विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के अवसर पर जिले में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर बुधवार को एक समीक्षा बैठक हुई। यह बैठक नमामि गंगे के जिला परियोजना पदाधिकारी आनंद अंकित की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें कार्यक्रमों के सफल आयोजन पर विस्तृत चर्चा हुई और विभिन्न विभागों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी गईं। पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा
बैठक में वन विभाग, मधुबनी के परिसर पदाधिकारी अनूप कुमार, उप परिसर पदाधिकारी सिकंदर रविदास और आईसीडीएस के जिला समन्वयक स्मित प्रतीक सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। नगर निगम, मधुबनी के स्वच्छता पदाधिकारी अमिताभ गुंजन और वन विभाग के क्षेत्र पदाधिकारी संजय कुमार वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। समीक्षा के दौरान निर्णय लिया गया कि विश्व पर्यावरण दिवस पर कोर्ट परिसर, डीआरडीए परिसर और समाहरणालय परिसर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, जिले के विभिन्न विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। संवेदनशीलता विकसित करने का प्रयास किया जाएगा
अधिकारियों ने अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित कर हरित वातावरण बनाने पर जोर दिया। छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से निबंध लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों में प्रकृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शहर में एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाने की योजना बनाई गई है। जल योद्धाओं को सम्मानित करने पर भी सहमति बनी
इस अभियान के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। बैठक में जल एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पांच पर्यावरण प्रेमियों और जल योद्धाओं को सम्मानित करने पर भी सहमति बनी। अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्यक्रमों का सफल संचालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके।


