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जिले में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना पिछले पांच माह से प्रभावित है। जीपीएस सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनी का राज्य सरकार के साथ एमओयू समाप्त होने के कारण योजना के तहत संचालित वाहनों का परिचालन बाधित हो गया है। इससे सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना का उद्देश्य दूरदराज और दुर्गम गांवों को प्रखंड, अनुमंडल तथा जिला मुख्यालयों से जोड़कर ग्रामीणों को सस्ती और सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। जिले में कुल 14 रूटों पर वाहनों के संचालन का प्रस्ताव है। लेकिन वर्तमान में केवल छह रूटों पर ही वाहन चल रहे हैं। योजना के तहत वाहनों का भुगतान जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली के माध्यम से किया जाता है। जीपीएस से संपर्क टूटने या तकनीकी खराबी होने पर वाहन संचालकों को भुगतान नहीं मिलता है। इसी कारण अधिकांश वाहन चालकों ने वाहन संचालन बंद कर दिया है। वाहन चालकों का कहना है कि नियमित भुगतान नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। वहीं विभागीय अधिकारियों के अनुसार जीपीएस सेवा प्रदाता कंपनी का राज्य सरकार के साथ नया एमओयू होने तक यह व्यवस्था बाधित रह सकती है।
योजना ठप होने से ग्रामीणों के लोगों को हो रही परेशानी योजना के प्रभावित होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। इस योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों, विधवा महिलाओं, दिव्यांगजनों, झारखंड आंदोलनकारियों और एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों को निशुल्क बस यात्रा की सुविधा मिलती है, जबकि अन्य यात्रियों को रियायती किराये का लाभ दिया जाता है। योजना के बाधित होने से इन सभी वर्गों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।


