झारखंड में दो सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन की रणनीति लगभग तय हो गई है। महागठबंधन दोनों सीटों पर प्रत्याशी उतारेगा। इस संबंध में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू और तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमार्क शुक्रवार को सीएम हाउस में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले। उनके साथ प्रदेश सह प्रभारी सिरी बेला प्रसाद और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश भी थे। सीएम की कांग्रेस नेताओं के साथ करीब दो घंटे तक बैठक चली। बैठक में कांग्रेस ने एक सीट पर दावा ठोका। इस पर हेमंत ने कहा कि दो दिन के भीतर वे अपनी पार्टी के नेताओं और सहयोगी दलों से बात करेंगे। फिर झामुमो और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के बीच अंतिम दौर की बातचीत होगी। इसके बाद प्रत्याशियों के नाम का ऐलान होगा। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि झामुमो-कांग्रेस एक-एक सीट पर प्रत्याशी दे सकता है। कांग्रेसी बोले- सीएम हाउस की पसंद का हो उम्मीदवार बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी ने कांग्रेस के नेताओं के साथ रायशुमारी की। इसमें पूर्व सांसद, मंत्री विधायक और पूर्व विधायक शामिल थे। सबने एक सुर में कहा कि कांग्रेस को उम्मीदवार उतारने चाहिए। वहीं कुछ नेताओं ने कहा कि पार्टी का उम्मीदवार ऐसा होना चाहिए, जो सीएम हाउस की पसंद का हो। इससे राज्यसभा चुनाव जीतने में आसानी होगी। इसी बीच पूर्व सांसद धीरज साहू और प्रदीप बलमुचू ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। ओबीसी या फारवर्ड हो सकता है कांग्रेस का प्रत्याशी बैठक के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि कांग्रेस का प्रत्याशी कौन हो सकता है। माना जा रहा है कि झामुमा का उम्मीदवार अनुसूचित जनजाति का होगा। ऐसे में कांग्रेस ओबीसी या फारवर्ड पर दांव खेल सकती है। तेलंगाना के डिप्टी सीएम ने कुर्मी नेता को उतारने पर जोर दिया है। ऐसा हुआ तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश प्रत्याशी हो सकते हैं। वहीं अगर फारवर्ड नेता पर भरोसा जताती है तो पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर या सुबोधकांत सहाय को चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है। अल्पसंख्यक वर्ग से एक पूर्व सांसद और एक पूर्व प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष भी टिकट की होड़ में लगे हैं। हालांकि यह सबकुछ आलाकमान के फैसले पर ही निर्भर करेगा। कांग्रेस स्थानीय उम्मीदवार को ही मैदान में उतारेगी सीएम हाउस पहुंचने से पहले एयरपोर्ट पर कांग्रेस प्रभारी ने कहा कांग्रेस स्थानीय उम्मीदवार को ही चुनाव मैदान में उतारेगी। झारखंड का सेंटिमेंट काफी स्ट्रांग है। इसलिए स्थानीय उम्मीदवार ही देना है। कांग्रेस एक सीट को लेकर पूरी तरह आशान्वित है। उधर, स्थानीय उम्मीदवार उतारने की बात सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई कि आखिर कौन उम्मीदवार होगा। कई बड़े नेता लॉबिंग में जुट गए।
राज्यसभा चुनाव: इंडिया गठबंधन दोनों सीटों पर उतारेगा प्रत्याशी
झारखंड में दो सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन की रणनीति लगभग तय हो गई है। महागठबंधन दोनों सीटों पर प्रत्याशी उतारेगा। इस संबंध में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू और तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमार्क शुक्रवार को सीएम हाउस में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले। उनके साथ प्रदेश सह प्रभारी सिरी बेला प्रसाद और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश भी थे। सीएम की कांग्रेस नेताओं के साथ करीब दो घंटे तक बैठक चली। बैठक में कांग्रेस ने एक सीट पर दावा ठोका। इस पर हेमंत ने कहा कि दो दिन के भीतर वे अपनी पार्टी के नेताओं और सहयोगी दलों से बात करेंगे। फिर झामुमो और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के बीच अंतिम दौर की बातचीत होगी। इसके बाद प्रत्याशियों के नाम का ऐलान होगा। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि झामुमो-कांग्रेस एक-एक सीट पर प्रत्याशी दे सकता है। कांग्रेसी बोले- सीएम हाउस की पसंद का हो उम्मीदवार बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी ने कांग्रेस के नेताओं के साथ रायशुमारी की। इसमें पूर्व सांसद, मंत्री विधायक और पूर्व विधायक शामिल थे। सबने एक सुर में कहा कि कांग्रेस को उम्मीदवार उतारने चाहिए। वहीं कुछ नेताओं ने कहा कि पार्टी का उम्मीदवार ऐसा होना चाहिए, जो सीएम हाउस की पसंद का हो। इससे राज्यसभा चुनाव जीतने में आसानी होगी। इसी बीच पूर्व सांसद धीरज साहू और प्रदीप बलमुचू ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। ओबीसी या फारवर्ड हो सकता है कांग्रेस का प्रत्याशी बैठक के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि कांग्रेस का प्रत्याशी कौन हो सकता है। माना जा रहा है कि झामुमा का उम्मीदवार अनुसूचित जनजाति का होगा। ऐसे में कांग्रेस ओबीसी या फारवर्ड पर दांव खेल सकती है। तेलंगाना के डिप्टी सीएम ने कुर्मी नेता को उतारने पर जोर दिया है। ऐसा हुआ तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश प्रत्याशी हो सकते हैं। वहीं अगर फारवर्ड नेता पर भरोसा जताती है तो पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर या सुबोधकांत सहाय को चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है। अल्पसंख्यक वर्ग से एक पूर्व सांसद और एक पूर्व प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष भी टिकट की होड़ में लगे हैं। हालांकि यह सबकुछ आलाकमान के फैसले पर ही निर्भर करेगा। कांग्रेस स्थानीय उम्मीदवार को ही मैदान में उतारेगी सीएम हाउस पहुंचने से पहले एयरपोर्ट पर कांग्रेस प्रभारी ने कहा कांग्रेस स्थानीय उम्मीदवार को ही चुनाव मैदान में उतारेगी। झारखंड का सेंटिमेंट काफी स्ट्रांग है। इसलिए स्थानीय उम्मीदवार ही देना है। कांग्रेस एक सीट को लेकर पूरी तरह आशान्वित है। उधर, स्थानीय उम्मीदवार उतारने की बात सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई कि आखिर कौन उम्मीदवार होगा। कई बड़े नेता लॉबिंग में जुट गए।


