सिटी रिपोर्टर | बोकारो बोकारो के मुस्लिम बहुल इलाकों में गुरुवार को उकरीद, सिवनडीह, हैसाबातु, आजाद नगर, मखदुमपुर, इस्लामपुर, सिजुआ, झोपरो, बालीडीह, भर्रा, चास, अंसारी मोहल्ला, सुल्तान नगर, गौस नगर, न्यू पिंडरगाड़िया, सोलीगिडीह, राजा नगर रामडीह, उत्तरी क्षेत्र, आगरडीह, धनगढ़ी, पिपराटांड़, महेशपुर, वास्तेजी, पचौरा, करमागोड़ा, दक्षिणी क्षेत्र के मोहनडीह, जाला, घटियाली, नारायणपुर, सोनाबाद, गोपालपुर समेत अन्य इलाकों में ईद-उल-अजहा यानि बकरीद का त्योहार हर्षोल्लास एवं सादगी के साथ मनाया गया। सुबह से ही लोग नहा-धोकर इत्र, सुरमा और टोपी लगाकर ईदगाह मैदानों एवं मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए निकल पड़े। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में खासा उत्साह देखने को मिला। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद-उल-अजहा की मुबारकबाद दी तथा बोकारो, झारखंड समेत पूरे देश में अमन-चैन, भाईचारा और तरक्की के लिए दुआ मांगी। इस अवसर पर सक्रिय समाजसेवी रिजवानुल होदा ने बोकारो समेत पूरे हिंदुस्तान के लोगों को ईद-उल-अजहा की मुबारकबाद देते हुए कहा कि यह पर्व हजरत इब्राहिम खलीलुल्लाह अलैहिस्स्लाम एवं उनके पुत्र हजरत इस्माइल जबीउल्लाह अलैहिस्स्लाम की याद में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी हजरत इब्राहिम अलैहिस्स्लाम की अजीम सुन्नत है और इस्लाम सही मायनों में आज्ञापालन, सच्ची वफादारी, त्याग एवं बलिदान का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि यह बेमिसाल अमल उसी इंसान से मुमकिन है, जिसने खुद को पूरी तरह अल्लाह के हवाले कर दिया हो। मौके पर जमील अख्तर, हाजी साधन बाबू, नसरुल हक, फैयाजउद्दीन अंसारी, अब्दुल मन्नान अंसारी, हाजी शम्स तमरेज अंसारी, डॉ. इरफान अंसारी, गुलाम ईरानी, अत्ताउल्लाह अंसारी, मुखिया अजहरुद्दीन अंसारी, अशफाक राही, मोहम्मद आरिफ, महबूब आलम, बारीक मुखिया, रोशन शहजादा आदि मौजूद थे।
बोकारो में शांतिपूर्वक अदा की गई नमाज, अमन-चैन और तरक्की के लिए मांगी दुआ, बच्चों में दिखा उल्लास
सिटी रिपोर्टर | बोकारो बोकारो के मुस्लिम बहुल इलाकों में गुरुवार को उकरीद, सिवनडीह, हैसाबातु, आजाद नगर, मखदुमपुर, इस्लामपुर, सिजुआ, झोपरो, बालीडीह, भर्रा, चास, अंसारी मोहल्ला, सुल्तान नगर, गौस नगर, न्यू पिंडरगाड़िया, सोलीगिडीह, राजा नगर रामडीह, उत्तरी क्षेत्र, आगरडीह, धनगढ़ी, पिपराटांड़, महेशपुर, वास्तेजी, पचौरा, करमागोड़ा, दक्षिणी क्षेत्र के मोहनडीह, जाला, घटियाली, नारायणपुर, सोनाबाद, गोपालपुर समेत अन्य इलाकों में ईद-उल-अजहा यानि बकरीद का त्योहार हर्षोल्लास एवं सादगी के साथ मनाया गया। सुबह से ही लोग नहा-धोकर इत्र, सुरमा और टोपी लगाकर ईदगाह मैदानों एवं मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए निकल पड़े। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में खासा उत्साह देखने को मिला। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद-उल-अजहा की मुबारकबाद दी तथा बोकारो, झारखंड समेत पूरे देश में अमन-चैन, भाईचारा और तरक्की के लिए दुआ मांगी। इस अवसर पर सक्रिय समाजसेवी रिजवानुल होदा ने बोकारो समेत पूरे हिंदुस्तान के लोगों को ईद-उल-अजहा की मुबारकबाद देते हुए कहा कि यह पर्व हजरत इब्राहिम खलीलुल्लाह अलैहिस्स्लाम एवं उनके पुत्र हजरत इस्माइल जबीउल्लाह अलैहिस्स्लाम की याद में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी हजरत इब्राहिम अलैहिस्स्लाम की अजीम सुन्नत है और इस्लाम सही मायनों में आज्ञापालन, सच्ची वफादारी, त्याग एवं बलिदान का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि यह बेमिसाल अमल उसी इंसान से मुमकिन है, जिसने खुद को पूरी तरह अल्लाह के हवाले कर दिया हो। मौके पर जमील अख्तर, हाजी साधन बाबू, नसरुल हक, फैयाजउद्दीन अंसारी, अब्दुल मन्नान अंसारी, हाजी शम्स तमरेज अंसारी, डॉ. इरफान अंसारी, गुलाम ईरानी, अत्ताउल्लाह अंसारी, मुखिया अजहरुद्दीन अंसारी, अशफाक राही, मोहम्मद आरिफ, महबूब आलम, बारीक मुखिया, रोशन शहजादा आदि मौजूद थे।

