भागलपुर में ई-रिक्शा चालक ने ट्रैफिक सिपाही पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। मंगलवार को वह सवारी लेकर तिलकामांझी चौक पहुंचे थे। सिग्नल बंद होने के कारण चौक स्थित सुधा डेयरी के पास वह सवारी उतारने लगे। आरोप है कि तभी वहां पहुंचे दो सिपाहियों ने ई-रिक्शा पर पहले से फाइन होने की बात कहकर दो हजार की मांग की। रुपये नहीं देने पर सिपाही ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह घायल हो गया। मामले की जानकारी तिलकामांझी चौक पर तैनात अधिकारियों को दी गई। अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया गया। ई-रिक्शा चालक मनोज ने बताया कि वह डेयरी के पास सवारी उतार रहा था। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी वहां पहुंचा और उसकी गाड़ी की चाबी छीन ली। मनोज ने आगे कहा पुलिसकर्मी ने उससे कहा कि पहले उसका चालान काटा गया है और दो हजार देने होंगे। इस पर उसने मोबाइल में मौजूद चालान की रसीद दिखाई, लेकिन इसके बावजूद पुलिसकर्मी ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। गाली देने के साथ अभद्र व्यवहार करने का लगाया आरोप मनोज कुमार ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी ने उसके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार भी किया। उसने बताया कि मौके पर मौजूद सवारियों ने भी पुलिसकर्मी का विरोध करते हुए कहा कि किसी को मारने का अधिकार नहीं है और बिना वजह उसके साथ मारपीट क्यों की जा रही है। सवारियों के विरोध के बाद दोनों पुलिसकर्मी वहां से चले गए। मनोज कुमार ने अपने शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए बताया कि उसके पैर, हाथ और गाल पर चोट पहुंची है। उसने कहा कि उसकी कोई गलती नहीं थी। सड़क पर वाहनों की गाड़ी लगी हुई थी और वह भी अन्य गाड़ी के पीछे अपनी गाड़ी रोककर खड़ा था। वह इस मामले में संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा और प्राथमिकी दर्ज कराएगा। मामले पर ट्रैफिक डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि तिलकामांझी चौक के पास सिग्नल बंद है। ई-रिक्शा चालक सुधा डेयरी के पास सवारी उतार रहा था, जिसके कारण जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। इसके बाद वहां तैनात दो सिपाही उसे हटाने के लिए गए थे। उन्होंने पैसा लेने और मारपीट के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि मामला पूरी तरह शांत है।
ई-रिक्शा ड्राइवर ने ट्रैफिक सिपाही पर मारपीट का लगाया आरोप:भागलपुर में चालक बोला- चालान पेडिंग होने की बात कह कर पिटाई; डीएसपी बोले- आरोप गलत है
भागलपुर में ई-रिक्शा चालक ने ट्रैफिक सिपाही पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। मंगलवार को वह सवारी लेकर तिलकामांझी चौक पहुंचे थे। सिग्नल बंद होने के कारण चौक स्थित सुधा डेयरी के पास वह सवारी उतारने लगे। आरोप है कि तभी वहां पहुंचे दो सिपाहियों ने ई-रिक्शा पर पहले से फाइन होने की बात कहकर दो हजार की मांग की। रुपये नहीं देने पर सिपाही ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह घायल हो गया। मामले की जानकारी तिलकामांझी चौक पर तैनात अधिकारियों को दी गई। अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया गया। ई-रिक्शा चालक मनोज ने बताया कि वह डेयरी के पास सवारी उतार रहा था। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी वहां पहुंचा और उसकी गाड़ी की चाबी छीन ली। मनोज ने आगे कहा पुलिसकर्मी ने उससे कहा कि पहले उसका चालान काटा गया है और दो हजार देने होंगे। इस पर उसने मोबाइल में मौजूद चालान की रसीद दिखाई, लेकिन इसके बावजूद पुलिसकर्मी ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। गाली देने के साथ अभद्र व्यवहार करने का लगाया आरोप मनोज कुमार ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी ने उसके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार भी किया। उसने बताया कि मौके पर मौजूद सवारियों ने भी पुलिसकर्मी का विरोध करते हुए कहा कि किसी को मारने का अधिकार नहीं है और बिना वजह उसके साथ मारपीट क्यों की जा रही है। सवारियों के विरोध के बाद दोनों पुलिसकर्मी वहां से चले गए। मनोज कुमार ने अपने शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए बताया कि उसके पैर, हाथ और गाल पर चोट पहुंची है। उसने कहा कि उसकी कोई गलती नहीं थी। सड़क पर वाहनों की गाड़ी लगी हुई थी और वह भी अन्य गाड़ी के पीछे अपनी गाड़ी रोककर खड़ा था। वह इस मामले में संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा और प्राथमिकी दर्ज कराएगा। मामले पर ट्रैफिक डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि तिलकामांझी चौक के पास सिग्नल बंद है। ई-रिक्शा चालक सुधा डेयरी के पास सवारी उतार रहा था, जिसके कारण जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। इसके बाद वहां तैनात दो सिपाही उसे हटाने के लिए गए थे। उन्होंने पैसा लेने और मारपीट के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि मामला पूरी तरह शांत है।

