नवादा में शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026 के तहत सोमवार को जिला स्तरीय कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्घाटन जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) भवन में जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने कार्यक्रम में कहा कि डिजिटल क्रांति के इस दौर में कृषि क्षेत्र में तेजी से बदलाव आ रहा है। किसानों को अब बिहार कृषि ऐप के माध्यम से सरकारी योजनाओं, अनुदान, प्रशिक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी आसानी से मिल रही है। उन्होंने जोर दिया कि डिजिटल माध्यमों से योजनाओं का लाभ किसानों तक अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा रहा है। डीएम ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 1 से 30 जून तक चलाए जा रहे “खेत बचाओ अभियान” का भी जिक्र किया। उन्होंने किसानों से मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरक का उपयोग करने और कृषि भूमि के कम-से-कम एक चौथाई हिस्से में प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। उनके अनुसार, इससे भूमि की उर्वरता बनी रहेगी और खेती की लागत भी कम होगी। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिले में 6.03 लाख से अधिक जमाबंदियों के आधार पर किसानों का फार्मर आईडी बनाया जाना है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 1.86 लाख लाभार्थियों में से अब तक 1.03 लाख किसानों का फार्मर आईडी तैयार किया जा चुका है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में खरीफ फसलों की उन्नत खेती, बीज प्रतिस्थापन, जल संरक्षण, कृषि यंत्रीकरण, पशुपालन और उद्यानिकी से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। किसानों को कृषि संबंधी सलाह और समस्याओं के समाधान के लिए टोल-फ्री नंबर 155261 का उपयोग करने के प्रति भी जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी, कृषि कर्मी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
नवादा में खरीफ महाभियान प्रशिक्षण:डिजिटल तकनीक से किसानों को मिलेगी जानकारी, कृषि ऐप से मिल रहा योजनाओं का लाभ
नवादा में शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026 के तहत सोमवार को जिला स्तरीय कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्घाटन जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) भवन में जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने कार्यक्रम में कहा कि डिजिटल क्रांति के इस दौर में कृषि क्षेत्र में तेजी से बदलाव आ रहा है। किसानों को अब बिहार कृषि ऐप के माध्यम से सरकारी योजनाओं, अनुदान, प्रशिक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी आसानी से मिल रही है। उन्होंने जोर दिया कि डिजिटल माध्यमों से योजनाओं का लाभ किसानों तक अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा रहा है। डीएम ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 1 से 30 जून तक चलाए जा रहे “खेत बचाओ अभियान” का भी जिक्र किया। उन्होंने किसानों से मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरक का उपयोग करने और कृषि भूमि के कम-से-कम एक चौथाई हिस्से में प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। उनके अनुसार, इससे भूमि की उर्वरता बनी रहेगी और खेती की लागत भी कम होगी। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिले में 6.03 लाख से अधिक जमाबंदियों के आधार पर किसानों का फार्मर आईडी बनाया जाना है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 1.86 लाख लाभार्थियों में से अब तक 1.03 लाख किसानों का फार्मर आईडी तैयार किया जा चुका है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में खरीफ फसलों की उन्नत खेती, बीज प्रतिस्थापन, जल संरक्षण, कृषि यंत्रीकरण, पशुपालन और उद्यानिकी से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। किसानों को कृषि संबंधी सलाह और समस्याओं के समाधान के लिए टोल-फ्री नंबर 155261 का उपयोग करने के प्रति भी जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी, कृषि कर्मी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

