शेखपुरा में संभावित बाढ़ की पूर्व तैयारियों और आपदा प्रबंधन को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में हुई इस बैठक की अध्यक्षता प्रभारी मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने की। जिले के कुल पांच अंचलों में से घाटकुसुम्भा अंचल को सर्वाधिक संवेदनशील माना गया है। घाटकुसुम्भा के अंतर्गत आने वाली पांच पंचायतें माफो, गगौर, डीहकुसुम्भा, भदौसी और पानापुर – बाढ़ तथा जलजमाव से सबसे अधिक प्रभावित होती हैं। प्रशासन इन क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रख रहा है। वर्तमान में जिले में 3,010 पॉलीथिन शीट उपलब्ध हैं, जबकि विभाग से अतिरिक्त 3,500 शीट की मांग की गई है। बैठक में 20 नाव, 22 गोताखोर और 19 लाइफ जैकेट की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया। NDRF और SDRF टीमें उपलब्ध रहें बाढ़ के दौरान विस्थापितों के लिए जिले में 10 मानव राहत शिविर और 10 सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) को सक्रिय मोड में रखने की तैयारी है। आवश्यकतानुसार एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) टीमों को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। प्रभारी मंत्री ने बाउघाट पुल के निर्माण और उसकी ऊंचाई बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ से फसल क्षतिग्रस्त होने पर किसानों को मुआवजा देने का प्रयास किया जाए। साथ ही, बाढ़ के दौरान ढीले विद्युत तारों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। चारा, दवाइयां और पॉलीथिन की व्यवस्था हो बैठक में बाढ़/सूखाड़ की स्थिति में गोताखोरों, पशु चारा, दवाइयां, पॉलीथिन, नाव, पथ का रखरखाव, लाइफ जैकेट, एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके। इस अवसर पर विधायक रणधीर कुमार सोनी, कुमार पुष्पंजय, जिला परिषद अध्यक्ष निर्मला देवी, अपर समाहर्ता सह प्रभारी जिला पदाधिकारी लखींद्र पासवान, उप विकास आयुक्त संजय कुमार, सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी, जिला परिवहन पदाधिकारी सहित अन्य सभी जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
20 नाव,22 गोताखोर और 19 लाइफ जैकेट बढ़ाने के निर्देश:बाढ़ तैयारियों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक,प्रभारी मंत्री बोलीं-समय पर पहुंचे मदद
शेखपुरा में संभावित बाढ़ की पूर्व तैयारियों और आपदा प्रबंधन को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में हुई इस बैठक की अध्यक्षता प्रभारी मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने की। जिले के कुल पांच अंचलों में से घाटकुसुम्भा अंचल को सर्वाधिक संवेदनशील माना गया है। घाटकुसुम्भा के अंतर्गत आने वाली पांच पंचायतें माफो, गगौर, डीहकुसुम्भा, भदौसी और पानापुर – बाढ़ तथा जलजमाव से सबसे अधिक प्रभावित होती हैं। प्रशासन इन क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रख रहा है। वर्तमान में जिले में 3,010 पॉलीथिन शीट उपलब्ध हैं, जबकि विभाग से अतिरिक्त 3,500 शीट की मांग की गई है। बैठक में 20 नाव, 22 गोताखोर और 19 लाइफ जैकेट की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया। NDRF और SDRF टीमें उपलब्ध रहें बाढ़ के दौरान विस्थापितों के लिए जिले में 10 मानव राहत शिविर और 10 सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) को सक्रिय मोड में रखने की तैयारी है। आवश्यकतानुसार एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) टीमों को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। प्रभारी मंत्री ने बाउघाट पुल के निर्माण और उसकी ऊंचाई बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ से फसल क्षतिग्रस्त होने पर किसानों को मुआवजा देने का प्रयास किया जाए। साथ ही, बाढ़ के दौरान ढीले विद्युत तारों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। चारा, दवाइयां और पॉलीथिन की व्यवस्था हो बैठक में बाढ़/सूखाड़ की स्थिति में गोताखोरों, पशु चारा, दवाइयां, पॉलीथिन, नाव, पथ का रखरखाव, लाइफ जैकेट, एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके। इस अवसर पर विधायक रणधीर कुमार सोनी, कुमार पुष्पंजय, जिला परिषद अध्यक्ष निर्मला देवी, अपर समाहर्ता सह प्रभारी जिला पदाधिकारी लखींद्र पासवान, उप विकास आयुक्त संजय कुमार, सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी, जिला परिवहन पदाधिकारी सहित अन्य सभी जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।


