धनबाद-गया रेलखंड के परसाबाद रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को हटिया से पटना जा रही 18626 हटिया–पटना कोसी एक्सप्रेस के दो कोच के निचले हिस्से से अचानक धुआं उठने लगा। रेलवे कर्मियों की त्वरित सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोसी एक्सप्रेस जैसे ही परसाबाद स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-02 पर पहुंची, वहां मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने एक जनरल एवं एक स्लीपर कोच के नीचे से धुआं निकलते देखा। धुएं के स्रोत पर नियंत्रण पाया गया इसकी सूचना तत्काल स्टेशन प्रबंधन को दी गई। सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए संबंधित कोचों की जांच शुरू की गई और अग्निशमन यंत्रों की सहायता से धुएं के स्रोत पर नियंत्रण पाया गया। रेलवे की सक्रियता के कारण स्थिति गंभीर होने से पहले ही सामान्य कर ली गई। घटना के बाद सुरक्षा कारणों से ट्रेन को करीब आधे घंटे तक स्टेशन पर रोका गया। इस दौरान तकनीकी जांच की गई ताकि यात्रियों की सुरक्षा पर कोई खतरा न हो। ब्रेक वाइंडिंग के कारण चक्के से धुआं उठने लगा जांच पूरी होने के बाद ट्रेन को निर्धारित गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि या यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, धुआं निकलने के कारणों की जांच की जा रही है। हजारीबाग रोड स्टेशन के आरपीएफ प्रभारी बी एन कुमार ने बताया कि ब्रेक वाइंडिंग (चक्के में लगने वाले लेदर से बने ब्रेक के चक्के में सट जाने) के कारण चक्के से धुआं उठने लगा था। परसाबाद स्टेशन पर मौजूद आरपीएफ के जवानों की तत्परता के कारण इस पर जल्द नियंत्रण पा लिया गया और किसी प्रकार के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। प्रारंभिक स्तर पर तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। रेलवे की त्वरित प्रतिक्रिया और यात्रियों की सजगता के चलते एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई, जिससे यात्रियों ने राहत महसूस की।
परसाबाद स्टेशन पर ट्रेन से उठा धुआं:हटिया-पटना कोसी एक्सप्रेस में हुई घटना, दो कोच के निचले हिस्से से निकला धुआं
धनबाद-गया रेलखंड के परसाबाद रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को हटिया से पटना जा रही 18626 हटिया–पटना कोसी एक्सप्रेस के दो कोच के निचले हिस्से से अचानक धुआं उठने लगा। रेलवे कर्मियों की त्वरित सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोसी एक्सप्रेस जैसे ही परसाबाद स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-02 पर पहुंची, वहां मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने एक जनरल एवं एक स्लीपर कोच के नीचे से धुआं निकलते देखा। धुएं के स्रोत पर नियंत्रण पाया गया इसकी सूचना तत्काल स्टेशन प्रबंधन को दी गई। सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए संबंधित कोचों की जांच शुरू की गई और अग्निशमन यंत्रों की सहायता से धुएं के स्रोत पर नियंत्रण पाया गया। रेलवे की सक्रियता के कारण स्थिति गंभीर होने से पहले ही सामान्य कर ली गई। घटना के बाद सुरक्षा कारणों से ट्रेन को करीब आधे घंटे तक स्टेशन पर रोका गया। इस दौरान तकनीकी जांच की गई ताकि यात्रियों की सुरक्षा पर कोई खतरा न हो। ब्रेक वाइंडिंग के कारण चक्के से धुआं उठने लगा जांच पूरी होने के बाद ट्रेन को निर्धारित गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि या यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, धुआं निकलने के कारणों की जांच की जा रही है। हजारीबाग रोड स्टेशन के आरपीएफ प्रभारी बी एन कुमार ने बताया कि ब्रेक वाइंडिंग (चक्के में लगने वाले लेदर से बने ब्रेक के चक्के में सट जाने) के कारण चक्के से धुआं उठने लगा था। परसाबाद स्टेशन पर मौजूद आरपीएफ के जवानों की तत्परता के कारण इस पर जल्द नियंत्रण पा लिया गया और किसी प्रकार के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। प्रारंभिक स्तर पर तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। रेलवे की त्वरित प्रतिक्रिया और यात्रियों की सजगता के चलते एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई, जिससे यात्रियों ने राहत महसूस की।

