पूर्णिया पूर्व प्रखंड के महाराजपुर पंचायत के वार्ड संख्या-3 में जमीन विवाद को लेकर एक महिला का पक्का मकान और दुकान जबरन तोड़ने का गंभीर मामला सामने आया है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है। पीड़ित महिला बीबी शहराना ने मुफस्सिल थाना में आवेदन दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति ने अपने हिस्से की 18 डिसमिल जमीन उनके नाम रजिस्ट्री की थी। इस जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया पूर्णिया पूर्व अंचल कार्यालय में चल रही है। शहराना के अनुसार, इसी जमीन पर उनका पक्का मकान और दुकान बना हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ लोगों ने जबरन उनके घर और दुकान को तोड़ दिया और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। अंचलाधिकारी की जांच के दौरान ग्रामीणों का विरोध, तनावपूर्ण स्थिति मामले की जानकारी मिलने पर अंचलाधिकारी संजीव कुमार घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंचे। जांच के दौरान कुछ ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अंचलाधिकारी ने पीड़ित महिला और उनके पति को अपनी गाड़ी में सुरक्षित मुफस्सिल थाना पहुंचाया। इसके बाद पीड़ित पक्ष की शिकायत पर गांव के कई लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई। कब्रिस्तान की जमीन को लेकर आरोप-प्रत्यारोप, पुलिस जांच में जुटी दूसरी ओर, ग्रामीण विंदेश्वरी सिंह, मो. मोतिउर रहमान, मो. जलालुद्दीन, मो. आजीम और मो. नसीम सहित अन्य ग्रामीणों ने अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि विवादित भूमि (खाता संख्या-706 एवं खेसरा संख्या-1587) पूर्व में ग्रामीण पंचनामा के आधार पर कब्रिस्तान कमेटी को हस्तांतरित की गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि महबूब आलम (पीड़ित महिला के पति) पहले कब्रिस्तान के रास्ते के लिए दुकान हटाने पर सहमत थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपना रुख बदल लिया। हालांकि, महबूब आलम ने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनकी पत्नी को बंधक बनाया गया था और अब उन्हें गांव छोड़कर बाहर रहना पड़ रहा है। अंचलाधिकारी संजीव कुमार ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में कानून को अपने हाथ में लेना उचित नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसी ने जबरन दुकान और मकान तोड़ा है, तो यह पूरी तरह गैरकानूनी है। मुफस्सिल थानाध्यक्ष सुदीन राम ने बताया कि पीड़ित पक्ष के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
जमीन विवाद में महिला का मकान-दुकान तोड़ा:महाराजपुर पंचायत में अंचलाधिकारी की जांच के दौरान ग्रामीणों का विरोध, FIR दर्ज
पूर्णिया पूर्व प्रखंड के महाराजपुर पंचायत के वार्ड संख्या-3 में जमीन विवाद को लेकर एक महिला का पक्का मकान और दुकान जबरन तोड़ने का गंभीर मामला सामने आया है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है। पीड़ित महिला बीबी शहराना ने मुफस्सिल थाना में आवेदन दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति ने अपने हिस्से की 18 डिसमिल जमीन उनके नाम रजिस्ट्री की थी। इस जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया पूर्णिया पूर्व अंचल कार्यालय में चल रही है। शहराना के अनुसार, इसी जमीन पर उनका पक्का मकान और दुकान बना हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ लोगों ने जबरन उनके घर और दुकान को तोड़ दिया और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। अंचलाधिकारी की जांच के दौरान ग्रामीणों का विरोध, तनावपूर्ण स्थिति मामले की जानकारी मिलने पर अंचलाधिकारी संजीव कुमार घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंचे। जांच के दौरान कुछ ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अंचलाधिकारी ने पीड़ित महिला और उनके पति को अपनी गाड़ी में सुरक्षित मुफस्सिल थाना पहुंचाया। इसके बाद पीड़ित पक्ष की शिकायत पर गांव के कई लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई। कब्रिस्तान की जमीन को लेकर आरोप-प्रत्यारोप, पुलिस जांच में जुटी दूसरी ओर, ग्रामीण विंदेश्वरी सिंह, मो. मोतिउर रहमान, मो. जलालुद्दीन, मो. आजीम और मो. नसीम सहित अन्य ग्रामीणों ने अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि विवादित भूमि (खाता संख्या-706 एवं खेसरा संख्या-1587) पूर्व में ग्रामीण पंचनामा के आधार पर कब्रिस्तान कमेटी को हस्तांतरित की गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि महबूब आलम (पीड़ित महिला के पति) पहले कब्रिस्तान के रास्ते के लिए दुकान हटाने पर सहमत थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपना रुख बदल लिया। हालांकि, महबूब आलम ने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनकी पत्नी को बंधक बनाया गया था और अब उन्हें गांव छोड़कर बाहर रहना पड़ रहा है। अंचलाधिकारी संजीव कुमार ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में कानून को अपने हाथ में लेना उचित नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसी ने जबरन दुकान और मकान तोड़ा है, तो यह पूरी तरह गैरकानूनी है। मुफस्सिल थानाध्यक्ष सुदीन राम ने बताया कि पीड़ित पक्ष के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

