वेंडर-मैनेज्ड एटीएम नेटवर्क पर पड़ा है, जिसके चलते रांची क्षेत्र के लगभग 65 एटीएम या तो पूरी तरह बंद हैं या आंशिक रूप से सेवाएं दे रहे हैं। पिछले करीब दस दिनों से कई इलाकों में एटीएम सेवाओं के बाधित रहने से आम नागरिकों को नकदी निकासी में परेशानी हो रही है। 31 तक सुचारू रूप से कार्य करने लगेंगी सभी एटीएम रीजनल मैनेजर कुमार नीलोत्पल के अनुसार सिस्टम के तकनीकी स्थिरीकरण के बाद सेवाएं चरणबद्ध तरीके से पुनः सामान्य कर दी जाएंगी। अनुमान है कि पूरी व्यवस्था 31 मई तक सुचारू रूप से कार्य करने लगेगी। एटीएम मशीनों की भौतिक स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। केवल संचालन नियंत्रण, नकदी प्रबंधन व्यवस्था और तकनीकी समन्वय प्रणाली में संशोधन किया जा रहा है।
एसबीआई की 65 एटीएम 10 दिन से बंद, बढ़ी परेशानी:हटिया ब्रांच का कैश चेस्ट सरेंडर, एटीएम ऑपरेशन सिटी ब्रांच को ट्रांसफर
स्टेट बैंक की हटिया ब्रांच से जुड़े वेंडर मैनेज्ड एटीएम नेटवर्क में पिछले दस दिनों से चल रहे तकनीकी बदलाव के कारण आम लोगों को नकद निकासी में लगातार असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। बैंकिंग सूत्रों के अनुसार, हटिया ब्रांच का कैश चेस्ट, जो एटीएम में नकदी आपूर्ति का प्रमुख केंद्र होता है, हाल ही में सरेंडर कर दिया गया है। इसके बाद एटीएम संचालन का नियंत्रण सिटी ब्रांच के अंतर्गत स्थानांतरित किया जा रहा है। इस संरचनात्मक परिवर्तन का सीधा असर वेंडर-मैनेज्ड एटीएम नेटवर्क पर पड़ा है, जिसके चलते रांची क्षेत्र के लगभग 65 एटीएम या तो पूरी तरह बंद हैं या आंशिक रूप से सेवाएं दे रहे हैं। पिछले करीब दस दिनों से कई इलाकों में एटीएम सेवाओं के बाधित रहने से आम नागरिकों को नकदी निकासी में परेशानी हो रही है। 31 तक सुचारू रूप से कार्य करने लगेंगी सभी एटीएम रीजनल मैनेजर कुमार नीलोत्पल के अनुसार सिस्टम के तकनीकी स्थिरीकरण के बाद सेवाएं चरणबद्ध तरीके से पुनः सामान्य कर दी जाएंगी। अनुमान है कि पूरी व्यवस्था 31 मई तक सुचारू रूप से कार्य करने लगेगी। एटीएम मशीनों की भौतिक स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। केवल संचालन नियंत्रण, नकदी प्रबंधन व्यवस्था और तकनीकी समन्वय प्रणाली में संशोधन किया जा रहा है।

