रितु लकड़ा । रांची3 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

मां के साथ सार्थक।
सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम में जब कॉपियां धुंधली दिखने और चेकिंग में गड़बड़ी की शिकायतें आईं, तो रांची के 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत ने सिर्फ शिकायत ही नहीं की, बल्कि सिस्टम की ही पोल खोल दी।
12वीं (2024-26 बैच) के इस छात्र ने सीबीएसई के 576 टेंडर दस्तावेजों को खंगाला और एक ब्लॉग के जरिए ओएसएम का ठेका देने की प्रक्रिया में हुई भारी अनियमितताओं को उजागर कर दिया।
सार्थक के इस खुलासे की गूंज संसद तक पहुंची। स्थायी समिति ने मामले पर संज्ञान लिया। इसके बाद सरकार को सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को पद से हटाना पड़ा।
कैसे ख्याल आया कि ओएसएम में गड़बड़ी हुई है? -निसर्ग अधिकारी जो खुद 12वीं का स्टूडेंट है, उसने इन गड़बड़ियों को अपने ब्लॉग में लिखा। जब निसर्ग अधिकारी ने मुझे अपना सारा ब्लॉग पोस्ट पढ़ाया तो मुझे लगा कि सीबीएसई ने ऐसे इनसिक्योर प्लेटफॉर्म को टेंडर क्यों दिया है? मैंने टेंडर्स के बारे में पता किया। सरकारी पोर्टल पर मुझे कोई टेंडर्स नहीं मिले, तो मैंने टेंडर एग्रीगेटर वेबसाइट से निकाला। रिसर्च किया तो गड़बड़ियों का पता चला। और मैंने अपने ब्लॉग पर पोस्ट किया। 12वीं में आपके मार्क्स कैसे थे? कम मार्क्स का शक कैसे हुआ? -मार्क्स ठीक-ठाक आए थे, लेकिन मैं थोड़ा सा डिसअपॉइंटेड था। इसके बाद मैंने रीइवैल्यूएशन के लिए अप्लाई किया था। मुझे लगा कि मार्क्स और आने चाहिए थे। मेरे सारे दोस्तों के मार्क्स के साथ यही समस्या थी, सभी को लग रहा था कि मार्क्स कम आए हैं।
संसदीय समिति के समक्ष आपने क्या प्रेजेंटेशन दिया? -मैंने टेंडर की शर्तों से जुड़ी 500 से अधिक पन्नों को पढ़कर जो निष्कर्ष निकाला था, उसे प्रेजेंटेशन में दिखाया। टेंडर में कई गड़बड़ियां दिखीं। उसकी डिटेलिंग करके बताया कि कोएम्ट कंपनी ने कैसे शर्तों का उल्लंघन किया।
राहुल गांधी से क्या बातचीत हुई? -ओएसएम पोर्टल के बारे में पूछा। टेंडर्स में मिली गलतियों के बारे में बिंदुवार जानकारी ली। कैसे और कहां-कहां गड़बड़ियां हुई है, इसकी डिटेल जानकारी उन्होंने ली।
क्या आपने सीबीएसई का साइट हैक करके सारी जानकारी ली थी? -नहीं, मैं एथिकल हैकर हूं, पहले भी बहुत सारी साइट हैक की है। लेकिन सीबीएसई की साइट को मैंने हैक नहीं किया। 12वीं के स्टूडेंट निसर्ग अधिकारी ने साइट हैक कर अपने ब्लॉग में पोस्ट किया, जिसके बाद मेरी जिज्ञासा बढ़ी और मैंने रिसर्च कर गड़बड़ी के साक्ष्य जुटाए।


