कोंच प्रखंड के अस्लेमपुर पंचायत स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय तुतुरखी में मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘कब मानसिक चिकित्सक से सहायता लेनी चाहिए’ था। जयप्रकाश नारायण स्वास्थ्य केंद्र से आए मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता निशांत कुमार ने छात्र-छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य, नशा मुक्ति और सही जीवनशैली के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानसिक तनाव, अवसाद, अत्यधिक चिंता, व्यवहार में बदलाव या लगातार उदासी जैसे लक्षण दिखने पर मानसिक चिकित्सक से सलाह लेना आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नशे की लत व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर बना देती है। उन्होंने यह भी बताया कि कई लोग नशे के लिए पैसे जुटाने के गलत रास्ते चुन लेते हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है। पदाधिकारी ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और शिक्षा, खेलकूद तथा सकारात्मक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने यह भी सलाह दी कि किसी भी मानसिक परेशानी को छिपाने के बजाय परिवार, शिक्षक या चिकित्सक से खुलकर बात करें। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजीव रंजन कुमार, शिक्षिका सरिता कुमारी, जिनत नाशरीन, संजीव कुमार, पिंटू कुमार, अशोक कुमार, सुनील कुमार, पंकज कुमार, चिंटू देवी एवं कुमकुम देवी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और अन्य लोग उपस्थित रहे। इस दौरान मोनु कुमार, स्वीटी कुमारी, सिकंदर कुमार, प्रिया कुमारी और ज्योति कुमारी जैसे छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन किया।
तुतुरखी में नशा मुक्ति पर जागरूकता कार्यकर्म:मानसिक तनाव, अवसाद, अत्यधिक चिंता होने पर मानसिक चिकित्सक से सलाह लेने पर जोर
कोंच प्रखंड के अस्लेमपुर पंचायत स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय तुतुरखी में मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘कब मानसिक चिकित्सक से सहायता लेनी चाहिए’ था। जयप्रकाश नारायण स्वास्थ्य केंद्र से आए मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता निशांत कुमार ने छात्र-छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य, नशा मुक्ति और सही जीवनशैली के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानसिक तनाव, अवसाद, अत्यधिक चिंता, व्यवहार में बदलाव या लगातार उदासी जैसे लक्षण दिखने पर मानसिक चिकित्सक से सलाह लेना आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नशे की लत व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर बना देती है। उन्होंने यह भी बताया कि कई लोग नशे के लिए पैसे जुटाने के गलत रास्ते चुन लेते हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है। पदाधिकारी ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और शिक्षा, खेलकूद तथा सकारात्मक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने यह भी सलाह दी कि किसी भी मानसिक परेशानी को छिपाने के बजाय परिवार, शिक्षक या चिकित्सक से खुलकर बात करें। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजीव रंजन कुमार, शिक्षिका सरिता कुमारी, जिनत नाशरीन, संजीव कुमार, पिंटू कुमार, अशोक कुमार, सुनील कुमार, पंकज कुमार, चिंटू देवी एवं कुमकुम देवी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और अन्य लोग उपस्थित रहे। इस दौरान मोनु कुमार, स्वीटी कुमारी, सिकंदर कुमार, प्रिया कुमारी और ज्योति कुमारी जैसे छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन किया।

