कोडरमा जिले में बस यात्रियों को अब सफर के लिए पहले से अधिक पैसे खर्च करने पड़ेंगे। जिला बस एसोसिएशन ने यात्री किराए में 15 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का फैसला लिया है। यह निर्णय 31 मई को आयोजित बैठक में लिया गया, जिसके बाद विभिन्न रूटों पर चलने वाली बसों का किराया बढ़ा दिया गया है। एसोसिएशन के अनुसार, लगातार बढ़ रही पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने बस संचालकों की लागत को काफी बढ़ा दिया है, जिसके कारण यह कदम उठाना मजबूरी बन गया। इस फैसले से आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ा है। महंगाई का बोझ और बढ़ गया है। रांची, हजारीबाग समेत कई रूटों पर बढ़ा किराया नए किराया ढांचे के अनुसार, कोडरमा से रांची जाने वाली सामान्य बसों का किराया 300 रुपए से बढ़ाकर 350 रुपए कर दिया गया है। वहीं एसी बसों का किराया 350 से बढ़कर 400 रुपए हो गया है। इसी तरह कोडरमा से हजारीबाग जाने वाले यात्रियों को अब 120 रुपए की जगह 150 रुपए देने होंगे। बिहार की ओर जाने वाली बसों के किराए में भी 30 से 50 रुपए तक की वृद्धि की गई है। इस अचानक बढ़ोतरी से यात्रियों में नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि पहले से ही रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी हो चुकी है। डीजल की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि है वजह बस एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष बंसी यादव ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में डीजल की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इसके साथ ही मोटर पार्ट्स के दाम भी तेजी से बढ़े हैं, जिससे बसों के परिचालन की लागत काफी बढ़ गई है। वहीं दूसरी ओर, बस कंडक्टरों का कहना है कि किराया बढ़ने के बाद यात्रियों के साथ रोजाना विवाद की स्थिति बन रही है। कई यात्री अतिरिक्त किराया देने से इनकार कर रहे हैं, जिससे संचालन में परेशानी हो रही है। कंडक्टरों के अनुसार, यह बढ़ोतरी उनकी मजबूरी है। ट्रेन सस्ती, पर मजबूरी में बस का सहारा दिलचस्प बात यह है कि जिन रूटों पर बस किराया बढ़ाया गया है, वहां ट्रेन का किराया काफी कम है। कोडरमा से हजारीबाग रेल मार्ग से सफर करने पर यात्रियों को मात्र 30 रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं, जबकि बस से यही यात्रा अब 150 रुपए में हो रही है। इसी तरह कोडरमा से रांची ट्रेन से जाने पर 100 से 120 रुपए लगते हैं। जबकि बस का किराया 350 रुपए तक पहुंच गया है। बावजूद इसके, ट्रेनों की कम उपलब्धता और अनियमित परिचालन के कारण लोगों को मजबूरन बसों का सहारा लेना पड़ रहा है। ऐसे में बढ़ा हुआ किराया आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है।
कोडरमा में बस किराया 15–30 % तक बढ़ा:रांची के लिए 350 और हजारीबाग के लिए लगेंगे 150 रुपए; डीजल की बढ़ती कीमत का असर
कोडरमा जिले में बस यात्रियों को अब सफर के लिए पहले से अधिक पैसे खर्च करने पड़ेंगे। जिला बस एसोसिएशन ने यात्री किराए में 15 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का फैसला लिया है। यह निर्णय 31 मई को आयोजित बैठक में लिया गया, जिसके बाद विभिन्न रूटों पर चलने वाली बसों का किराया बढ़ा दिया गया है। एसोसिएशन के अनुसार, लगातार बढ़ रही पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने बस संचालकों की लागत को काफी बढ़ा दिया है, जिसके कारण यह कदम उठाना मजबूरी बन गया। इस फैसले से आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ा है। महंगाई का बोझ और बढ़ गया है। रांची, हजारीबाग समेत कई रूटों पर बढ़ा किराया नए किराया ढांचे के अनुसार, कोडरमा से रांची जाने वाली सामान्य बसों का किराया 300 रुपए से बढ़ाकर 350 रुपए कर दिया गया है। वहीं एसी बसों का किराया 350 से बढ़कर 400 रुपए हो गया है। इसी तरह कोडरमा से हजारीबाग जाने वाले यात्रियों को अब 120 रुपए की जगह 150 रुपए देने होंगे। बिहार की ओर जाने वाली बसों के किराए में भी 30 से 50 रुपए तक की वृद्धि की गई है। इस अचानक बढ़ोतरी से यात्रियों में नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि पहले से ही रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी हो चुकी है। डीजल की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि है वजह बस एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष बंसी यादव ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में डीजल की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इसके साथ ही मोटर पार्ट्स के दाम भी तेजी से बढ़े हैं, जिससे बसों के परिचालन की लागत काफी बढ़ गई है। वहीं दूसरी ओर, बस कंडक्टरों का कहना है कि किराया बढ़ने के बाद यात्रियों के साथ रोजाना विवाद की स्थिति बन रही है। कई यात्री अतिरिक्त किराया देने से इनकार कर रहे हैं, जिससे संचालन में परेशानी हो रही है। कंडक्टरों के अनुसार, यह बढ़ोतरी उनकी मजबूरी है। ट्रेन सस्ती, पर मजबूरी में बस का सहारा दिलचस्प बात यह है कि जिन रूटों पर बस किराया बढ़ाया गया है, वहां ट्रेन का किराया काफी कम है। कोडरमा से हजारीबाग रेल मार्ग से सफर करने पर यात्रियों को मात्र 30 रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं, जबकि बस से यही यात्रा अब 150 रुपए में हो रही है। इसी तरह कोडरमा से रांची ट्रेन से जाने पर 100 से 120 रुपए लगते हैं। जबकि बस का किराया 350 रुपए तक पहुंच गया है। बावजूद इसके, ट्रेनों की कम उपलब्धता और अनियमित परिचालन के कारण लोगों को मजबूरन बसों का सहारा लेना पड़ रहा है। ऐसे में बढ़ा हुआ किराया आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है।

