सरकार द्वारा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में कटौती किए जाने के बाद सियासी विवाद गहरा गया है। सरकार के इस फैसले के विरोध में लालू-राबड़ी परिवार ने पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड आवास पर तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया है। परिवार ने सुरक्षाकर्मियों को तत्काल आवास छोड़ने का निर्देश दिया, जिसके बाद वहां तैनात जवान बैरक में लौटे। इसके बाद राबड़ी आवास के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने की है। क्या है सुरक्षा कटौती का मामला? गृह विभाग द्वारा 4 जून को जारी अधिसूचना के तहत लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को मिली सर्वोच्च श्रेणी की जेड प्लस (Z+) सुरक्षा वापस ले ली गई है। सरकार ने इसके स्थान पर सामान्य वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत विशेष सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के अनुसार बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी) के 2 से 8 हाउस गार्ड, पटना जिला पुलिस के बॉडीगार्ड तथा एक बुलेटप्रूफ वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि लालू-राबड़ी परिवार ने इस नई व्यवस्था को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। तेज प्रताप यादव की सुरक्षा भी घटी सुरक्षा समीक्षा के फैसले का असर लालू परिवार के अन्य सदस्यों पर भी पड़ा है। पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की वाई (Y) श्रेणी की सुरक्षा समाप्त कर दी गई है और अब उन्हें केवल एक अंगरक्षक दिया गया है। हालांकि बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की वाई प्लस (Y+) सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं किया गया है और उनकी सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह जारी है। आवास को लेकर भी चल रहा विवाद सुरक्षा कटौती का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब लालू परिवार और राज्य सरकार के बीच सरकारी आवास को लेकर विवाद अपने चरम पर है। हाल ही में भवन निर्माण विभाग ने 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए लालू परिवार को 15 दिनों का नोटिस जारी किया था। सरकार ने राबड़ी देवी के नाम पर 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया है, लेकिन परिवार अभी तक वर्तमान आवास छोड़ने को तैयार नहीं है।
लालू-राबड़ी ने लौटाई सरकारी सुरक्षा:10 सर्कुलर रोड आवास पर तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस भेजा, फैसले पर सियासत गरमाई
सरकार द्वारा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में कटौती किए जाने के बाद सियासी विवाद गहरा गया है। सरकार के इस फैसले के विरोध में लालू-राबड़ी परिवार ने पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड आवास पर तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया है। परिवार ने सुरक्षाकर्मियों को तत्काल आवास छोड़ने का निर्देश दिया, जिसके बाद वहां तैनात जवान बैरक में लौटे। इसके बाद राबड़ी आवास के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने की है। क्या है सुरक्षा कटौती का मामला? गृह विभाग द्वारा 4 जून को जारी अधिसूचना के तहत लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को मिली सर्वोच्च श्रेणी की जेड प्लस (Z+) सुरक्षा वापस ले ली गई है। सरकार ने इसके स्थान पर सामान्य वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत विशेष सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के अनुसार बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी) के 2 से 8 हाउस गार्ड, पटना जिला पुलिस के बॉडीगार्ड तथा एक बुलेटप्रूफ वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि लालू-राबड़ी परिवार ने इस नई व्यवस्था को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। तेज प्रताप यादव की सुरक्षा भी घटी सुरक्षा समीक्षा के फैसले का असर लालू परिवार के अन्य सदस्यों पर भी पड़ा है। पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की वाई (Y) श्रेणी की सुरक्षा समाप्त कर दी गई है और अब उन्हें केवल एक अंगरक्षक दिया गया है। हालांकि बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की वाई प्लस (Y+) सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं किया गया है और उनकी सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह जारी है। आवास को लेकर भी चल रहा विवाद सुरक्षा कटौती का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब लालू परिवार और राज्य सरकार के बीच सरकारी आवास को लेकर विवाद अपने चरम पर है। हाल ही में भवन निर्माण विभाग ने 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए लालू परिवार को 15 दिनों का नोटिस जारी किया था। सरकार ने राबड़ी देवी के नाम पर 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया है, लेकिन परिवार अभी तक वर्तमान आवास छोड़ने को तैयार नहीं है।

