भास्कर न्यूज| सरायकेला आदित्यपुर भूमिज मुंडा समाज के तत्वावधान में रविवार को कुलपटांगा में “आदित्यपुर भूमिज मुंडा महापंचायत सह आदिवासी भूमि बचाओ सभा” का आयोजन किया गया। सभा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल थे। इस दौरान आदिवासी भूमि पर कथित अवैध कब्जे तथा प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ आवाज बुलंद की। सभा में राजू सरदार ने अपने पूर्वज मोती सरदार की जमीन से जुड़े विवाद का मामला उठाते हुए आरोप लगाया कि उनकी पुश्तैनी भूमि पर गैर-आदिवासियों द्वारा कब्जा कर बाउंड्री और मकान निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1964 से उनका परिवार उक्त भूमि पर खेती करते आ रहा है तथा उनके पास भूमि से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध हैं। राजू सरदार ने आरोप लगाया कि राजस्व अभिलेखों में गड़बड़ी कर जमीन को अन्य लोगों के नाम दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिला प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों को लिखित शिकायत भी दी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सभा को संबोधित करते हुए समाज के नेता लालबाबू सरदार ने कहा कि आदिवासियों की जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए छोटानागपुर काश्तकारी (सीएनटी) अधिनियम का सख्ती से पालन होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित मामले में जनप्रतिनिधियों द्वारा जांच के निर्देश दिए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। सभा में उपस्थित लोगों ने भूमि विवाद की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने तथा आदिवासी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो समाज आंदोलन को और तेज करेगा। इस दौरान पारंपरिक तीर-धनुष के साथ लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन भी किया।
आदित्यपुर में आदिवासी भूमि बचाओ सभा में जमीन पर कब्जे को लेकर जताया रोष, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
भास्कर न्यूज| सरायकेला आदित्यपुर भूमिज मुंडा समाज के तत्वावधान में रविवार को कुलपटांगा में “आदित्यपुर भूमिज मुंडा महापंचायत सह आदिवासी भूमि बचाओ सभा” का आयोजन किया गया। सभा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल थे। इस दौरान आदिवासी भूमि पर कथित अवैध कब्जे तथा प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ आवाज बुलंद की। सभा में राजू सरदार ने अपने पूर्वज मोती सरदार की जमीन से जुड़े विवाद का मामला उठाते हुए आरोप लगाया कि उनकी पुश्तैनी भूमि पर गैर-आदिवासियों द्वारा कब्जा कर बाउंड्री और मकान निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1964 से उनका परिवार उक्त भूमि पर खेती करते आ रहा है तथा उनके पास भूमि से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध हैं। राजू सरदार ने आरोप लगाया कि राजस्व अभिलेखों में गड़बड़ी कर जमीन को अन्य लोगों के नाम दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिला प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों को लिखित शिकायत भी दी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सभा को संबोधित करते हुए समाज के नेता लालबाबू सरदार ने कहा कि आदिवासियों की जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए छोटानागपुर काश्तकारी (सीएनटी) अधिनियम का सख्ती से पालन होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित मामले में जनप्रतिनिधियों द्वारा जांच के निर्देश दिए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। सभा में उपस्थित लोगों ने भूमि विवाद की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने तथा आदिवासी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो समाज आंदोलन को और तेज करेगा। इस दौरान पारंपरिक तीर-धनुष के साथ लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन भी किया।
