मोहनिया में कैमूर डेयरी का नया प्लांट राष्ट्रीय राजमार्ग 30 के पास बनाया जाएगा। वर्तमान में जर्जर भवन और एलपीजी आपूर्ति बाधित होने के कारण दूध पैकेजिंग का काम रुका हुआ है, जिससे डिहरी डेयरी से दूध के पैकेट मंगाए जा रहे हैं। नए भवन में शिफ्ट होने के बाद दूध पैकेट निर्माण का कार्य फिर से शुरू हो जाएगा। डेयरी का मौजूदा भवन काफी पुराना और जर्जर हो चुका है, जिससे दूध के पैकेट बनाने में लगातार बाधाएं आ रही हैं। एलपीजी आपूर्ति प्रभावित होने से पैकेजिंग कार्य बंद है। इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए मोहनिया राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे नए भवन निर्माण के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है। दूध की परिवहन लागत में भारी कमी आएगी
वर्तमान में कैमूर डेयरी प्रतिदिन लगभग 65 हजार लीटर दूध प्रसंस्करण के लिए अन्य संयंत्रों में भेज रही है। नया अत्याधुनिक संयंत्र चालू होने के बाद यह कार्य स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगा। इससे दूध की परिवहन लागत में भारी कमी आएगी और उत्पादन लागत घटने से उपभोक्ताओं तथा किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। नए प्लांट में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर दूध, दही, घी और पनीर का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाएगा। इससे क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। वार्षिक कारोबार लगभग 150 करोड़ रुपये
करीब 35 वर्ष पहले स्थापित कैमूर डेयरी आज शाहाबाद क्षेत्र के प्रमुख दुग्ध संस्थानों में से एक है, जिसका वार्षिक कारोबार लगभग 150 करोड़ रुपये है। इससे लगभग 550 दुग्ध समितियां जुड़ी हैं और 25 हजार दुग्ध उत्पादक किसान लाभान्वित हो रहे हैं। डेयरी में प्रतिदिन अधिकतम 80 हजार लीटर तक दूध का उठाव होता है। प्रशासन के इस निर्णय से क्षेत्र के पशुपालकों और किसानों में खुशी है।


