मोतिहारी के हरसिद्धि थाना क्षेत्र में पुलिस और फल दुकानदार के बीच हुए विवाद की जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) अरेराज की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह पूरा मामला आपसी गलतफहमी का परिणाम था। यह विवाद 3 जून को सोशल मीडिया पर एक वीडियो और फल दुकानदार के बयान के वायरल होने के बाद सामने आया था। वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी दो लोगों को ले जाते हुए दिख रहे थे, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी स्तर से जांच के आदेश दिए गए थे। एक फल दुकानदार से 750 ग्राम आम खरीदे थे जांच के दौरान पता चला कि 2 जून को हरसिद्धि थाना के पीएसआई प्रीतम कुमार ने एक फल दुकानदार से 750 ग्राम आम खरीदे थे, जिसका भुगतान उन्होंने पे-फोन के माध्यम से 130 रुपये किया था। बाद में आम काटने पर वह अंदर से सड़ा हुआ निकला। पीएसआई प्रीतम कुमार सड़े हुए आम लेकर दुकानदार के पास शिकायत करने पहुंचे। आरोप है कि दुकानदार ने आम वापस लेने या पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और कहा कि ऊपर से आम ठीक दिखता है, अंदर की गारंटी नहीं है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। पुलिस टीम बिना किसी कार्रवाई के लौट गई सूचना मिलने पर गश्ती पदाधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन दुकानदार ने उनसे भी ऊंची आवाज में बात की, जिससे वहां भीड़ जमा हो गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस दुकानदार को पूछताछ के लिए थाने ले जाने लगी। तभी कुछ जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और विवाद को वहीं खत्म करने का अनुरोध किया। इसके बाद पुलिस टीम बिना किसी कार्रवाई के लौट गई। जांच में यह भी सामने आया कि दुकानदार चन्द्रिका साह और उनके पुत्र रूपेश कुमार ने लिखित आवेदन देकर स्वीकार किया कि सड़े आम को लेकर गलतफहमी में विवाद बढ़ गया था। उन्होंने अपने बयान और वायरल वीडियो पर खेद जताते हुए माफी मांगी और कहा कि अब उन्हें कोई शिकायत नहीं है। डीएसपी ने इस मामले में पीएसआई प्रीतम कुमार को भविष्य में सतर्क रहने की चेतावनी दी है। साथ ही सभी पुलिसकर्मियों को आम जनता के साथ सौम्य व्यवहार बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
मोतिहारी में पुलिस-फल दुकानदार विवाद सुलझा:DSP जांच में सामने आई गलतफहमी की बात
मोतिहारी के हरसिद्धि थाना क्षेत्र में पुलिस और फल दुकानदार के बीच हुए विवाद की जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) अरेराज की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह पूरा मामला आपसी गलतफहमी का परिणाम था। यह विवाद 3 जून को सोशल मीडिया पर एक वीडियो और फल दुकानदार के बयान के वायरल होने के बाद सामने आया था। वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी दो लोगों को ले जाते हुए दिख रहे थे, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी स्तर से जांच के आदेश दिए गए थे। एक फल दुकानदार से 750 ग्राम आम खरीदे थे जांच के दौरान पता चला कि 2 जून को हरसिद्धि थाना के पीएसआई प्रीतम कुमार ने एक फल दुकानदार से 750 ग्राम आम खरीदे थे, जिसका भुगतान उन्होंने पे-फोन के माध्यम से 130 रुपये किया था। बाद में आम काटने पर वह अंदर से सड़ा हुआ निकला। पीएसआई प्रीतम कुमार सड़े हुए आम लेकर दुकानदार के पास शिकायत करने पहुंचे। आरोप है कि दुकानदार ने आम वापस लेने या पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और कहा कि ऊपर से आम ठीक दिखता है, अंदर की गारंटी नहीं है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। पुलिस टीम बिना किसी कार्रवाई के लौट गई सूचना मिलने पर गश्ती पदाधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन दुकानदार ने उनसे भी ऊंची आवाज में बात की, जिससे वहां भीड़ जमा हो गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस दुकानदार को पूछताछ के लिए थाने ले जाने लगी। तभी कुछ जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और विवाद को वहीं खत्म करने का अनुरोध किया। इसके बाद पुलिस टीम बिना किसी कार्रवाई के लौट गई। जांच में यह भी सामने आया कि दुकानदार चन्द्रिका साह और उनके पुत्र रूपेश कुमार ने लिखित आवेदन देकर स्वीकार किया कि सड़े आम को लेकर गलतफहमी में विवाद बढ़ गया था। उन्होंने अपने बयान और वायरल वीडियो पर खेद जताते हुए माफी मांगी और कहा कि अब उन्हें कोई शिकायत नहीं है। डीएसपी ने इस मामले में पीएसआई प्रीतम कुमार को भविष्य में सतर्क रहने की चेतावनी दी है। साथ ही सभी पुलिसकर्मियों को आम जनता के साथ सौम्य व्यवहार बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।


