खास बातें
TMC Leader Jahangir Khan Office Vandalized: पश्चिम बंगाल में कानून का इकबाल बदलते ही ‘सिंडिकेट राज’ और जबरन वसूली करने वाले बाहुबलियों के बुरे दिन शुरू हो गये हैं. दक्षिण 24 परगना जिले के फालता से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बेहद रसूखदार और विवादित नेता जहांगीर खान की उत्तर बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तारी के बाद लोगों ने उसके दफ्तर पर हमला कर दिया.
टीएमसी नेता का जनविरोधी चेहरा बेनकाब
फालता के ‘वसूली किंग’ के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. जहांगीर के मुख्य कार्यालय पर धावा बोलकर उसे पूरी तरह तहस-नहस कर दिया. तोड़फोड़ के दौरान कार्यालय के भीतर से गरीबों के हक की राहत सामग्री का एक बड़ा गुप्त भंडार मिला है, जिससे टीएमसी नेता का जनविरोधी चेहरा बेनकाब हो गया.
बॉर्डर पर दबोचा गया भगोड़ा नेता
जहांगीर खान के खिलाफ कानून का शिकंजा बीते कई दिनों से लगातार कस रहा था. आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जहांगीर को सुरक्षा एजेंसियों की मदद से दबोचा गया है. वह भेष बदलकर सीमा पार करने की कोशिश कर रहा था. कलकत्ता हाईकोर्ट ने जहांगीर खान की आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए गिरफ्तारी से दी गयी अंतरिम सुरक्षा 26 मई को वापस ले ली थी. इसके बाद वह फरार हो गया.
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फालता के टीएमसी नेता पर दर्ज हैं 7 गंभीर मामले
फालता थाने में जहांगीर खान के खिलाफ रंगदारी, जबरन वसूली, जमीन कब्जाने और मारपीट सहित कुल 7 संगीन एफआईआर (FIR) पहले से ही दर्ज हैं. सभी केस की जांच अब तेज कर दी गयी है.
फालते के पुष्पा के दफ्तर को कर दिया तहस-नहस
जहांगीर की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही इलाके की उग्र भीड़ ने सीधे उसके वीआईपी कार्यालय पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया. खिड़कियों के सारे शीशे चकनाचूर कर दिये. कमरों में रखे कीमती फर्नीचर, कंप्यूटर और फाइलों को पूरी तरह नष्ट कर दिया.
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राहत सामग्री का पैकेट देख भड़का आक्रोश
तोड़फोड़ के दौरान कार्यालय के गुप्त कमरों के अंदर कथित तौर पर सरकारी और गैर-सरकारी राहत सामग्री के सैकड़ों सीलबंद पैकेट मिले. इसे देखकर ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. स्थानीय लोगों ने जहांगीर और उसके करीबियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि चक्रवात और आपदाओं के समय जरूरतमंदों में मुफ्त वितरण के लिए आयी राहत सामग्री को इस टीएमसी नेता ने अपने दफ्तर में अवैध रूप से रोककर रखा था और इसे ऊंचे दामों पर सिंडिकेट के जरिए बाजार में बेचा जा रहा था.
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चुनाव से पहले किया था सरेंडर, ईवीएम में चौथे नंबर पर रहे जहांगीर
जहांगीर खान 21 मई को फालता में हुए पुनर्मतदान में चुनावी रेस में बुरी तरह पिछड़कर चौथे स्थान पर रहे थे. हालांकि, अपनी तय हार और जनता के भारी आक्रोश को भांपते हुए जहांगीर खान ने मतदान से कुछ दिन पहले ही सार्वजनिक रूप से चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर दी थी. लेकिन तकनीकी रूप से नाम वापस लेने की आधिकारिक समय-सीमा समाप्त होने की वजह से उनका नाम और चुनाव चिह्न ईवीएम (EVM) मशीन में शामिल रहा, जहां जनता ने उन्हें पूरी तरह से नकार दिया.
TMC Leader Jahangir Khan Office Vandalized: पुलिस तैनात, राहत सामग्री की होगी जांच
घटना की सूचना मिलते ही फालता थाना पुलिस टुकड़ी मौके पर पहुंची. पुलिस ने उग्र भीड़ को शांत कराकर कार्यालय को अपने नियंत्रण में ले लिया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दफ्तर में हुई तोड़फोड़ और वहां से बरामद हुई राहत सामग्री के इस नये मामले की भी गहनता से जांच की जायेगी.
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