देश को इस साल सूखा झेलना पड़ सकता है। भारतीय मौसम विभाग ने शुक्रवार को आधिकारिक रूप से अपने संशोधित पूर्वानुमान में कहा है कि इस साल मानसून के दौरान औसत बारिश की तुलना में 10% कम बारिश हो सकती है। अलनीनो परिस्थितियां विकसित होने को इसका प्रमुख कारण बताया जा रहा है। विभाग ने अप्रैल में पहले पूर्वानुमान में कहा था कि मानसून के दौरान होने वाली सामान्य औसत बारिश 87 सेमी की 92 फीसदी हो सकती है, जबकि शुक्रवार को पूर्वानुमान में संशोधन करते हुए कहा कि इस बार जून से सितंबर के दौरान औसत की 90 फीसदी बारिश हो सकती है। आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि इस पूर्वानुमान में 4% कम या ज्यादा रहने की संभावना है। यानी बारिश 86% भी रह सकती है। ऐसी स्थिति 10 साल बाद बन रही है। 2015 में मानसून 86% था। अभी और गिरेगा पारा झारखंड के ऊपर दो टर्फ लाइन सक्रिय हैं। जिससे मौसम में बदलाव हुआ है और बारिश हो रही है। 31 मई तक रांची समेत अधिकांश जिलों के लिए आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 50 से 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने और बारिश की संभावना है। वज्रपात होने का भी खतरा है। अगले 24 घंटे में तापमान में 5 डिग्री और गिरावट आ सकती है। मानसून केरल पहुंचने में एक सप्ताह और लगेगा मानसून रेखा की अरब सागर ब्रांच कमजोर होने के चलते मानसून केरल में दस्तक नहीं दे पा रहा है। हालांकि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बारिश हो रही है। अगले तीन से चार दिन में मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है। एक हफ्ते में यह केरल पहुंच सकता है। अभिषेक आनंदनिदेशक, मौसम विज्ञान केंद्र, रांची इधर देश में… 10 साल बाद बन रहे ऐसे हालात, तब 86% हुई थी नया पूर्वानुमान: इस साल सूखे का खतरा रांची सहित झारखंड के कई हिस्सों में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली। रांची में सुबह 9 से 11 बजे तक झमाझम बारिश और तेज हवाओं ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाई। मौसम विभाग के अनुसार रांची में 14 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण शहर का अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले 24 घंटे की तुलना में 8.6 डिग्री कम रहा। हालांकि राहत लेकर आई बारिश कुछ इलाकों में आफत बन गई। राज्य के अलग-अलग जिलों में वज्रपात से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हुए। रांची के इटकी थाना क्षेत्र के कुल्ली गांव में जंगल में आम और लकड़ी चुनने गई असृति मिंज (11) की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना में तीन अन्य लोग घायल हो गए, जिनका इलाज कराया जा रहा है। बोकारो के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के जंगलुडीह गांव में क्रिकेट मैच देख रहे 21 वर्षीय अमित कुमार महतो की पेड़ के नीचे खड़े रहने के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। गढ़वा के कांडी थाना क्षेत्र के बनकट टोला में 45 वर्षीय सोनमती देवी बकरी को खोलकर घर के अंदर ले जाने के दौरान वज्रपात की चपेट में आ गईं और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। धनबाद के राजगंज स्थित चुंगी गांव में 44 वर्षीय सपना देवी बारिश के दौरान घर लौटते समय वज्रपात की चपेट में आ गईं। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इधर, धनबाद में सुबह 10 बजे के बाद तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हुई। भूली, हीरापुर और धैया में ओले भी गिरे। वहीं, जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में झमाझाम बारिश हुई। तापमान में 4 डिग्री की गिरावट आई। पारा 32.0 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है तथा लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने की अपील की है।
राज्य में ठनका से 4 की मौत, रांची में 8.6 डिग्री गिरा पारा; 31 तक बारिश का ऑरेंज अलर्ट
देश को इस साल सूखा झेलना पड़ सकता है। भारतीय मौसम विभाग ने शुक्रवार को आधिकारिक रूप से अपने संशोधित पूर्वानुमान में कहा है कि इस साल मानसून के दौरान औसत बारिश की तुलना में 10% कम बारिश हो सकती है। अलनीनो परिस्थितियां विकसित होने को इसका प्रमुख कारण बताया जा रहा है। विभाग ने अप्रैल में पहले पूर्वानुमान में कहा था कि मानसून के दौरान होने वाली सामान्य औसत बारिश 87 सेमी की 92 फीसदी हो सकती है, जबकि शुक्रवार को पूर्वानुमान में संशोधन करते हुए कहा कि इस बार जून से सितंबर के दौरान औसत की 90 फीसदी बारिश हो सकती है। आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि इस पूर्वानुमान में 4% कम या ज्यादा रहने की संभावना है। यानी बारिश 86% भी रह सकती है। ऐसी स्थिति 10 साल बाद बन रही है। 2015 में मानसून 86% था। अभी और गिरेगा पारा झारखंड के ऊपर दो टर्फ लाइन सक्रिय हैं। जिससे मौसम में बदलाव हुआ है और बारिश हो रही है। 31 मई तक रांची समेत अधिकांश जिलों के लिए आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 50 से 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने और बारिश की संभावना है। वज्रपात होने का भी खतरा है। अगले 24 घंटे में तापमान में 5 डिग्री और गिरावट आ सकती है। मानसून केरल पहुंचने में एक सप्ताह और लगेगा मानसून रेखा की अरब सागर ब्रांच कमजोर होने के चलते मानसून केरल में दस्तक नहीं दे पा रहा है। हालांकि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बारिश हो रही है। अगले तीन से चार दिन में मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है। एक हफ्ते में यह केरल पहुंच सकता है। अभिषेक आनंदनिदेशक, मौसम विज्ञान केंद्र, रांची इधर देश में… 10 साल बाद बन रहे ऐसे हालात, तब 86% हुई थी नया पूर्वानुमान: इस साल सूखे का खतरा रांची सहित झारखंड के कई हिस्सों में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली। रांची में सुबह 9 से 11 बजे तक झमाझम बारिश और तेज हवाओं ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाई। मौसम विभाग के अनुसार रांची में 14 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण शहर का अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले 24 घंटे की तुलना में 8.6 डिग्री कम रहा। हालांकि राहत लेकर आई बारिश कुछ इलाकों में आफत बन गई। राज्य के अलग-अलग जिलों में वज्रपात से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हुए। रांची के इटकी थाना क्षेत्र के कुल्ली गांव में जंगल में आम और लकड़ी चुनने गई असृति मिंज (11) की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना में तीन अन्य लोग घायल हो गए, जिनका इलाज कराया जा रहा है। बोकारो के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के जंगलुडीह गांव में क्रिकेट मैच देख रहे 21 वर्षीय अमित कुमार महतो की पेड़ के नीचे खड़े रहने के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। गढ़वा के कांडी थाना क्षेत्र के बनकट टोला में 45 वर्षीय सोनमती देवी बकरी को खोलकर घर के अंदर ले जाने के दौरान वज्रपात की चपेट में आ गईं और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। धनबाद के राजगंज स्थित चुंगी गांव में 44 वर्षीय सपना देवी बारिश के दौरान घर लौटते समय वज्रपात की चपेट में आ गईं। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इधर, धनबाद में सुबह 10 बजे के बाद तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हुई। भूली, हीरापुर और धैया में ओले भी गिरे। वहीं, जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में झमाझाम बारिश हुई। तापमान में 4 डिग्री की गिरावट आई। पारा 32.0 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है तथा लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने की अपील की है।


