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कटिहार, 27 जुलाई। जिले में चल रही विकासात्मक और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित एनआईसी कक्ष में हुई। इसमें जिला स्तरीय समन्वय समिति और प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (PMG) के सदस्यों ने विभिन्न विभागों की परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। जिला पदाधिकारी ने विकासात्मक, बुनियादी ढांचा, भू-अर्जन, सड़क, पुल, विद्युत आपूर्ति और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का आकलन किया। उन्होंने सभी कार्यपालक अभियंताओं और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी की जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि भूमि विवाद या स्थानीय बाधाओं का समाधान संबंधित विभागों के आपसी समन्वय से त्वरित रूप से किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। बैठक में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति एवं युवा, खेल, परिवहन, मद्य निषेध, नगर निगम, श्रम संसाधन, पथ निर्माण प्रमंडल, ग्रामीण पथ प्रमंडल और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल सहित अन्य विभागों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को लंबित भूमि उपलब्धता और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) से संबंधित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य विकास परियोजनाओं में होने वाली देरी को रोकना है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। डीएम ने उन्हें कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से जीवन प्रमाणीकरण (Life Certificate) की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का समय पर लाभ मिल सके। बैठक में अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त कटिहार सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी अधिकारियों से विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा जनहित से जुड़े प्रत्येक कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया।


