झारखंड के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के होनहार बच्चों के लिए आगे की पढ़ाई का रास्ता आसान होने जा रहा है। राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश जारी कर विद्या धन छात्रवृत्ति योजना का लाभ अधिक से अधिक छात्रों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। यह छात्रवृत्ति सरोजिनी दामोदरन फाउंडेशन द्वारा प्रदान की जा रही है। इसमें कहा है कि इस छात्रवृत्ति आवेदन और चयन से जुड़े सभी कार्य पूरी तरह से निशुल्क हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों तक इस योजना की जानकारी प्रसारित करें, ताकि कोई भी जरूरतमंद और मेधावी छात्र इस लाभ से वंचित न रहे। फाउंडेशन की ओर से दी जाने वाली इस छात्रवृत्ति के लिए बेहद पारदर्शी और कठोर चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। 10वीं कक्षा पास करने के बाद चयनित छात्रों को प्लस-टू (+2) की पढ़ाई के लिए ₹10,000 प्रति वर्ष (दो साल तक) दिए जाएंगे। इसके साथ ही, जो छात्र प्लस-टू में अच्छा प्रदर्शन जारी रखेंगे, उन्हें स्नातक (ग्रेजुएशन) और आगे की उच्च शिक्षा के लिए ₹20,000 से लेकर ₹75,000 प्रति वर्ष तक की बड़ी वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस छात्रवृति योजना के लिए छात्र के परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपए से कम होनी चाहिए। इसके लिए योग्यता वर्ष 2026 में 10वीं की परीक्षा सामान्य वर्ग के छात्रों ने न्यूनतम 75% अंकों के साथ और दिव्यांग छात्रों ने न्यूनतम 60% अंकों के साथ उत्तीर्ण की हो। इसमें योग्य छात्र आगामी 05 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे।
