सुपौल के बीरपुर स्थित 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 720 लीटर नेपाली शराब एवं एक लकड़ी की नाव जब्त की है। यह कार्रवाई सीमा चौकी पिपराही के कार्यक्षेत्र में विशेष नाका ड्यूटी के दौरान की गई। तस्कर हालांकि अंधेरे और कोसी नदी के कठिन भू-भाग का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। गुप्त सूचना पर कार्रवाई शुक्रवार शाम इस संबंध में जानकारी देते हुए द्वितीय कमान अधिकारी जगदीश कुमार शर्मा ने बताया कि एसएसबी को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि कोसी नदी के पलार क्षेत्र के रास्ते मादक पदार्थों की तस्करी की जा सकती है। सूचना मिलते ही विशेष नाका पार्टी का गठन किया गया। गठित टीम स्पर संख्या 1237 से नाव के माध्यम से कोसी नदी के पलार क्षेत्र में पहुंची और संदिग्ध स्थान पर छिपकर निगरानी शुरू कर दी। कुछ देर बाद जवानों को नदी की ओर से हलचल सुनाई दी। देखा गया कि नदी किनारे लगी एक लकड़ी की नाव पर कुछ अज्ञात लोग सफेद प्लास्टिक की बोरियों में सामान लाकर रख रहे थे। एसएसबी जवानों ने घेराबंदी की संदेह होने पर एसएसबी जवानों ने चारों ओर से घेराबंदी कर तस्करों को पकड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान तस्करों को बल की मौजूदगी का आभास हो गया। इसके बाद वे अंधेरे और नदी क्षेत्र के दुर्गम इलाके का फायदा उठाकर फरार हो गए। इसके बाद जवानों द्वारा मौके पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान लकड़ी की नाव से सफेद प्लास्टिक की बोरियों में रखा नेपाली देशी शराब “दिलवाले” बरामद किया गया। जब्त शराब की कुल मात्रा 720 लीटर बताई गई है। तस्करी के खिलाफ अभियान जारी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब्त शराब एवं नाव को मध निषेध विभाग, सिमराही को सौंप दिया गया। इस अभियान में सहायक कमांडेंट जगत्तर सिंह सहित एसएसबी के अन्य जवान शामिल थे। एसएसबी ने कहा कि सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों और मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
सुपौल में 720 लीटर नेपाली शराब और नाव पकड़ी:कोसी नदी के रास्ते हो रही थी तस्करी, SSB को देख तस्कर भाग निकले
सुपौल के बीरपुर स्थित 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 720 लीटर नेपाली शराब एवं एक लकड़ी की नाव जब्त की है। यह कार्रवाई सीमा चौकी पिपराही के कार्यक्षेत्र में विशेष नाका ड्यूटी के दौरान की गई। तस्कर हालांकि अंधेरे और कोसी नदी के कठिन भू-भाग का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। गुप्त सूचना पर कार्रवाई शुक्रवार शाम इस संबंध में जानकारी देते हुए द्वितीय कमान अधिकारी जगदीश कुमार शर्मा ने बताया कि एसएसबी को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि कोसी नदी के पलार क्षेत्र के रास्ते मादक पदार्थों की तस्करी की जा सकती है। सूचना मिलते ही विशेष नाका पार्टी का गठन किया गया। गठित टीम स्पर संख्या 1237 से नाव के माध्यम से कोसी नदी के पलार क्षेत्र में पहुंची और संदिग्ध स्थान पर छिपकर निगरानी शुरू कर दी। कुछ देर बाद जवानों को नदी की ओर से हलचल सुनाई दी। देखा गया कि नदी किनारे लगी एक लकड़ी की नाव पर कुछ अज्ञात लोग सफेद प्लास्टिक की बोरियों में सामान लाकर रख रहे थे। एसएसबी जवानों ने घेराबंदी की संदेह होने पर एसएसबी जवानों ने चारों ओर से घेराबंदी कर तस्करों को पकड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान तस्करों को बल की मौजूदगी का आभास हो गया। इसके बाद वे अंधेरे और नदी क्षेत्र के दुर्गम इलाके का फायदा उठाकर फरार हो गए। इसके बाद जवानों द्वारा मौके पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान लकड़ी की नाव से सफेद प्लास्टिक की बोरियों में रखा नेपाली देशी शराब “दिलवाले” बरामद किया गया। जब्त शराब की कुल मात्रा 720 लीटर बताई गई है। तस्करी के खिलाफ अभियान जारी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब्त शराब एवं नाव को मध निषेध विभाग, सिमराही को सौंप दिया गया। इस अभियान में सहायक कमांडेंट जगत्तर सिंह सहित एसएसबी के अन्य जवान शामिल थे। एसएसबी ने कहा कि सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों और मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।


