धनबाद साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराधियों को बैंक खाते बेचने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पुराना बरवाअड्डा थाना के सामने स्थित कृष्णा इंटरनेट कैफे में छापेमारी कर तिसरा थाना क्षेत्र के मुकुन्दा निवासी संतोष कुमार गोराई को पकड़ा। डीएसपी सीसीआर प्रदीप कुमार साव ने सोमवार को बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने यह कार्रवाई की। आरोपी की तलाशी के दौरान उसके पास से एक मोबाइल फोन, छह सिम कार्ड और विभिन्न बैंकों के सात एटीएम कार्ड बरामद हुए। खातों को साइबर अपराधियों को 20 से 25 हजार रुपए में बेच देता था पुलिस पूछताछ में आरोपी संतोष कुमार गोराई ने स्वीकार किया कि वह लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। इसके लिए वह उन्हें पांच हजार रुपए तक देता था और खाते से जुड़े एटीएम कार्ड व मोबाइल नंबर अपने पास रख लेता था। बाद में इन खातों को साइबर अपराधियों को 20 से 25 हजार रुपए में बेच दिया जाता था। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से कई बैंक खातों और यूपीआई एप्लीकेशन से जुड़े स्क्रीनशॉट भी मिले हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इन खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर साइबर ठगी से संबंधित कई शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से अर्जित राशि के लेन-देन और निकासी के लिए किया जाता था। इस मामले में साइबर थाना धनबाद में कांड संख्या 32/2026 दर्ज की गई है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66(C) व 66(D) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
साइबर अपराधियों को बैंक खाते बेचने वाला गिरफ्तार:लोगों को लालच देकर खुलवाता था खाते, इंटरनेट कैफे पर छापेमारी कर पकड़ा गया
धनबाद साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराधियों को बैंक खाते बेचने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पुराना बरवाअड्डा थाना के सामने स्थित कृष्णा इंटरनेट कैफे में छापेमारी कर तिसरा थाना क्षेत्र के मुकुन्दा निवासी संतोष कुमार गोराई को पकड़ा। डीएसपी सीसीआर प्रदीप कुमार साव ने सोमवार को बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने यह कार्रवाई की। आरोपी की तलाशी के दौरान उसके पास से एक मोबाइल फोन, छह सिम कार्ड और विभिन्न बैंकों के सात एटीएम कार्ड बरामद हुए। खातों को साइबर अपराधियों को 20 से 25 हजार रुपए में बेच देता था पुलिस पूछताछ में आरोपी संतोष कुमार गोराई ने स्वीकार किया कि वह लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। इसके लिए वह उन्हें पांच हजार रुपए तक देता था और खाते से जुड़े एटीएम कार्ड व मोबाइल नंबर अपने पास रख लेता था। बाद में इन खातों को साइबर अपराधियों को 20 से 25 हजार रुपए में बेच दिया जाता था। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से कई बैंक खातों और यूपीआई एप्लीकेशन से जुड़े स्क्रीनशॉट भी मिले हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इन खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर साइबर ठगी से संबंधित कई शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से अर्जित राशि के लेन-देन और निकासी के लिए किया जाता था। इस मामले में साइबर थाना धनबाद में कांड संख्या 32/2026 दर्ज की गई है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66(C) व 66(D) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

