कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र में नीट परीक्षा रद्द होने से अवसादग्रस्त एक 16 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना चित्रगुप्त नगर वार्ड संख्या 24 स्थित एक किराए के मकान में हुई। मृतका की पहचान एलआईसी एजेंट संजय कुमार सिंह की इकलौती पुत्री रुचि कुमारी के रूप में हुई है। मृतका के पिता संजय कुमार सिंह ने बताया कि रुचि ने पिछले महीने नीट की परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद वह काफी खुश थी और उसने बताया था कि उसका पेपर बहुत अच्छा गया है। हालांकि, कुछ ही दिनों बाद उसकी यह खुशी गम में बदल गई। नीट परीक्षा रद्द होने की खबर के बाद से रुचि लगातार गहरे अवसाद में थी। ऑनलाइन एक परीक्षा दे रही थी माता-पिता ने रुचि को इस डिप्रेशन से निकालने के लिए लगातार प्रयास किए। वे उसे अगली बार और मेहनत से परीक्षा देने के लिए समझा रहे थे, लेकिन वह इस मानसिक स्थिति से बाहर नहीं आ पा रही थी। रविवार रात को रुचि अपने कमरे में नीट की ऑनलाइन कोचिंग से संबंधित एक परीक्षा दे रही थी, जबकि उसके माता-पिता खाना खाने बैठे थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब रुचि खाना खाने नहीं आई, तो माता-पिता उसके कमरे के पास पहुंचे। उन्होंने दरवाजा खोलने को कहा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बार-बार दरवाजा खटखटाने पर भी जब दरवाजा नहीं खुला, तो संजय सिंह ने दरवाजा तोड़ दिया। पंखे से फंदा लगाकर झूल गई कमरे में प्रवेश करते ही संजय सिंह ने देखा कि रुचि पंखे से फंदा लगाकर झूल रही थी। जब तक उसे फंदे से नीचे उतारा गया, उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी तिलैया पुलिस को दी। तिलैया पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेते हुए पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल कोडरमा भेज दिया।
नीट परीक्षा रद्द होने से छात्रा ने की आत्महत्या:कोडरमा में 16 वर्षीय छात्रा ने लगाई फांसी, पिता ने कहा- काफी दिनों से थी डिप्रेशन में
कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र में नीट परीक्षा रद्द होने से अवसादग्रस्त एक 16 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना चित्रगुप्त नगर वार्ड संख्या 24 स्थित एक किराए के मकान में हुई। मृतका की पहचान एलआईसी एजेंट संजय कुमार सिंह की इकलौती पुत्री रुचि कुमारी के रूप में हुई है। मृतका के पिता संजय कुमार सिंह ने बताया कि रुचि ने पिछले महीने नीट की परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद वह काफी खुश थी और उसने बताया था कि उसका पेपर बहुत अच्छा गया है। हालांकि, कुछ ही दिनों बाद उसकी यह खुशी गम में बदल गई। नीट परीक्षा रद्द होने की खबर के बाद से रुचि लगातार गहरे अवसाद में थी। ऑनलाइन एक परीक्षा दे रही थी माता-पिता ने रुचि को इस डिप्रेशन से निकालने के लिए लगातार प्रयास किए। वे उसे अगली बार और मेहनत से परीक्षा देने के लिए समझा रहे थे, लेकिन वह इस मानसिक स्थिति से बाहर नहीं आ पा रही थी। रविवार रात को रुचि अपने कमरे में नीट की ऑनलाइन कोचिंग से संबंधित एक परीक्षा दे रही थी, जबकि उसके माता-पिता खाना खाने बैठे थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब रुचि खाना खाने नहीं आई, तो माता-पिता उसके कमरे के पास पहुंचे। उन्होंने दरवाजा खोलने को कहा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बार-बार दरवाजा खटखटाने पर भी जब दरवाजा नहीं खुला, तो संजय सिंह ने दरवाजा तोड़ दिया। पंखे से फंदा लगाकर झूल गई कमरे में प्रवेश करते ही संजय सिंह ने देखा कि रुचि पंखे से फंदा लगाकर झूल रही थी। जब तक उसे फंदे से नीचे उतारा गया, उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी तिलैया पुलिस को दी। तिलैया पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेते हुए पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल कोडरमा भेज दिया।


