झारखंड में आईपीएस अधिकारियों के फेरबदल के बीच अब राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय ने जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को दुरुस्त करने के लिए सबसे बड़ा ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू किया है। राज्य सरकार के कड़े रुख के बाद पुलिस मुख्यालय ऐसे थाना और ओपी प्रभारियों की जिलावार ब्लैक लिस्ट तैयार कर रहा है, जिन पर गंभीर आरोप लगे हैं या जिनके खिलाफ विभागीय जांच तथा भ्रष्टाचार की शिकायतें लंबित हैं। हाल में मुख्यमंत्री और गृह विभाग के साथ हुई पुलिस अधिकारियों की बैठक में इस संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। इसके बाद डीजीपी कार्यालय ने सभी जिलों के एसएसपी और एसपी से ऐसे अधिकारियों की गोपनीय रिपोर्ट मांगी है। इस कवायद का सीधा मतलब है कि आने वाले दिनों में राज्य के दर्जनों थानों से आरोपों और विवादों में घिरे थानेदारों की छुट्टी तय मानी जा रही है। इन्हें फील्ड पोस्टिंग से हटाकर पुलिस लाइन या गैर-प्रभावी पदस्थापन पर भेजा जाएगा। बोकारो जिले के पिंड्राजोरा थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी अभिषेक रंजन, आईओए अनिकेत कुमार समेत थाने के अन्य अधिकारियों पर 2025 में लापता 18 वर्षीय छात्रा के मामले में घोर लापरवाही और साक्ष्य छिपाने का आरोप लगा था। हाईकोर्ट की फटकार के बाद जांच हुई और छात्रा का कंकाल मिला। -शेष पेज 7 पर जानिए… क्या है पुलिस मुख्यालय का एक्शन प्लान मुख्यालय स्तर पर तीन स्तरों पर स्क्रूटनी की जा रही है। इंस्पेक्टर व सब-इंस्पेक्टर रैंक के जिन अफसर के खिलाफ कोर्ट या एसीबी में मामले लंबित हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाएगा। जिन थाना प्रभारियों के खिलाफ शिकायतें मिल रही हैं, उनके ट्रैक रिकॉर्ड देखा जा रहा है। इसके अलावा दागी चेहरों को हटाकर बेदाग, युवा और कार्यकुशल अधिकारियों को थानों की कमान सौंपने की तैयारी है, ताकि निष्पक्ष न्याय मिल सके।

