मुजफ्फरपुर नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति के चुनाव में आज राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला। भाजपा के प्रभाव वाले माने जाने वाले नगर निगम में पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता विजेंद्र चौधरी समर्थित गुट ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सात सदस्यीय सशक्त स्थायी समिति पर लगभग पूरी तरह कब्जा जमा लिया। चुनाव परिणाम ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को बदलकर रख दिया है। सबसे खास बात यह रही कि नगर निगम में मेयर और नगर विधायक दोनों भाजपा से जुड़े होने के बावजूद भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को करारी हार का सामना करना पड़ा। वहीं पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी की रणनीति पूरी तरह सफल रही और उनकी ओर से समर्थित सभी सात उम्मीदवार जीत दर्ज करने में कामयाब रहे। परिणाम आने के बाद विजेंद्र चौधरी समर्थकों में उत्साह का माहौल देखा गया। निगम परिसर में दिनभर गहमागहमी का माहौल सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतदान प्रक्रिया के दौरान निगम परिसर में दिनभर गहमागहमी का माहौल रहा। पार्षदों की गोलबंदी, रणनीति और लगातार चल रही बैठकों के बीच दोपहर करीब 3 बजे तक तस्वीर साफ हो गई। राजनीतिक जानकारों के अनुसार समिति में जीत दर्ज करने वाले सात सदस्यों में कुछ पार्षद पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा के करीबी माने जाते हैं, लेकिन चुनाव में उन्हें भी पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी गुट का समर्थन मिला। वहीं वर्तमान विधायक समर्थित खेमे को सबसे बड़ा झटका लगा और उनके समर्थित उम्मीदवार जीत हासिल नहीं कर सके। राजीव पंकू की ऐतिहासिक जीत सशक्त स्थायी समिति के चुनाव में वार्ड संख्या 28 के पार्षद राजीव कुमार पंकू ने एकतरफा मुकाबले में वार्ड संख्या-21 के पार्षद केपी पप्पू को हराकर बड़ी जीत दर्ज की। उनकी जीत को चुनाव का सबसे चर्चित परिणाम माना जा रहा है। अभिमन्यु चौहान ने दोबारा बनाई जगह वार्ड संख्या 10 के पार्षद अभिमन्यु चौहान ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक पकड़ साबित करते हुए कड़े मुकाबले में वार्ड संख्या 11 के पार्षद अजय ओझा को पराजित कर सशक्त स्थायी समिति में अपनी जगह बरकरार रखी। अमित रंजन और इकबाल हसन ने कायम रखी बादशाहत वार्ड संख्या 14 के पार्षद अमित रंजन भी लगातार दूसरी बार समिति में जगह बनाने में सफल रहे। उन्होंने वार्ड संख्या 41 की पार्षद सीमा झा को हराया। वहीं वार्ड संख्या 40 के पार्षद मो. इकबाल हसन ने भी अपना दबदबा कायम रखते हुए वार्ड संख्या 29 के पार्षद सनत कुमार को पराजित कर जीत दर्ज की। अर्चना पंडित की पहली एंट्री वार्ड संख्या 42 की पार्षद अर्चना पंडित ने पहली बार सशक्त स्थायी समिति में जगह बनाई। उन्होंने बेहद रोचक और कड़े मुकाबले में वार्ड संख्या 3 के पार्षद मो. अंजार को हराकर जीत हासिल की। उनकी जीत को चुनाव का बड़ा उलटफेर माना जा रहा है। मनोवर हुसैन भी रहे सफल चुनाव में मनोवर हुसैन ने भी जीत दर्ज कर विजेंद्र चौधरी समर्थक खेमे को और मजबूती प्रदान की। कुल मिलाकर समिति की सभी सीटों पर विजेंद्र चौधरी समर्थित उम्मीदवारों की जीत ने यह साफ कर दिया कि नगर निगम की राजनीति में उनका प्रभाव अब भी कायम है। बदल सकते हैं निगम के समीकरण नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति को निगम सरकार का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाला निकाय माना जाता है। ऐसे में समिति पर विजेंद्र चौधरी समर्थित सदस्यों का कब्जा आने वाले दिनों में निगम की राजनीति और विकास योजनाओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। चुनाव परिणाम ने भाजपा खेमे को बड़ा झटका दिया है, जबकि विजेंद्र चौधरी समर्थकों के लिए इसे बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है।
नगर निगम की सत्ता पर विजेंद्र चौधरी गुट का कब्जा:मुजफ्फरपुर में कई दिग्गजों को मिली हार; पार्षद राजीव कुमार पंकू को मिली जीत
मुजफ्फरपुर नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति के चुनाव में आज राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला। भाजपा के प्रभाव वाले माने जाने वाले नगर निगम में पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता विजेंद्र चौधरी समर्थित गुट ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सात सदस्यीय सशक्त स्थायी समिति पर लगभग पूरी तरह कब्जा जमा लिया। चुनाव परिणाम ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को बदलकर रख दिया है। सबसे खास बात यह रही कि नगर निगम में मेयर और नगर विधायक दोनों भाजपा से जुड़े होने के बावजूद भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को करारी हार का सामना करना पड़ा। वहीं पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी की रणनीति पूरी तरह सफल रही और उनकी ओर से समर्थित सभी सात उम्मीदवार जीत दर्ज करने में कामयाब रहे। परिणाम आने के बाद विजेंद्र चौधरी समर्थकों में उत्साह का माहौल देखा गया। निगम परिसर में दिनभर गहमागहमी का माहौल सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतदान प्रक्रिया के दौरान निगम परिसर में दिनभर गहमागहमी का माहौल रहा। पार्षदों की गोलबंदी, रणनीति और लगातार चल रही बैठकों के बीच दोपहर करीब 3 बजे तक तस्वीर साफ हो गई। राजनीतिक जानकारों के अनुसार समिति में जीत दर्ज करने वाले सात सदस्यों में कुछ पार्षद पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा के करीबी माने जाते हैं, लेकिन चुनाव में उन्हें भी पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी गुट का समर्थन मिला। वहीं वर्तमान विधायक समर्थित खेमे को सबसे बड़ा झटका लगा और उनके समर्थित उम्मीदवार जीत हासिल नहीं कर सके। राजीव पंकू की ऐतिहासिक जीत सशक्त स्थायी समिति के चुनाव में वार्ड संख्या 28 के पार्षद राजीव कुमार पंकू ने एकतरफा मुकाबले में वार्ड संख्या-21 के पार्षद केपी पप्पू को हराकर बड़ी जीत दर्ज की। उनकी जीत को चुनाव का सबसे चर्चित परिणाम माना जा रहा है। अभिमन्यु चौहान ने दोबारा बनाई जगह वार्ड संख्या 10 के पार्षद अभिमन्यु चौहान ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक पकड़ साबित करते हुए कड़े मुकाबले में वार्ड संख्या 11 के पार्षद अजय ओझा को पराजित कर सशक्त स्थायी समिति में अपनी जगह बरकरार रखी। अमित रंजन और इकबाल हसन ने कायम रखी बादशाहत वार्ड संख्या 14 के पार्षद अमित रंजन भी लगातार दूसरी बार समिति में जगह बनाने में सफल रहे। उन्होंने वार्ड संख्या 41 की पार्षद सीमा झा को हराया। वहीं वार्ड संख्या 40 के पार्षद मो. इकबाल हसन ने भी अपना दबदबा कायम रखते हुए वार्ड संख्या 29 के पार्षद सनत कुमार को पराजित कर जीत दर्ज की। अर्चना पंडित की पहली एंट्री वार्ड संख्या 42 की पार्षद अर्चना पंडित ने पहली बार सशक्त स्थायी समिति में जगह बनाई। उन्होंने बेहद रोचक और कड़े मुकाबले में वार्ड संख्या 3 के पार्षद मो. अंजार को हराकर जीत हासिल की। उनकी जीत को चुनाव का बड़ा उलटफेर माना जा रहा है। मनोवर हुसैन भी रहे सफल चुनाव में मनोवर हुसैन ने भी जीत दर्ज कर विजेंद्र चौधरी समर्थक खेमे को और मजबूती प्रदान की। कुल मिलाकर समिति की सभी सीटों पर विजेंद्र चौधरी समर्थित उम्मीदवारों की जीत ने यह साफ कर दिया कि नगर निगम की राजनीति में उनका प्रभाव अब भी कायम है। बदल सकते हैं निगम के समीकरण नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति को निगम सरकार का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाला निकाय माना जाता है। ऐसे में समिति पर विजेंद्र चौधरी समर्थित सदस्यों का कब्जा आने वाले दिनों में निगम की राजनीति और विकास योजनाओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। चुनाव परिणाम ने भाजपा खेमे को बड़ा झटका दिया है, जबकि विजेंद्र चौधरी समर्थकों के लिए इसे बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है।

