DM ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक की।
कटिहार, 30 मई 2026 को जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले के सभी निजी नर्सिंग होम, क्लीनिक और अस्पतालों के संचालकों एवं प्रबंधकों ने भाग लिया।
.
बैठक का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित विभिन्न सूचकांकों की जानकारी को HMIS (हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से दर्ज कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।

स्वास्थय समिति की बैठक में कई लोग शामिल हुए।
बैठक में बताया गया कि निजी स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा किए जा रहे प्रसव, परिवार नियोजन सेवाएं, महिला बंध्याकरण, पुरुष नसबंदी और गर्भनिरोधक साधनों के उपयोग सहित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़ों को नियमित रूप से HMIS पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। इससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का सही आकलन हो सकेगा और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।
जिला पदाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़ों का सही संकलन सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यदि सभी निजी अस्पताल और क्लीनिक अपने यहां उपलब्ध सेवाओं का विवरण समय पर पोर्टल पर दर्ज करेंगे, तो जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा। उन्होंने सभी संचालकों को निर्देश दिया कि वे अपने संस्थानों में होने वाले प्रत्येक प्रसव एवं परिवार नियोजन से संबंधित गतिविधियों का शत-प्रतिशत विवरण HMIS पोर्टल पर दर्ज करें।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सही और विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध होने से मातृ मृत्यु दर (MMR), शिशु मृत्यु दर (IMR) तथा प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न सूचकांकों में सुधार की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र से प्राप्त आंकड़ों को एकीकृत कर एक व्यापक स्वास्थ्य सूचना प्रणाली विकसित करने में भी सहायता मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि HMIS पोर्टल पर नियमित रिपोर्टिंग से स्वास्थ्य योजनाओं के बेहतर नियोजन, संसाधनों के उचित आवंटन तथा राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्माण के लिए आवश्यक डेटा उपलब्ध होगा। बैठक के अंत में सभी निजी अस्पताल संचालकों से सहयोग की अपील की गई तथा स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित रिपोर्टिंग को प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया। इस पहल से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और मूल्यांकन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनने की उम्मीद जताई जा रही है।

