हजारीबाग जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के पौता जंगल में तीन बच्चों की मौत के एक महीने से अधिक समय बाद भी पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिवार ने शनिवार को केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी से मुलाकात की। परिजनों ने हजारीबाग पुलिस की कार्यशैली पर असंतोष व्यक्त करते हुए मंत्री से न्याय की गुहार लगाई। यह घटना 23 अप्रैल को हुई थी, जब एक ही परिवार के दो बच्चियां और एक बच्चा लापता हो गए थे। उनके शव 27 अप्रैल को पौता के जंगल से बरामद किए गए थे। इस तिहरे हत्याकांड के एक महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली होने से परिजनों में निराशा और आक्रोश है। परिवार ने एक यूट्यूबर, सोहेल किरमानी की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए उसकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। परिजनों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झारखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत का महीनों बाद भी खुलासा न होना शर्मनाक है। मंत्री ने मौके पर ही हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को तलब किया और परिजनों के सामने मामले का जल्द खुलासा करने का निर्देश दिया। इस मामले पर पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार को जांच की प्रगति और दिशा के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही थी। एसपी ने यह भी बताया कि पौता घटना से संबंधित रांची एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) से कुछ जांच रिपोर्टें मिली हैं। इसके अतिरिक्त, मोबाइल फोन के डेटा से भी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई हैं। एसपी ने आश्वासन दिया कि केस के अनुसंधान अधिकारी (IO) के माध्यम से पीड़ित परिवार को अब तक की पूरी जांच प्रक्रिया से अवगत (ब्रीफ) करा दिया जाएगा।
हजारीबाग में तीन बच्चों की मौत, खुलासा नहीं:एक माह बाद परिजनों ने केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी से लगाई गुहार
हजारीबाग जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के पौता जंगल में तीन बच्चों की मौत के एक महीने से अधिक समय बाद भी पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिवार ने शनिवार को केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी से मुलाकात की। परिजनों ने हजारीबाग पुलिस की कार्यशैली पर असंतोष व्यक्त करते हुए मंत्री से न्याय की गुहार लगाई। यह घटना 23 अप्रैल को हुई थी, जब एक ही परिवार के दो बच्चियां और एक बच्चा लापता हो गए थे। उनके शव 27 अप्रैल को पौता के जंगल से बरामद किए गए थे। इस तिहरे हत्याकांड के एक महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली होने से परिजनों में निराशा और आक्रोश है। परिवार ने एक यूट्यूबर, सोहेल किरमानी की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए उसकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। परिजनों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झारखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत का महीनों बाद भी खुलासा न होना शर्मनाक है। मंत्री ने मौके पर ही हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को तलब किया और परिजनों के सामने मामले का जल्द खुलासा करने का निर्देश दिया। इस मामले पर पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार को जांच की प्रगति और दिशा के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही थी। एसपी ने यह भी बताया कि पौता घटना से संबंधित रांची एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) से कुछ जांच रिपोर्टें मिली हैं। इसके अतिरिक्त, मोबाइल फोन के डेटा से भी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई हैं। एसपी ने आश्वासन दिया कि केस के अनुसंधान अधिकारी (IO) के माध्यम से पीड़ित परिवार को अब तक की पूरी जांच प्रक्रिया से अवगत (ब्रीफ) करा दिया जाएगा।


